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योजना चढ़ी परवान तो इस माह रैंकिंग में लंबी छलांग लगाएगा चंडीगढ़, 33वें स्थान पर है इस समय
Mon, 05 Oct 2020 04:03 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2020 04:03 PM IST
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स्मार्ट सिटी
- फोटो : डेमो फोटो
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स्मार्ट सिटी रैंकिंग में इस माह चंडीगढ़ के और बेहतर पायदान पर पहुंचने की उम्मीद है। मनीमाजरा में सातों दिन 24 घंटे पानी की आपूर्ति, घर-घर से कचरा लेने वाली गाड़ियों का इसी माह निविदा होने के बाद रैंकिंग में और सुधार आएगा। ज्ञात हो कि छह माह में चंडीगढ़ 83वें स्थान से 33वें स्थान पर आ गया है।
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय की ओर से पहले साल में एक बार बैठक कर रैंकिंग जारी होती थी। इसमें मंत्रालय की ओर से सभी स्मार्ट सिटी को प्रोजेक्ट के आधार पर रैंकिंग दी जाती थी लेकिन अब हर माह बैठक आयोजित की जाने लगी है।
हाल ही में जारी की गई रैंकिंग में स्मार्ट सिटी को 42.76 अंकों के साथ 33वां स्थान मिला है। 2019 में शहर 83वें नंबर पर था। स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा का कहना है कि पहले हम लोगों ने प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। अब जैसे ही निविदाएं हो रही हैं, रैंकिंग में सुधार हो रहा है। हाल में पांच एसटीपी की निविदा हो चुकी है।
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मनीमाजरा में सातों दिन 24 घंटे पानी की आपूर्ति की निविदा लगाई गई है। इस माह फ्रांस का शिष्टमंडल भी आएगा। बात बनी तो पूरे शहर में सातों दिन 24 घंटे पेयजल सप्लाई के प्रोजेक्ट पर सहमति मिल सकती है। इसके अलावा घर-घर से कचरा लेने वाली 390 गाड़ियों का भी टेंडर इसी माह होना है। वहीं इसलिए स्मार्ट सिटी के लिए अक्तूबर माह महत्वपूर्ण रहने वाला है।
समीक्षा बैठक में करेंगे रिवाइज बजट की अपील
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट के लिए वन विभाग ने सेक्टर-43 में 70 एकड़ जमीन मुहैया कराने से मना कर दिया था। इससे स्मार्ट सिटी के 4933 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अटक गए थे। स्मार्ट सिटी के तहत 6500 करोड़ रुपये के निर्माण प्रोजेक्टों का प्रस्ताव तैयार हुआ था। वन विभाग के मना करने के बाद सिर्फ 1567 करोड़ के निर्माण कार्य ही शेष हैं। स्मार्ट सिटी के सीईओ का कहना है कि सेक्टर-43 में जहां पर निर्माण कराए जाने थे, वह जमीन ट्रांसफर नहीं हो रही है।
इस भूमि पर शहर के लिए प्रस्तावित निर्माण प्रोजेक्ट में प्रदर्शनी केंद्र, सम्मेलन केंद्र, कला गलियारा, मनोरंजन केंद्र, होटल, कार्यालय की जगह, छात्रावास सुविधा, प्रतिष्ठित क्षेत्र और सस्ते घर बनाए जाने थे इसलिए अब मंत्रालय से संशोधित बजट देने के लिए कहा जाएगा। क्योंकि अभी भी चंडीगढ़ को 6500 करोड़ के प्रोजेक्ट के हिसाब से ही रैंकिंग मिलती है।
मनीमाजरा व शहर में सातों दिन 24 घंटे पानी की आपूर्ति की निविदा होने के बाद हमें उम्मीद है कि चंडीगढ़ टॉप 5 में होगा। अभी भी टेंडर करने का काम तेज हो गया है।
- केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी
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स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय की ओर से पहले साल में एक बार बैठक कर रैंकिंग जारी होती थी। इसमें मंत्रालय की ओर से सभी स्मार्ट सिटी को प्रोजेक्ट के आधार पर रैंकिंग दी जाती थी लेकिन अब हर माह बैठक आयोजित की जाने लगी है।
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हाल ही में जारी की गई रैंकिंग में स्मार्ट सिटी को 42.76 अंकों के साथ 33वां स्थान मिला है। 2019 में शहर 83वें नंबर पर था। स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा का कहना है कि पहले हम लोगों ने प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। अब जैसे ही निविदाएं हो रही हैं, रैंकिंग में सुधार हो रहा है। हाल में पांच एसटीपी की निविदा हो चुकी है।
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मनीमाजरा में सातों दिन 24 घंटे पानी की आपूर्ति की निविदा लगाई गई है। इस माह फ्रांस का शिष्टमंडल भी आएगा। बात बनी तो पूरे शहर में सातों दिन 24 घंटे पेयजल सप्लाई के प्रोजेक्ट पर सहमति मिल सकती है। इसके अलावा घर-घर से कचरा लेने वाली 390 गाड़ियों का भी टेंडर इसी माह होना है। वहीं इसलिए स्मार्ट सिटी के लिए अक्तूबर माह महत्वपूर्ण रहने वाला है।
समीक्षा बैठक में करेंगे रिवाइज बजट की अपील
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट के लिए वन विभाग ने सेक्टर-43 में 70 एकड़ जमीन मुहैया कराने से मना कर दिया था। इससे स्मार्ट सिटी के 4933 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अटक गए थे। स्मार्ट सिटी के तहत 6500 करोड़ रुपये के निर्माण प्रोजेक्टों का प्रस्ताव तैयार हुआ था। वन विभाग के मना करने के बाद सिर्फ 1567 करोड़ के निर्माण कार्य ही शेष हैं। स्मार्ट सिटी के सीईओ का कहना है कि सेक्टर-43 में जहां पर निर्माण कराए जाने थे, वह जमीन ट्रांसफर नहीं हो रही है।
इस भूमि पर शहर के लिए प्रस्तावित निर्माण प्रोजेक्ट में प्रदर्शनी केंद्र, सम्मेलन केंद्र, कला गलियारा, मनोरंजन केंद्र, होटल, कार्यालय की जगह, छात्रावास सुविधा, प्रतिष्ठित क्षेत्र और सस्ते घर बनाए जाने थे इसलिए अब मंत्रालय से संशोधित बजट देने के लिए कहा जाएगा। क्योंकि अभी भी चंडीगढ़ को 6500 करोड़ के प्रोजेक्ट के हिसाब से ही रैंकिंग मिलती है।
मनीमाजरा व शहर में सातों दिन 24 घंटे पानी की आपूर्ति की निविदा होने के बाद हमें उम्मीद है कि चंडीगढ़ टॉप 5 में होगा। अभी भी टेंडर करने का काम तेज हो गया है।
- केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी