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चंडीगढ़ः सुरक्षा को खतरा तो पुलिस ने बोला हल्ला, किराएदारों की जानकारी नहीं देने पर 12 गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 10 Dec 2018 01:40 PM IST
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गिरफ्तार
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मकानों में रखे किराएदारों और दुकानों व शोरूम में रखे सर्वेंट के बारे में पुलिस को सूचना नहीं देने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने हल्ला बोल दिया है। सभी थाना पुलिस उनके अंतर्गत क्षेत्रों में किराएदारों के बारे में जानकारी नहीं देने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस ने बीते शनिवार को किराएदारों, नौकरों की पुलिस को जानकारी नहीं देने वाले कुल 12 प्रॉपर्टी मालिकों के खिलाफ 11 केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस ने यह पता लगाने के प्रयास किए कि उनकी रेजिडेंशियल व कामर्शियल प्रॉपर्टी में कौन और कितने समय से रह रहा था। हैरत की बात यह है कि यूटी पुलिस विभाग को इस विशेष ड्राइव को चलाने में पूरा एक वर्ष लग गया। पुलिस ने जनवरी से अब तक किराएदार व सर्वेंट की जानकारी नहीं देने वालों के खिलाफ एकसाथ इस ड्राइव को अब तक नहीं चलाया था। वर्ष के अंतिम महीने में पुलिस ने यह कार्रवाई शुरू की है।
इन आरोपियों को किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव खुड्डा लाहौरा की कॉलोनी नंबर-2 निवासी कुलदीप, सेक्टर-22 निवासी मोहित सोनी, सेक्टर-27 निवासी मुनीष, सेक्टर-30 के बूथ में काम करने वाले गुरमीत सिंह, गांव दड़वा निवासी राकेश दत्त, गांव किशनगढ़ निवासी भजन बंसल, उगम गुप्ता, मनोज कुमार, सेक्टर-47 निवासी राजन मेहता, बुड़ैल निवासी बलविंदर सिंह, सुनील कुमार और सेक्टर-56 निवासी अश्वनी कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों से पूछताछ की ताकि पता लग पाता कि उनकी प्रॉपर्टी में रहने वाले सर्वेंट और किराएदार कितने समय से वहां ठहरे हुए थे। पुलिस ने यह जानने का प्रयास भी किया कि सर्वेंट व किराएदारों में से किसी का कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड तो नहीं रहा।
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प्रॉपर्टी मालिकों का किराएदारों, सर्वेंट की सूचना देना अनिवार्य
1. रेजिडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी में किराएदार या सर्वेंट रखने पर उनके पुराने रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी की जांच अवश्य करें।
2. सीआरपीसी-144 के तहत डीसी के आदेशों के मुताबिक भू-मालिक, मालिक और कमर्शियल कामकाज के प्रबंधन के मैनेजर सहित आवासीय स्थान के मालिकों को अपने स्थानीय एसएचओ को किराएदारों व सर्वेंट की जानकारी लिखित में देना अनिवार्य है।
3. उक्त व्यवस्था/कानून की उल्लंघना करने पर व्यक्ति को आईपीसी-188 के तहत आरोपी माना जाएगा।
4. उक्त कानून की उल्लंघना पर स्वयं मालिकों समेत अन्यों के लिए खतरा संभावित रहता है।
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गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस ने यह पता लगाने के प्रयास किए कि उनकी रेजिडेंशियल व कामर्शियल प्रॉपर्टी में कौन और कितने समय से रह रहा था। हैरत की बात यह है कि यूटी पुलिस विभाग को इस विशेष ड्राइव को चलाने में पूरा एक वर्ष लग गया। पुलिस ने जनवरी से अब तक किराएदार व सर्वेंट की जानकारी नहीं देने वालों के खिलाफ एकसाथ इस ड्राइव को अब तक नहीं चलाया था। वर्ष के अंतिम महीने में पुलिस ने यह कार्रवाई शुरू की है।
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इन आरोपियों को किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव खुड्डा लाहौरा की कॉलोनी नंबर-2 निवासी कुलदीप, सेक्टर-22 निवासी मोहित सोनी, सेक्टर-27 निवासी मुनीष, सेक्टर-30 के बूथ में काम करने वाले गुरमीत सिंह, गांव दड़वा निवासी राकेश दत्त, गांव किशनगढ़ निवासी भजन बंसल, उगम गुप्ता, मनोज कुमार, सेक्टर-47 निवासी राजन मेहता, बुड़ैल निवासी बलविंदर सिंह, सुनील कुमार और सेक्टर-56 निवासी अश्वनी कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों से पूछताछ की ताकि पता लग पाता कि उनकी प्रॉपर्टी में रहने वाले सर्वेंट और किराएदार कितने समय से वहां ठहरे हुए थे। पुलिस ने यह जानने का प्रयास भी किया कि सर्वेंट व किराएदारों में से किसी का कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड तो नहीं रहा।
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प्रॉपर्टी मालिकों का किराएदारों, सर्वेंट की सूचना देना अनिवार्य
1. रेजिडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी में किराएदार या सर्वेंट रखने पर उनके पुराने रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी की जांच अवश्य करें।
2. सीआरपीसी-144 के तहत डीसी के आदेशों के मुताबिक भू-मालिक, मालिक और कमर्शियल कामकाज के प्रबंधन के मैनेजर सहित आवासीय स्थान के मालिकों को अपने स्थानीय एसएचओ को किराएदारों व सर्वेंट की जानकारी लिखित में देना अनिवार्य है।
3. उक्त व्यवस्था/कानून की उल्लंघना करने पर व्यक्ति को आईपीसी-188 के तहत आरोपी माना जाएगा।
4. उक्त कानून की उल्लंघना पर स्वयं मालिकों समेत अन्यों के लिए खतरा संभावित रहता है।