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Chandigarh News: चंडीगढ़ पुलिस का थाना प्रभारी बनकर दवा विक्रेता से 10 हजार ठगे
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चंडीगढ़। सेक्टर-7 निवासी एक दवा विक्रेता से साइबर ठगों ने थाना प्रभारी बनकर 10 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक दवा विक्रेता के पास वीरवार को एक नंबर से फोन आया और उसने खुद को चंडीगढ़ पुलिस में थाना प्रभारी जगदीश राय बताया। उसने ऑनलाइन दवाइयों की एक लिस्ट भेजी और कहा कि इसे पैक करवा दो। दुकानदार ने दवा पैक कर उसका 4500 रुपये का बिल उसी नंबर पर भेज दिया। इस पर उसने कहा कि दवा लेने के लिए कोई कर्मचारी आ जाएगा। पेमेंट करने के लिए उसने गूगल पे का नंबर मांगा। दुकानदार ने पत्नी का नंबर दे दिया।
कुछ देर बार उसका फिर से फोन आया और बताया कि उस पर 14 हजार रुपये भेज दिए हैं। इस पर दुकानदार ने कहा जब 4500 रुपये का बिल था तो 14 हजार रुपये क्यों भेजे। इस पर साइबर ठग ने कहा कि ये दवाइयां एसडीएम की हैं। उसने दुकानदार को एक नंबर दिया ओर उस पर 10 हजार रुपये वापस भेजने के लिए कहा। दुकानदार ने कहा कि उसके पास अभी तक 14 हजार रुपये पहुंचे नहीं हैं। इस पर उक्त ठग ने कहा कि गूगल पे पर रुपये आने में कई बार समय लग जाता है। वो आ जाएंगे। दुकानदार ने अपनी पत्नी के नंबर से ठग द्वारा दिए गए नंबर पर 10 हजार रुपये भेज दिए। जब दुकानदार को ठगी का शक हुआ तो उसने बैंक में जाकर पता किया। बैंक से जानकारी मिली कि उसके खाते में रुपये भेजे ही नहीं गए हैं। इसके बाद दुकानदार ने घटना की शिकायत 112 पर दी।
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कोट्स
यह मामला अभी तक मेरी जानकारी में नहीं है। इसके बारे में पता लगाया जाएगा। लोगों से अपील है कि अगर उनके साथ कोई भी साइबर की ठगी होती है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं। इससे ठगी की राशि को फ्रीज करने में पुलिस को मदद मिलती है।
- ए वेंकेटेश, डीएसपी, साइबर एवं विजीलेंस
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जानकारी के मुताबिक दवा विक्रेता के पास वीरवार को एक नंबर से फोन आया और उसने खुद को चंडीगढ़ पुलिस में थाना प्रभारी जगदीश राय बताया। उसने ऑनलाइन दवाइयों की एक लिस्ट भेजी और कहा कि इसे पैक करवा दो। दुकानदार ने दवा पैक कर उसका 4500 रुपये का बिल उसी नंबर पर भेज दिया। इस पर उसने कहा कि दवा लेने के लिए कोई कर्मचारी आ जाएगा। पेमेंट करने के लिए उसने गूगल पे का नंबर मांगा। दुकानदार ने पत्नी का नंबर दे दिया।
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कुछ देर बार उसका फिर से फोन आया और बताया कि उस पर 14 हजार रुपये भेज दिए हैं। इस पर दुकानदार ने कहा जब 4500 रुपये का बिल था तो 14 हजार रुपये क्यों भेजे। इस पर साइबर ठग ने कहा कि ये दवाइयां एसडीएम की हैं। उसने दुकानदार को एक नंबर दिया ओर उस पर 10 हजार रुपये वापस भेजने के लिए कहा। दुकानदार ने कहा कि उसके पास अभी तक 14 हजार रुपये पहुंचे नहीं हैं। इस पर उक्त ठग ने कहा कि गूगल पे पर रुपये आने में कई बार समय लग जाता है। वो आ जाएंगे। दुकानदार ने अपनी पत्नी के नंबर से ठग द्वारा दिए गए नंबर पर 10 हजार रुपये भेज दिए। जब दुकानदार को ठगी का शक हुआ तो उसने बैंक में जाकर पता किया। बैंक से जानकारी मिली कि उसके खाते में रुपये भेजे ही नहीं गए हैं। इसके बाद दुकानदार ने घटना की शिकायत 112 पर दी।
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यह मामला अभी तक मेरी जानकारी में नहीं है। इसके बारे में पता लगाया जाएगा। लोगों से अपील है कि अगर उनके साथ कोई भी साइबर की ठगी होती है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं। इससे ठगी की राशि को फ्रीज करने में पुलिस को मदद मिलती है।
- ए वेंकेटेश, डीएसपी, साइबर एवं विजीलेंस