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डेढ़ करोड़ की लूट फर्जी तो नहीं, अब मालिक भी आया शक के घेरे में

Sun, 21 Jan 2018 09:33 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 21 Jan 2018 09:33 AM IST
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chandigarh sector 33 loot, now doubt on owner
Chandigarh robbery - फोटो : File Photo
सेक्टर-33 में 9 जनवरी की रात कोल्ड स्टोर के मालिक अजीत जैन के घर हुई डेढ़ करोड़ की लूट के मामले में एक और खुलासा हुआ है। पंजाब नेशनल बैंक ने अजीत जैन को नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने 18.8 करोड़ का कर्ज 60 दिन के भीतर नहीं चुकाया तो बैंक उनकी प्रॉपर्टी सील कर देगा।
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बैंक ने नोटिस जैन के घर, फेज-1 स्थित इंडस्ट्रियल प्लॉट और डेराबस्सी स्थित कोल्ड स्टोरेज पर चस्पा किए हैं। नोटिस चस्पा होने के बाद जांच में जुटी पुलिस के शक की सूई अब अजीत जैन की ओर भी घूम गई है। पुलिस को शक है कि कहीं कर्ज चुकाने से बचने के लिए जैन ने फर्जी लूट की साजिश तो नहीं रची क्योंकि करीब डेढ़ साल पहले सेक्टर-17 में फॉरएवर डायमंड में भी ऐसी ही वारदात हुई थी जो बाद में पुलिस की जांच में फर्जी निकली थी। 
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नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर चंडीगढ़ पुलिस और पीएनबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि डेराबस्सी के पास गांव जुआला खुर्द स्थित एमएस गुडविन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड कोल्ड स्टोर के तीनों मालिकों अजीत जैन, पत्नी रितू जैन, उनके बेटे आकाश जैन ने सेक्टर-22 स्थित पंजाब नेशनल बैंक से करीब 18.08 करोड़ बैंक से कर्ज लिया था। इसके लिए उन्होंने बैंक में अपनी तीन अचल संपत्तियां गिरवी रखी हैं। पीएनबी ने इन तीनों के नाम पर 22 जून 2017 को डिमांड नोटिस जारी करते हुए अगले 60 दिन के अंदर बैंक को 18.08 करोड़ रुपये ब्याज सहित जमा कराने के लिए कहा था लेकिन अजीत जैन बैंक को समय पर लोन के पैसे नहीं लौटा सके।
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पुलिस और बैंक के अधिकारियों को अंदेशा है कि अजीत जैन, रितू जैन और आकाश जैन ने बैंक  का कर्ज अदा न कर पाने की स्थिति से निपटने के लिए हो सकता है कि यह सारा ड्रामा रचा हो। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस भी अब तक इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की अब तक कि जांच में किसी घर के ही व्यक्ति के वारदात में शामिल होने का अंदेशा है क्योंकि जिस तरह से क्राइम सीन हुआ और घर के लोगों का मौके से उसी समय जाना संदेहात्मक है।

बहु की ज्वैलरी को घर से कहीं और रखवाने का अंदेशा 

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Chandigarh robbery - फोटो : File Photo
बहु की ज्वैलरी को घर से कहीं और रखवाने का अंदेशा 
पुलिस की जांच में इस बात का पता चला है कि वारदात से पहले घरवालों ने बहू की ज्वैलरी को घर से कहीं और रखवाया था। पुलिस को अब इस बाद का शक है कि जिस ज्वैलरी के लूटे जाने की बात कही जा रही हो हो सकता है वह भी पहले ही गायब करवा दी गई हो। फिलहाल पुलिस के पास इसके पुख्ता सुबूत नहीं हैं, लेकिन इसकी जांच की जा रही है। वहीं नोटिस के बाद अब पुलिस भी यह जांच कर रही है कि जैन के लोन में गारंटर कौन था।

पीएनबी ने जैन की सभी संपत्तियों पर चस्पा किए नोटिस
सेक्टर-22बी स्थित पीएनबी शाखा ने शनिवार 20 जनवरी को सेक्टर-33ए की कोठी नंबर 180 के मालिक अजीत जैन व दो पार्टनर के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए उनकी तीन संपत्तियों पर लोन न चुकाने पर उन्हें सील करने के नोटिस चस्पा किए हैं। पीएनबी ने नोटिस जारी करते हुए कोल्ड स्टोर के मालिक अजीत जैन की तीन अचल संपत्ति को 60 दिन में लोन न चुकाने पर प्रतीकात्मक कब्जे में लेने की चेतावनी दी है। इन संपत्तियों में चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित 10277.7 स्कवेयर यार्ड के प्लाट नंबर-361 पर पजेेशन नोटिस लगा दिया है। यह प्लाट अजीत जैन के नाम है।

इसके अलावा बैंक ने पंजाब के डेराबस्सी के गांव जुआला खुर्द स्थित एमएस गुडविन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड और जुआला खुर्द में ही करीब 20 बीघा के प्लाट जो कि खेवात नंबर-24, खतौनी नंबर-28 और खसरा नंबर-927(4-0), 929 (4-0), 939 (4-0), 933 (4-0), 936(4-0) पर भी पजेशन नोटिस चस्पा किया है। पीएनबी ने यह आग्रह किया है कि कोई भी शख्स इन तीनों संपत्ति से किसी भी प्रकार की डील न करे, क्योंकि इन तीनों संपत्तियों के मालिक पर पीएनबी का 18 करोड़ 8 लाख 80 हजार 230 रुपये 12 पैसे का कर्ज है।

आत्महत्या या मर्डर

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Chandigarh robbery - फोटो : File Photo
सेक्शन 13 (4) के तहत पजेशन नोटिस जारी
सेक्टर-22 बी पीएनबी ने सेक्शन 13(4) रूल 8 के तहत 20 जनवरी 2018 को पजेशन नोटिस जारी करते हुए तीनों संपत्ति पर प्रतीकात्मक कब्जा ले लिया है। पीएनबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताए जाने की शर्त पर बताया कि जिन संपत्ति को बैंक ने प्रतीकात्मक कब्जा लिया है, उन सभी पर  मालिकों ने बैंक से कर्ज लिया है। बैंक के अधिकारी ने बताया कि इन तीनों संपत्ति पर प्रतीकात्मक कब्जा इसलिए किया गया है, क्योंकि मालिक बैंक से लिए गए पैसे समय पर नहीं दे पाए।

आत्महत्या या मर्डर
बैंक की इस कार्रवाई और जीआरपी द्वारा अजीत जैन के खिलाफ ड्राइवर अविनाश यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करने के बाद अब सवाल यह है कि क्या वाकई में अविनाश यादव ने सुसाइड किया है या उसका मर्डर हुआ है? थाना पुलिस के अनुसार उन्होंने यादव को कभी टार्चर ही नहीं किया और उससे हमेशा रुटीन के सवाल पूछे तो ऐसे में उसके इस कदम से पुलिस भी अचंभित है। फिलहाल अब पुलिस सभी एंगलों पर मामले की जांच कर रही है। 
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