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चंडीगढ़ की रैंकिंग में गिरावट की एमओएच पर गिरी गाज, वापस पंजाब भेजा, चार्जशीट के अनुशंसा
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चंडीगढ़। स्वच्छ सर्वेक्षण हुई किरकिरी के बाद अब कार्रवाई शुरू हो गई है। पहली गाज एमओएच डॉ. अमृतपाल वडिंग पर गिरी है। प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के आदेश पर वडिंग को तत्काल प्रभाव से चंडीगढ़ से कार्यमुक्त कर उनके मूल कैडर पंजाब भेज दिया गया है। साथ ही घर-घर से कचरा लेने वाली गाड़ियों के चालकों की भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर पंजाब स्वास्थ्य विभाग से वडिंग के खिलाफ चार्जशीट करने की अनुशंसा भी की गई है। आदेश में साफ लिखा गया है कि भविष्य में डॉ. वडिंग को कभी चंडीगढ़ में किसी पद पर न भेजा जाए।
बता दें कि हाल ही में जारी स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में चंडीगढ़ देशभर में 66वें स्थान पर आया है। इससे काफी किरकिरी हो रही है। मामले में चारों ओर से घिरे अधिकारियों ने सोमवार को सख्त निर्णय लेते हुए इस स्थिति के लिए एमओएच वडिंग को जिम्मेदार ठहराया। निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा की अनुशंसा पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर सख्त निर्णय लेते हुए प्रशासक ने एमओएच पर कार्रवाई करने को कह दिया।
मिनट्स तैयार, लायंस मामले की भी होगी जांच
रिपोर्ट में बताया गया है कि एमओएच ने सदन के फैसले के बावजूद दक्षिण सेक्टरों में सफाई का नया टेंडर नहीं किया, जबकि वहां पहले से काम कर रही लायंस कंपनी का टेंडर नवंबर में खत्म होना था। अचानक से निगम नया टेंडर लगा नहीं सकता था, इस कारण लायंस का टेंडर आगे बढ़ाना पड़ा। इस लापरवाही के कारण निगम को 16.50 करोड़ का नुकसान हुआ। मामले में सदन की बैठक के मिनट्स जल्द प्रशासक के पास पहुंच जाएंगे। सदन ने इस मामले में भी प्रशासक से जांच कराने की मांग की है, इसलिए इस मामले में भी एमओएच के खिलाफ जांच शुरू होगी।
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चालक भर्ती प्रक्रिया में भी लापरवाही का आरोप
घरों से कचरा उठाने वाली 96 गाड़ियां अब भी स्टोर में खड़ी हैं। उनके लिए चालकों की भर्ती करनी थी। 27 अक्तूबर 2021 को चालकों की भर्ती का टेंडर भी खुल गया। इस बीच आयुक्त ने कई बार एमओएच से भर्ती प्रक्रिया के बारे में भी पूछा। एमओएच ने उनको बताया कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अब कुछ दिन पहले एमओएच ने आयुक्त से कहा कि चालकों की भर्ती के लिए कमेटी बना दें। इस पर आयुक्त ने एमओएच को चार्जशीट करने के लिए मूल कैडर को पत्र लिख दिया। इस पत्र भी प्रशासक की सहमति हो गई है।
आचार संहिता लागू, नए एमओएच को लेकर फंसेगा पेेंच
सोमवार से शहर में आचार संहिता लागू हो गई है। अब नए अधिकारी को चंडीगढ़ लाने में पेंच फंसेगा। निगम में पहले ही अधिकारियों की कमी है। अतिरिक्त आयुक्त तिलकराज हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। संयुक्त आयुक्त रोहित गुप्ता को निगम से कार्यमुक्त कर दिया गया है। एचसीएस राजीव प्रसाद ने अभी ज्वाइन किया है। ऐसे में सफाई व्यवस्था को संभालना निगम के लिए मुश्किल होगा।
--कोट--
चंडीगढ़ स्वच्छता अभियान में चंडीगढ़ बुरी तरह पिछड़ गया है। इसके लिए एमओएच को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें वापस उनके मूल कैडर भेज दिया गया है। इसके अलावा निगम से रिपोर्ट मांगी गई है। अगर मामले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएगा तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक
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बता दें कि हाल ही में जारी स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में चंडीगढ़ देशभर में 66वें स्थान पर आया है। इससे काफी किरकिरी हो रही है। मामले में चारों ओर से घिरे अधिकारियों ने सोमवार को सख्त निर्णय लेते हुए इस स्थिति के लिए एमओएच वडिंग को जिम्मेदार ठहराया। निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा की अनुशंसा पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर सख्त निर्णय लेते हुए प्रशासक ने एमओएच पर कार्रवाई करने को कह दिया।
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मिनट्स तैयार, लायंस मामले की भी होगी जांच
रिपोर्ट में बताया गया है कि एमओएच ने सदन के फैसले के बावजूद दक्षिण सेक्टरों में सफाई का नया टेंडर नहीं किया, जबकि वहां पहले से काम कर रही लायंस कंपनी का टेंडर नवंबर में खत्म होना था। अचानक से निगम नया टेंडर लगा नहीं सकता था, इस कारण लायंस का टेंडर आगे बढ़ाना पड़ा। इस लापरवाही के कारण निगम को 16.50 करोड़ का नुकसान हुआ। मामले में सदन की बैठक के मिनट्स जल्द प्रशासक के पास पहुंच जाएंगे। सदन ने इस मामले में भी प्रशासक से जांच कराने की मांग की है, इसलिए इस मामले में भी एमओएच के खिलाफ जांच शुरू होगी।
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चालक भर्ती प्रक्रिया में भी लापरवाही का आरोप
घरों से कचरा उठाने वाली 96 गाड़ियां अब भी स्टोर में खड़ी हैं। उनके लिए चालकों की भर्ती करनी थी। 27 अक्तूबर 2021 को चालकों की भर्ती का टेंडर भी खुल गया। इस बीच आयुक्त ने कई बार एमओएच से भर्ती प्रक्रिया के बारे में भी पूछा। एमओएच ने उनको बताया कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अब कुछ दिन पहले एमओएच ने आयुक्त से कहा कि चालकों की भर्ती के लिए कमेटी बना दें। इस पर आयुक्त ने एमओएच को चार्जशीट करने के लिए मूल कैडर को पत्र लिख दिया। इस पत्र भी प्रशासक की सहमति हो गई है।
आचार संहिता लागू, नए एमओएच को लेकर फंसेगा पेेंच
सोमवार से शहर में आचार संहिता लागू हो गई है। अब नए अधिकारी को चंडीगढ़ लाने में पेंच फंसेगा। निगम में पहले ही अधिकारियों की कमी है। अतिरिक्त आयुक्त तिलकराज हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। संयुक्त आयुक्त रोहित गुप्ता को निगम से कार्यमुक्त कर दिया गया है। एचसीएस राजीव प्रसाद ने अभी ज्वाइन किया है। ऐसे में सफाई व्यवस्था को संभालना निगम के लिए मुश्किल होगा।
--कोट--
चंडीगढ़ स्वच्छता अभियान में चंडीगढ़ बुरी तरह पिछड़ गया है। इसके लिए एमओएच को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें वापस उनके मूल कैडर भेज दिया गया है। इसके अलावा निगम से रिपोर्ट मांगी गई है। अगर मामले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएगा तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक