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Chandigarh: लॉरेंस बिश्नोई के करीबी दीपू बनूड़ के रंगदारी रैकेट की जांच कर सकती है ED, पुलिस ने लिखा पत्र
Tue, 01 Aug 2023 01:32 PM IST
निवेदिता वर्मा
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 01 Aug 2023 01:32 PM IST
सार
पुलिस ने मोहाली के एक सट्टेबाज को भी गिरफ्तार किया था। उसने खुलासा किया था कि जेल में बंद दीपू और काली शूटर रंगदारी का रैकेट चला रहे हैं। उसके अदालत में बयान दर्ज करवा कर सरकारी गवाह बनाने के बाद ऑपरेशन सेल ने रंगदारी वसूलने का यह मामला दर्ज किया था
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
चंडीगढ़ और ट्राइसिटी में होटल, क्लब समेत अन्य कारोबारियों को धमका कर रंगदारी वसूलने के रैकेट का भंडाफोड़ कर यूटी पुलिस ने हाल ही में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी दीपू बनूड़ और उसके चार साथियों को गिरफ्तार किया था। चंडीगढ़ पुलिस अब इस मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) को पत्र लिखा है और पिछले छह महीने में 40 से 45 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन की जांच की मांग की है।
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पुलिस के मुताबिक दीपू बनूड़ गैंग का रवि बनूड़ पिछले छह महीने में कारोबारियों से 40 से 45 लाख रुपये रंगदारी वसूल चुका है। उसके खाते से 25 से 30 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन की बात भी सामने आई है। जांच में सामने आया है कि रवि सट्टेबाजों और कारोबारियों से वसूली रंगदारी की रकम आगे दीपू के रिश्तेदार के खाते में डाल देता था। पुलिस ने इस मामले में लॉरेंस के सहयोगी काली शूटर को भी आरोपी बनाया है। वह दीपू के साथ पटियाला की जेल में बंद है। हाल ही में दीपू को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था और अब काली शूटर को भी पूछताछ के लिए जल्दी ऑपरेशन सेल लाएगी।
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कारोबारियों से वसूलते थे रंगदारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि जेल में बंद दीपू और काली शूटर रंगदारी का यह रैकेट चला रहे हैं। दोनों मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और हरियाणा के कुछ जिलों में कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहे हैं। दीपू लगातार रवि और अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी के संपर्क में रहता था।
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सरकारी गवाह बना कर की थी कार्रवाई
पुलिस ने मोहाली के एक सट्टेबाज को भी गिरफ्तार किया था। उसने खुलासा किया था कि जेल में बंद दीपू और काली शूटर रंगदारी का रैकेट चला रहे हैं। उसके अदालत में बयान दर्ज करवा कर सरकारी गवाह बनाने के बाद ऑपरेशन सेल ने रंगदारी वसूलने का यह मामला दर्ज किया था। पुलिस ने बीते 18 जुलाई को वाल्मीकि बस्ती बनूड़ के रवि समेत मलोया के सोमदत्त को चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेस 2 में हथियारों समेत पकड़ा था।
इसके बाद बादल कॉलोनी जीरकपुर के अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी और नया गांव के राकेश कानिया को गिरफ्तार किया था। मनी टोपी से पुलिस को एक देसी कट्टा और पांच कारतूस बरामद हुए थे। मनी टोपी पर हत्या, फिरौती, एनडीपीएस और एक्साइज एक्ट के मामले भी दर्ज बताए गए हैं। मनी टोपी कारोबारियों को धमकाकर उनसे वसूली करता था, वहीं राकेश कानिया गैंग का फाइनेंसर था।
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पुलिस के मुताबिक दीपू बनूड़ गैंग का रवि बनूड़ पिछले छह महीने में कारोबारियों से 40 से 45 लाख रुपये रंगदारी वसूल चुका है। उसके खाते से 25 से 30 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन की बात भी सामने आई है। जांच में सामने आया है कि रवि सट्टेबाजों और कारोबारियों से वसूली रंगदारी की रकम आगे दीपू के रिश्तेदार के खाते में डाल देता था। पुलिस ने इस मामले में लॉरेंस के सहयोगी काली शूटर को भी आरोपी बनाया है। वह दीपू के साथ पटियाला की जेल में बंद है। हाल ही में दीपू को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था और अब काली शूटर को भी पूछताछ के लिए जल्दी ऑपरेशन सेल लाएगी।
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कारोबारियों से वसूलते थे रंगदारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि जेल में बंद दीपू और काली शूटर रंगदारी का यह रैकेट चला रहे हैं। दोनों मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और हरियाणा के कुछ जिलों में कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहे हैं। दीपू लगातार रवि और अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी के संपर्क में रहता था।
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सरकारी गवाह बना कर की थी कार्रवाई
पुलिस ने मोहाली के एक सट्टेबाज को भी गिरफ्तार किया था। उसने खुलासा किया था कि जेल में बंद दीपू और काली शूटर रंगदारी का रैकेट चला रहे हैं। उसके अदालत में बयान दर्ज करवा कर सरकारी गवाह बनाने के बाद ऑपरेशन सेल ने रंगदारी वसूलने का यह मामला दर्ज किया था। पुलिस ने बीते 18 जुलाई को वाल्मीकि बस्ती बनूड़ के रवि समेत मलोया के सोमदत्त को चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेस 2 में हथियारों समेत पकड़ा था।
इसके बाद बादल कॉलोनी जीरकपुर के अमनदीप सिंह उर्फ मनी टोपी और नया गांव के राकेश कानिया को गिरफ्तार किया था। मनी टोपी से पुलिस को एक देसी कट्टा और पांच कारतूस बरामद हुए थे। मनी टोपी पर हत्या, फिरौती, एनडीपीएस और एक्साइज एक्ट के मामले भी दर्ज बताए गए हैं। मनी टोपी कारोबारियों को धमकाकर उनसे वसूली करता था, वहीं राकेश कानिया गैंग का फाइनेंसर था।