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चंडीगढ़ः करोड़ों का सीक्रेट फंड मिलने के बाद भी हाई प्रोफाइल केस सुलझाने में फिसड्डी है पुलिस
Mon, 17 Feb 2020 02:02 PM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 17 Feb 2020 02:02 PM IST
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चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
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यूटी पुलिस के पास मुखबिर को देने के लिए करोड़ों रुपये सीक्रेट फंड आने के बावजूद शहर के हाई प्रोफाइल मामले अनसुलझे हैं। पिछले पांच साल में चंडीगढ़ पुलिस के पास तीन करोड़ रुपये सीक्रेट फंड आया, लेकिन बड़े आपराधिक मामलों को सुलझाने में नाकाम साबित रही है।
इनमें सेक्टर-33 में कोल्ड स्टोरेज के मालिक के घरवालों को बंधक बनाकर डेढ़ करोड़, सेक्टर-44 में ज्वैलर्स की दुकान से तीन करोड़, सेक्टर-63 फ्लैट से लाखों की लूट, इंडस्ट्रियल एरिया के जंगल में जमीन में दबी लाश समेत अन्य कई वारदात शामिल हैं।
चंडीगढ़ पुलिस के पास 2015 से 2017 तक 50-50 लाख और 2018 व 2019 में 75-75 लाख सीक्रेट फंड आया। इन रुपयों का इस्तेमाल पुलिस विभाग शहर की थाना पुलिस, सीआईडी, क्राइम ब्रांच, आपरेशन सेल समेत अन्य विंग की ओर से खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए किया जाता है।
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अलग-अलग विंग की पुलिस अपने अपने मुखबिर को जानकारियों के आधार पर रुपये देती है ताकि अपराधियों के बारे में सूचना हासिल हो सके। चंडीगढ़ पुलिस कई केसों को सुलझाने में कामयाब रही है, लेकिन हैरानी की बात है कि ज्यादातर हाई प्रोफाइल मामले अनसुलझे हैं।
जो भी मामला अनसुलझा है पुलिस और क्राइम ब्रांच उस पर काम कर रही है। जल्द मामले को सुलझा लिया जाएगा।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी, चंडीगढ़
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इनमें सेक्टर-33 में कोल्ड स्टोरेज के मालिक के घरवालों को बंधक बनाकर डेढ़ करोड़, सेक्टर-44 में ज्वैलर्स की दुकान से तीन करोड़, सेक्टर-63 फ्लैट से लाखों की लूट, इंडस्ट्रियल एरिया के जंगल में जमीन में दबी लाश समेत अन्य कई वारदात शामिल हैं।
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चंडीगढ़ पुलिस के पास 2015 से 2017 तक 50-50 लाख और 2018 व 2019 में 75-75 लाख सीक्रेट फंड आया। इन रुपयों का इस्तेमाल पुलिस विभाग शहर की थाना पुलिस, सीआईडी, क्राइम ब्रांच, आपरेशन सेल समेत अन्य विंग की ओर से खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए किया जाता है।
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अलग-अलग विंग की पुलिस अपने अपने मुखबिर को जानकारियों के आधार पर रुपये देती है ताकि अपराधियों के बारे में सूचना हासिल हो सके। चंडीगढ़ पुलिस कई केसों को सुलझाने में कामयाब रही है, लेकिन हैरानी की बात है कि ज्यादातर हाई प्रोफाइल मामले अनसुलझे हैं।
जो भी मामला अनसुलझा है पुलिस और क्राइम ब्रांच उस पर काम कर रही है। जल्द मामले को सुलझा लिया जाएगा।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी, चंडीगढ़
केस-1: कोल्ड स्टोरेज मालिक के घर डेढ़ करोड़ की लूट
जनवरी 2018 में चार लुटेरे कोल्ड स्टोर के मालिक सेक्टर-33 के अजीत जैन की पत्नी, बेटी और नौकर को बंधक बनाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गहने व कैश लूटकर फरार हो गए। सीसीटीवी में आरोपियों की कार भी कैद हुई। शक होने पर पुलिस ने अजीत जैन के ड्राइवर अविनाश से पूछताछ की, लेकिन उसने बदनामी की डर से अंबाला-कालका रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
केस-2: जंगल में हत्या की गुत्थी उलझी
जनवरी 2019 में इंडस्ट्रियल एरिया के जंगल में जमीन में दबी एक लाश के दोनों पैर और एक हाथ बाहर दिख रहे थे। शव के सिर पर गहरा जख्म था। पुलिस ने एरिया के लोगों को फोटो दिखाकर पूछताछ की, लेकिन अब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व अन्य राज्य समेत उसी उम्र के लापता लोगों की लिस्ट भी खंगाली, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।
केस-3: डायमंड ज्वैलरी शॉप से तीन करोड़ की लूट
