{"_id":"60abaf7e8ebc3edcb67fbd1f","slug":"chandigarh-punjab-university-education-student-general-class-employees-protest-against-roster-in-p-u-chandigarh-news-pkl414337329","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू में रोस्टर के विरोध में सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू में रोस्टर के विरोध में सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में रोस्टर के विरोध में सामान्य वर्ग एसोसिएशन के कर्मचारियों ने एडमिन ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि रोस्टर किसी हाल में लागू नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह नियमों के खिलाफ है। इससे सामान्य वर्ग के हजारों कर्मचारियों को नुकसान होगा।
सामान्य वर्ग एसोसिएशन के पदाधिकारी एडमिन ब्लॉक के बाहर एकत्रित हुए। उसके बाद नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि आरक्षण का लाभ नौकरी के समय एससी-एसटी वर्ग को मिल चुका है। ऐसे में अब पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि दो बार आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसे लेकर कई जगह पत्र लिखे हैं।
पीयू रोस्टर को लागू न करे, क्योंकि सभी वर्ग के कर्मचारियों को जब समान वेतन मिल रहा है तो एक वर्ग को दोन्नति में आरक्षण क्यों दिया जा रहा है। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
विज्ञापन
प्रदर्शन में पकड़े एक पोस्टर पर जताया आक्रोश
सामान्य वर्ग एसोसिएशन की ओर से किए गए प्रदर्शन के दौरान एक कर्मी ने पोस्टर पकड़ा था। उस पर लिखा था कि रोस्टर मांगने वाले शर्म करो, भीख न मांगो, कर्म करो। इसे लेकर एससी-एसटी, बीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आक्रोश जताया। कहा कि जिस कर्मचारी ने यह पोस्टर पकड़ा है, उस पर पीयू प्रशासन दो दिन में रिपोर्ट दर्ज कराए, क्योंकि इस नारे से एससी-एसटी समाज के लोगों का अपमान हुआ है। अध्यक्ष हरप्रीत सिंह ने कहा कि प्रदर्शन करना सबका हक है, लेकिन किसी की भावना को भड़काने का प्रयास नहीं करना चाहिए। पीयू ने कार्रवाई नहीं की तो दो दिन के बाद एसोसिएशन रिपोर्ट दर्ज कराएगी।
रोस्टर पर लंबे समय से नहीं हो पाया है काम
एससी-एसटी आयोग व यूजीसी ने रोस्टर लागू करने के लिए कई बार कहा, लेकिन अब तक पीयू इस पर काम नहीं कर पाई। इसके अलावा पिछले साल सिंडिकेट ने खुद शिक्षकों की भर्ती पर इसलिए ब्रेक लगाया ताकि पहले रोस्टर लागू किया जाए। जानकारों का कहना है कि पीयू की सिंडिकेट व आयोग, यूजीसी ने रोस्टर के लिए कहा है तो वह नियमों के तहत ही होगा। ऐसे में पीयू को रोस्टर लागू करना चाहिए, जो पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देगा। वहीं दूसरी ओर सामान्य वर्ग कर्मचारी इसके विरोध में हैं। उन्होंने रोस्टर के विरोध में अपने तर्क दिए हैं। अब पीयू प्रशासन पर दोनों वर्गों का दबाव है।
विज्ञापन
सामान्य वर्ग एसोसिएशन के पदाधिकारी एडमिन ब्लॉक के बाहर एकत्रित हुए। उसके बाद नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि आरक्षण का लाभ नौकरी के समय एससी-एसटी वर्ग को मिल चुका है। ऐसे में अब पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि दो बार आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसे लेकर कई जगह पत्र लिखे हैं।
विज्ञापन
पीयू रोस्टर को लागू न करे, क्योंकि सभी वर्ग के कर्मचारियों को जब समान वेतन मिल रहा है तो एक वर्ग को दोन्नति में आरक्षण क्यों दिया जा रहा है। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
विज्ञापन
प्रदर्शन में पकड़े एक पोस्टर पर जताया आक्रोश
सामान्य वर्ग एसोसिएशन की ओर से किए गए प्रदर्शन के दौरान एक कर्मी ने पोस्टर पकड़ा था। उस पर लिखा था कि रोस्टर मांगने वाले शर्म करो, भीख न मांगो, कर्म करो। इसे लेकर एससी-एसटी, बीसी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आक्रोश जताया। कहा कि जिस कर्मचारी ने यह पोस्टर पकड़ा है, उस पर पीयू प्रशासन दो दिन में रिपोर्ट दर्ज कराए, क्योंकि इस नारे से एससी-एसटी समाज के लोगों का अपमान हुआ है। अध्यक्ष हरप्रीत सिंह ने कहा कि प्रदर्शन करना सबका हक है, लेकिन किसी की भावना को भड़काने का प्रयास नहीं करना चाहिए। पीयू ने कार्रवाई नहीं की तो दो दिन के बाद एसोसिएशन रिपोर्ट दर्ज कराएगी।
रोस्टर पर लंबे समय से नहीं हो पाया है काम
एससी-एसटी आयोग व यूजीसी ने रोस्टर लागू करने के लिए कई बार कहा, लेकिन अब तक पीयू इस पर काम नहीं कर पाई। इसके अलावा पिछले साल सिंडिकेट ने खुद शिक्षकों की भर्ती पर इसलिए ब्रेक लगाया ताकि पहले रोस्टर लागू किया जाए। जानकारों का कहना है कि पीयू की सिंडिकेट व आयोग, यूजीसी ने रोस्टर के लिए कहा है तो वह नियमों के तहत ही होगा। ऐसे में पीयू को रोस्टर लागू करना चाहिए, जो पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देगा। वहीं दूसरी ओर सामान्य वर्ग कर्मचारी इसके विरोध में हैं। उन्होंने रोस्टर के विरोध में अपने तर्क दिए हैं। अब पीयू प्रशासन पर दोनों वर्गों का दबाव है।