{"_id":"58237e494f1c1b342fb3978e","slug":"chandigarh-railway-station-the-crowd-gathered-at-the-ticket-counter-of-passengers","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दादी की मौत पर घर जाना था, फुटकर नहीं लाए तो नहीं जा पाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दादी की मौत पर घर जाना था, फुटकर नहीं लाए तो नहीं जा पाए
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 10 Nov 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर यात्रियों की जुटी रही भीड़
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ में पूरा परिवार रहता है। दादी की मौत हो गई है घर जाना है। जेब में हजार और पांच सौ रुपये के नोट हैं। टिकट बुकिंग काउंटर पर दो बार लाइन में लगे पर टिकट नहीं मिला। क्योंकि किराया 210 रुपये है और हमारे पास हजार रुपये का नोट है।
यह दुखड़ा है यात्री राम और रंजीत का। इस बारे में जब टिकट बुकिंग काउंटर पर तैनात टिकट कलेक्टरों से बात की तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया कि छुट्टे रुपये नहीं है, पैसा वापस कहां से करें। यह बात एक या दो यात्री की नहीं सैकड़ों की संख्या में फुटकर रुपये न मिलने पर यात्रियों को वापस लौटना पड़ा और वह चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से घर नहीं जा पाए।
करेंसी के साइड इफेक्ट के चलते बुधवार को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्री पूरे दिन भागते नजर आए। सभी इसी फिराक में थे कि पांच और हजार रुपये के नोट को कैसे चलाया जाए। आलम ये था कि सुबह सात बजे से ही रेलवे स्टेशन पर लोगों का टिकट के लिए तांता लग गया। सभी के पास पांच सौ और हजार रुपये के नोट थे। हुआ यूं कि दोपहर 12 बजे के बाद रेलवे स्टेेशन पर पंचकूला और चंडीगढ़ साइड टिकट बुकिंग काउंटरों पर छोटे नोट समाप्त हो गया।
विज्ञापन
ऐसे में इमरजेंसी में सफर करने वाले यात्री पूरे दिन हरास हुए। सौ रुपये के टिकट के लिए टिकट बुुकिंग काउंटर पर लोग हजार रुपये के नोट देने लगे। ऐसी स्थिति में बुकिंग काउंटर पर मौजूद टिकट कलेक्टरों को बिना टिकट यात्रियों को लौटाना पड़ रहा था। वहीं अगर किसी यात्री के टिकट का किराया 450 रुपये है और वह बुकिंग काउंटर पर पांच रुपये का नोट दे रहा है तो उसे टिकट दिया जा रहा था।
विज्ञापन
यह दुखड़ा है यात्री राम और रंजीत का। इस बारे में जब टिकट बुकिंग काउंटर पर तैनात टिकट कलेक्टरों से बात की तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया कि छुट्टे रुपये नहीं है, पैसा वापस कहां से करें। यह बात एक या दो यात्री की नहीं सैकड़ों की संख्या में फुटकर रुपये न मिलने पर यात्रियों को वापस लौटना पड़ा और वह चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से घर नहीं जा पाए।
विज्ञापन
करेंसी के साइड इफेक्ट के चलते बुधवार को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्री पूरे दिन भागते नजर आए। सभी इसी फिराक में थे कि पांच और हजार रुपये के नोट को कैसे चलाया जाए। आलम ये था कि सुबह सात बजे से ही रेलवे स्टेशन पर लोगों का टिकट के लिए तांता लग गया। सभी के पास पांच सौ और हजार रुपये के नोट थे। हुआ यूं कि दोपहर 12 बजे के बाद रेलवे स्टेेशन पर पंचकूला और चंडीगढ़ साइड टिकट बुकिंग काउंटरों पर छोटे नोट समाप्त हो गया।