मई 2019 में सेक्टर-44सी के दीवा डायमंड ज्वैलर्स के मालिक हर्ष बेदी को गन प्वाइंट पर तीन बदमाश बंधक बनाकर करीब तीन करोड़ के डायमंड व सोने चांदी के गहने लूटकर फरार हो गए। आरोपी सीसीटीवी में कैद भी हुए। वारदात स्थल से मोबाइल डंप डाटा उठाया गया। जेल से रिहा होने वाले आरोपियों की लिस्ट खंगाली गई, लेकिन आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा।
जनवरी 2018 में चार लुटेरे कोल्ड स्टोर के मालिक सेक्टर-33 के अजीत जैन की पत्नी, बेटी और नौकर को बंधक बनाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गहने व कैश लूटकर फरार हो गए। सीसीटीवी में आरोपियों की कार भी कैद हुई। शक होने पर पुलिस ने अजीत जैन के ड्राइवर अविनाश से पूछताछ की, लेकिन उसने बदनामी की डर से अंबाला-कालका रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
केस-2: जंगल में हत्या की गुत्थी उलझी
जनवरी 2019 में इंडस्ट्रियल एरिया के जंगल में जमीन में दबी एक लाश के दोनों पैर और एक हाथ बाहर दिख रहे थे। शव के सिर पर गहरा जख्म था। पुलिस ने एरिया के लोगों को फोटो दिखाकर पूछताछ की, लेकिन अब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व अन्य राज्य समेत उसी उम्र के लापता लोगों की लिस्ट भी खंगाली, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।
केस-3: डायमंड ज्वैलरी शॉप से तीन करोड़ की लूट
मई 2019 में सेक्टर-44सी के दीवा डायमंड ज्वैलर्स के मालिक हर्ष बेदी को गन प्वाइंट पर तीन बदमाश बंधक बनाकर करीब तीन करोड़ के डायमंड व सोने चांदी के गहने लूटकर फरार हो गए। आरोपी सीसीटीवी में कैद भी हुए। वारदात स्थल से मोबाइल डंप डाटा उठाया गया। जेल से रिहा होने वाले आरोपियों की लिस्ट खंगाली गई, लेकिन आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा।
केस-4: हरभजन के घर ताले जड़ने का मामला अनसुलझा
अक्तूबर 2018 में क्रिकेटर हरभजन सिंह की चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित कोठी पर किसी ने दो ताले जड़ दिए। शक जताया गया कि कहीं कब्जा करने की कोशिश की गई। शिकायत एसएसपी को दी गई। टीम गठित कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग सका कि आखिरकार कोठी में दो ताले किसने जड़े थे।
केस-5: जीएमसीएच-32 में चली गोलियां
जनवरी 2020 में जीएमसीएच-32 की पार्किंग में लुधियाना निवासी युवक को मारने आए कार सवार बदमाशों ने आई-20 कार पर ताबड़तोड़ पांच फायरिंग कर दी। इस दौरान बहन का इलाज कराने आए एक अन्य व्यक्ति के बाजू पर गोली भी लगी। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के नाम भी बताए, लेकिन पुलिस अब तक इन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी।
केस-6: बंधक बना साढ़े तीन लाख की लूट
दिसंबर 2019 में सेक्टर-63 के फ्लैट में चार लुटेरे गन प्वाइंट पर बाथरूम में बंधक बनाकर सनशाइन इमीग्रेशन फर्म के मालिक और उसकी मंगेतर से साढे़ तीन लाख रुपये और तीन मोबाइल लूटकर पांचवें साथी के साथ कार में फरार हो गए। आरोपी सीसीटीवी में कैद भी हुए, लेकिन घटना के दो महीने बाद भी मामला अनसुलझा है।
अक्तूबर 2018 में क्रिकेटर हरभजन सिंह की चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित कोठी पर किसी ने दो ताले जड़ दिए। शक जताया गया कि कहीं कब्जा करने की कोशिश की गई। शिकायत एसएसपी को दी गई। टीम गठित कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लग सका कि आखिरकार कोठी में दो ताले किसने जड़े थे।
केस-5: जीएमसीएच-32 में चली गोलियां
जनवरी 2020 में जीएमसीएच-32 की पार्किंग में लुधियाना निवासी युवक को मारने आए कार सवार बदमाशों ने आई-20 कार पर ताबड़तोड़ पांच फायरिंग कर दी। इस दौरान बहन का इलाज कराने आए एक अन्य व्यक्ति के बाजू पर गोली भी लगी। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के नाम भी बताए, लेकिन पुलिस अब तक इन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी।
केस-6: बंधक बना साढ़े तीन लाख की लूट
दिसंबर 2019 में सेक्टर-63 के फ्लैट में चार लुटेरे गन प्वाइंट पर बाथरूम में बंधक बनाकर सनशाइन इमीग्रेशन फर्म के मालिक और उसकी मंगेतर से साढे़ तीन लाख रुपये और तीन मोबाइल लूटकर पांचवें साथी के साथ कार में फरार हो गए। आरोपी सीसीटीवी में कैद भी हुए, लेकिन घटना के दो महीने बाद भी मामला अनसुलझा है।