फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh RLA Office, Blood relative Allowed to register

अब ब्लड रिलेशन वालों को ही रजिस्ट्रेशन करवाने की अनुमति

Thu, 19 Jan 2017 01:07 AM IST
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 19 Jan 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh RLA Office, Blood relative Allowed to register
RLA Chandigarh - फोटो : File Photo
रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) में अब गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ब्लड रिलेशन होना जरूरी है।  गाड़ियों के  रजिस्ट्रेशन के लिए गाड़ी मालिक का अथॉरिटी लेटर नहीं माना जा रहा है। आरएलए की ओर ये यह नियम लागू किया गया है। 
विज्ञापन


 नवंबर में आरएलए की ओर से गलत तरीके से गाड़ियाें की आरसी बनवाने का मामला सामने आया। इस गड़बड़ी की जांच चंडीगढ़ विजलेंस विभाग की ओर से की जा रही है। आरएलए कीे ओर से ब्लड रिलेशन में ही रजिस्ट्रेशन फाइल जमा की जा रही है। अब गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अथॉरिटी लेटर मान्य नहीं है। गाड़ी मालिक को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए खुद आना होगा या ब्लड रिलेशन में ही रजिस्ट्रेशन की फाइल जमा हो रही है।
विज्ञापन


अगर  दूसरे लोग रजिस्ट्रेशन कराने आएंगे तो यह फाइल जमा नहीं ली जाएगी।  आरएलए की ओर से वर्ष 2016 सितंबर में टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। टोकन सिस्टम से ही इसके लिए लोग फाइल तैयार कर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इस नियम की तब्दीली होने के बाद सेक्टर - 22 से आए सुरेश शर्मा ने बताया कि उन्हें इस नियम के बारे में पता नहीं था। इसलिए गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

डीएल के नियम पर भी हो गई है तब्दीली

Chandigarh RLA Office, Blood relative Allowed to register
चंडीगढ़ RLA ऑफिस - फोटो : File Photo
डीएल के नियम पर भी हो गई है तब्दीली
आरएलए में डीएल बनवाने केनियम में तब्दीली कर दी गई है। पहले आरएलए में डीएल के लिए डायरेक्ट अप्लाई किया जाता था। इसमें लोग चालान होने के बाद डुप्लीकेट लाइसेंस के लिए डायरेक्ट अप्लाई कर डीएल बनवा लेते थे। पहले केवल लोग डीडीआर दर्ज करवा कर डीएल बनवा लेते थे।

अब आरएलए ने इसके लिए  सेक्टर - 29 ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद ही फाइल प्रोसेसिंग शुरू करने का नियम बना दिया है। जब यह रिपोर्ट आवेदक की ओर से दी जाती है तभी डीएल की फाइल जमा होती है। इस नियम बदलने के बाद आरएलए की गाइड लाइन में भले ही एक दिन में डीएल बनाए जाने का प्रावधान है , लेकिन इसकेे लिए लोग दो दिन तक चक्कर काटते हैं।

 आरएलए की ओर से गाड़ी केरजिस्ट्रेशन और डीएल बनवाने के नियमों में बदलाव इसलिए किया गया है कि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। आरएलए की ओर से आरसी और डीएल के रिकार्ड चेक किए जा रहे हैं। जो इसमें दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 राकेश पोपले, आरएलए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed