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Chandigarh: ठगी के आरोपी ने हाईकोर्ट में बताया गलत पता, भगोड़ा होने की कार्रवाई को दी थी चुनौती, मामला दर्ज

Fri, 01 Dec 2023 01:07 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 01 Dec 2023 01:07 PM IST
सार

आरोपी ने उसे भगोड़ा करार देने की कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा था कि उसका असली पता सिरसा का है। उसने अपने आधार कार्ड का भी हवाला दिया था। ईओडब्ल्यू में तैनात रहे एसआई हरबंस सिंह ने मामले की जांच की थी। जांच में पता चला कि सिरसा के संबंधित पते पर घर रहने लायक नहीं था।

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Chandigarh police registered case against fraud accused for giving false information about address
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo

विस्तार

नेपाल की एक कंपनी से ठगी के आरोपी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपने पते को लेकर झूठी जानकारी देना महंगा पड़ा है। हाईकोर्ट के आदेश पर सेक्टर 3 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और अदालत में झूठे साक्ष्य पेश करने की धाराओं में आरोपी अजय गर्ग पर मामला दर्ज किया है।

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आरोपी ने मनीमाजरा थाने में 10 अक्तूबर, 2011 को दर्ज धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने के मामले को लेकर एक याचिका में हाईकोर्ट में झूठी जानकारी दी थी। आरोपी ने अपने घर के पते के संबंध में यह झूठ कहा था। आरोपी ने पिछले वर्ष एक आपराधिक याचिका दायर की थी, जिसमें मनीमाजरा थाने में दर्ज मामले में उसे भगोड़ा करार दिए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी थी। हालांकि, उसकी जानकारी झूठी पाए जाने पर हाईकोर्ट ने 23 फरवरी, 2023 को अपने आदेश में आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई के लिए कहा था।
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नेपाल की एक कंपनी के मालिक विजय कुमार सरावगी की शिकायत पर मनीमाजरा थाना पुलिस ने वर्ष 2011 में यह मामला दर्ज किया था। आरोपियों में एनएसी, मनीमाजरा स्थित हरमन मिल्क फूड लिमिटेड, इसकी अध्यक्ष रचना गर्ग, प्रबंध निदेशक रविंदर गर्ग और संयुक्त प्रबंध निदेशक अजय गर्ग व अन्य शामिल थे। जनवरी, 2019 में आरोपी को भगोड़ा करार दिया गया था। आरोपी ने अपना पता अर्बन इस्टेट, फेज 2, पटियाला का दिया था।

ईओडब्ल्यू की जांच में हुआ खुलासा
आरोपी ने उसे भगोड़ा करार देने की कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा था कि उसका असली पता सिरसा का है। उसने अपने आधार कार्ड का भी हवाला दिया था। ईओडब्ल्यू में तैनात रहे एसआई हरबंस सिंह ने मामले की जांच की थी। जांच में पता चला कि सिरसा के संबंधित पते पर घर रहने लायक नहीं था और घर शाम लाल व रवि धरिया के नाम पर मिला। इस मामले में हाईकोर्ट को रिपोर्ट दी गई थी, जिसे लेकर कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे।

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