विज्ञापन
ऐसे में इमरजेंसी में सफर करने वाले यात्री पूरे दिन हरास हुए। सौ रुपये के टिकट के लिए टिकट बुुकिंग काउंटर पर लोग हजार रुपये के नोट देने लगे। ऐसी स्थिति में बुकिंग काउंटर पर मौजूद टिकट कलेक्टरों को बिना टिकट यात्रियों को लौटाना पड़ रहा था। वहीं अगर किसी यात्री के टिकट का किराया 450 रुपये है और वह बुकिंग काउंटर पर पांच रुपये का नोट दे रहा है तो उसे टिकट दिया जा रहा था।
पांच और हजार रुपये का नोट लेकर टिकट के लिए पहुंचे यात्री
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर यात्रियों की जुटी रही भीड़
मां के इलाज के लिए आए थे
मां के गुर्दे में इंफेक्शन हो गया था। पीजीआई में इलाज चल रहा है। जेब में जो फुटकर पैसे थे वह पहले ही खर्च हो चुके हैं। एटीम चल नहीं रहा। हजार और पांच सौ रुपये के नोट कोई लेने को तैयार नहीं। घर कैसे जाएं। चंडीगढ़ से रुड़की का किराया 70 रुपये है, हमारे पास पांच रुपये के नोट हैं, रेलवे टिकट बुकिंग काउंटर पर फुटकर पैसे हैं नहीं। इसलिए वह टिकट देने से मना कर रहे हैं।
खुल्ले पैसे ऑटो चालक ने ले लिए
करनाल निवासी धर्मेश, सुरजीत व विजय ने बताया कि ऊंचाहार एक्सप्रेस से करनाल तक जाना है। चंडीगढ़ से करनाल तक का किराया 60 रुपये है। हमारे पास पांच सौ के नोट हैं। जो चेंज पैसे थे, वह बस और ऑटो में किराया दे दिया। क्योंकि सूचना थी कि रेलवे स्टेशन पर पांच और हजार रुपये के नोट लिए जाएंगे। लेकिन यहां पर पांच सौ रुपये का नोट नहीं ले रहे हैं।
दस रुपये टिकट, पांच सौ का नोट
पंचकूला साइड पार्किंग एरिया के इंचार्ज विनय शर्मा ने बताया कि वाहनों का पार्किंग रेट पांच से दस रुपये है। लोग चेंज पैसे देने के बजाय पांच सौ रुपये का नोट दे रहे हैं। छुट्टा है नहीं पैसे वापस कहां से करें। उन्होंने बताया कि पूरे दिन करीब पैैंतीस यात्री ऐसे आए हैं जिन्होंने पांच सौ रुपये के नोट दिए हैं।
मां के गुर्दे में इंफेक्शन हो गया था। पीजीआई में इलाज चल रहा है। जेब में जो फुटकर पैसे थे वह पहले ही खर्च हो चुके हैं। एटीम चल नहीं रहा। हजार और पांच सौ रुपये के नोट कोई लेने को तैयार नहीं। घर कैसे जाएं। चंडीगढ़ से रुड़की का किराया 70 रुपये है, हमारे पास पांच रुपये के नोट हैं, रेलवे टिकट बुकिंग काउंटर पर फुटकर पैसे हैं नहीं। इसलिए वह टिकट देने से मना कर रहे हैं।
खुल्ले पैसे ऑटो चालक ने ले लिए
करनाल निवासी धर्मेश, सुरजीत व विजय ने बताया कि ऊंचाहार एक्सप्रेस से करनाल तक जाना है। चंडीगढ़ से करनाल तक का किराया 60 रुपये है। हमारे पास पांच सौ के नोट हैं। जो चेंज पैसे थे, वह बस और ऑटो में किराया दे दिया। क्योंकि सूचना थी कि रेलवे स्टेशन पर पांच और हजार रुपये के नोट लिए जाएंगे। लेकिन यहां पर पांच सौ रुपये का नोट नहीं ले रहे हैं।
दस रुपये टिकट, पांच सौ का नोट
पंचकूला साइड पार्किंग एरिया के इंचार्ज विनय शर्मा ने बताया कि वाहनों का पार्किंग रेट पांच से दस रुपये है। लोग चेंज पैसे देने के बजाय पांच सौ रुपये का नोट दे रहे हैं। छुट्टा है नहीं पैसे वापस कहां से करें। उन्होंने बताया कि पूरे दिन करीब पैैंतीस यात्री ऐसे आए हैं जिन्होंने पांच सौ रुपये के नोट दिए हैं।