Chandigarh: बीटल कार हादसे के आरोपी के पिता और ताया से SIT ने की पूछताछ, हादसे के बारे में ली जानकारी
17 मई को आरोपी की कार से कुचलकर धनास में तीन लोगों की जान चली गई थी और चार अन्य लोग घायल हो गए थे। 20 मई को आरोपी निशानेबाज परमवीर सिंह की गिरफ्तारी के बाद तीन दिन तक पुलिस रिमांड पर रहने के बाद बुधवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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चंडीगढ़ में धनास बीटल कार हादसे के मामले में गिरफ्तार किए गए निशानेबाज परमवीर के पिता और ताऊ को समन भेज पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया। दोनों पुलिस की ओर से भेजे गए समन को स्वीकार करते हुए मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पहुंचे, जहां उनसे कई सवालों के जवाब मांगे गए।
करीब एक घंटे तक चली पूछताछ में एसआईटी ने हादसे के बाद आरोपी परमवीर के उनके संपर्क में आने पर हुई बातचीत को लेकर सवाल किए। एसआईटी ने दोनों से पूछा कि उन्हें हादसे के बारे में कब, कैसे और किस के जरिए जानकारी मिली। हादसे के तुरंत बाद कार से निकलकर भागने के बाद परमवीर को सेक्टर-34 अस्पताल क्या उनके द्वारा ले जाया गया?
पुलिस के पास है अस्पताल की फुटेज
सूत्रों के अनुसार, इस सवाल के जवाब में परमवीर के पिता और ताया ने कहा कि बच्चे को चोट आने के चलते किसी भी व्यक्ति का दिल पसीज जाता है और वह उसे अस्पताल लेकर जाता है जो उन्होंने भी किया। सूत्र बताते हैं कि पुलिस के पास आरोपी परमवीर के अपने ताऊ और पिता से सेक्टर- 34 के प्राइवेट अस्पताल में हुई मुलाकात का बाकायदा सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। इसके साथ ही पुलिस परमवीर और उसके पिता और ताऊ समेत संपर्क में आए अन्य लोगों के कॉल डिटेल और लोकेशन भी निकलवा रही हैं। दरअसल एसआईटी को संदेह है कि सेक्टर- 34 अस्पताल से फरार होने के बाद आरोपी परमवीर परिवार के सदस्यों पिता और ताऊ के साथ घर पर ही छुपा था।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल और टावर लोकेशन का मिलान होने के बाद ही उसे छिपने में मददगार लोगों की भूमिका और नाम सामने आ पाएंगे। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपी को छुपाने या उसे भागने में मदद करने में जिन भी लोगों की भूमिका साफ होगी, उन पर निश्चित रूप से कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले में परमवीर के दोस्त और कुछ और लोगों को भी समन भेज कर पूछताछ करने की तैयारी में है।
परमवीर ने जेल में मांगी अलग बैरक, कहा-मैं कोई प्रोफेशनल क्रिमिनल नहीं
धनास में बीटल कार हादसे में गिरफ्तार राष्ट्रीय निशानेबाज परमवीर सिंह की ओर से अलग बैरक के लिए जिला अदालत में अर्जी दी गई है। इसमें उसे पेशेवर अपराधियों से दूर अलग बैरक में रखने की मांग की गई है। आरोपी परमवीर सिंह (19) राष्ट्रीय निशानेबाजा है। उसे खेल कोटे से ही सेक्टर-32 एसडी कॉलेज में बीए में दाखिला मिला था।
जेल सूत्रों की मानें तो न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेजे जाने के बाद से परमवीर सिंह को फिलहाल सामान्य बैरक में रखा गया है। जेल की इस बैरक में करीब 100 विचाराधीन आरोपियों को एक साथ रखा जाता है। वर्तमान में बुड़ैल जेल में डीएसपी से लेकर आईजी तक उन पर चल रहे मामलों के चलते जेल में बंद हैं। सामान्य रूप से जेल आने वाले आरोपियों को सामान्य बैरक या सेल में रखा जाता रहा है।
यह था मामला
बीते 17 मई को आरोपी की कार से कुचलकर धनास में तीन लोगों की जान चली गई थी और चार अन्य लोग घायल हो गए थे। 20 मई को आरोपी की गिरफ्तारी के बाद तीन दिन तक पुलिस रिमांड पर रहने के बाद बुधवार को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ धारा 304 (हत्या की श्रेणी में नहीं आने वाली गैर इरादतन हत्या) और आईपीसी के अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इसके साबित होने पर आजीवन कारावास या से 10 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। हादसे में कार की टक्कर से बाइक सवार समेत सात लोग घायल हो गए थे। इसमें राजवंती (52), मुस्तफा अंसारी ( 24) और विमलेश (50) की जान चली गई थी, जबकि अन्य चार लोग घायल हो गए थे।