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आरएलए कर्मी गिरफ्तार, फर्जी कागजातों के आधार पर ऐसे बनवा देता था आरसी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:33 AM IST
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RLA worker arrested
- फोटो : Amar Ujala
फर्जी कागजात के आधार पर लग्जरी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन मामले में विजिलेंस ने बुधवार को एक आरएलए कर्मचारी विनोद कुमार को गिरफ्तार किया है। सेक्टर-29 निवासी विनोद आरएलए में बतौर डाटा ऑपरेटर काम करता है। विजिलेंस ने उसे अदालत में पेश कर उसका एक दिन का रिमांड हासिल किया है।
सूत्रों के अनुसार विनोद इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 ब्रांच में तैनात था। विनोद का काम सभी दस्तावेजों की जांच कर उन्हें आगे बढ़ाने का था। विनोद पर आरोप है कि उसने फर्जी कागजात के आधार पर लग्जरी कारों के रजिस्ट्र्रेशन के मामले बिना जांच किए आगे बढ़ा दिए। इसमें उसकी मिलीभगत सामने आई है। इसके अलावा आरोप है कि वह लोकल एजेंट्स को फर्जी दस्तावेज के आधार पर चंडीगढ़ से रजिस्टर्ड वाहन दिलवाने में मदद करता था।
विजिलेंस के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार विनोद का काम आरएलए में रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले दसतावेजों की जांच करना होता था। जांच में सामने आया कि उसने कई वाहनों के कागजात को बिना जांच किए पास करा दिया। उस पर एजेंट्स की मदद करने का भी आरोप है। इसमें विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत भी शामिल है। फिलहाल उससे रिमांड में इस धोखाधड़ी में शामिल कर्मचारियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार विनोद इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 ब्रांच में तैनात था। विनोद का काम सभी दस्तावेजों की जांच कर उन्हें आगे बढ़ाने का था। विनोद पर आरोप है कि उसने फर्जी कागजात के आधार पर लग्जरी कारों के रजिस्ट्र्रेशन के मामले बिना जांच किए आगे बढ़ा दिए। इसमें उसकी मिलीभगत सामने आई है। इसके अलावा आरोप है कि वह लोकल एजेंट्स को फर्जी दस्तावेज के आधार पर चंडीगढ़ से रजिस्टर्ड वाहन दिलवाने में मदद करता था।
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विजिलेंस के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार विनोद का काम आरएलए में रजिस्ट्रेशन के लिए आने वाले दसतावेजों की जांच करना होता था। जांच में सामने आया कि उसने कई वाहनों के कागजात को बिना जांच किए पास करा दिया। उस पर एजेंट्स की मदद करने का भी आरोप है। इसमें विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत भी शामिल है। फिलहाल उससे रिमांड में इस धोखाधड़ी में शामिल कर्मचारियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
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