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Chandigarh: बच्चों के दांतों के इलाज की दवा बदल कम की बेहोशी की समय सीमा, पीजीआई एनेस्थीसिया विभाग का शोध

Mon, 02 Jan 2023 10:21 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 02 Jan 2023 10:21 AM IST
सार

डेक्समेडेटोमेडिन आईसीयू में प्रयोग की जाने वाली दवा है। इससे मरीज को नींद की अवस्था में भेजा जाता है ताकि उसे दर्द में आराम मिले। इसका सबसे बेहतर परिणाम यह है कि इस दवा की डोज जैसे ही बंद की जाती है वैसे इसका असर समाप्त हो जाता है।

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Chandigarh PGI succeeded achieving faster recovery by changing drug during dental treatment in children
pgi chandigarh

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई के विशेषज्ञों ने दांत के मर्ज वाले बच्चों में इलाज के दौरान बेहोशी के लिए दी जाने वाली दवा में बदलाव कर उनमें तेज रिकवरी के साथ अन्य बेहतर परिणाम हासिल करने में सफलता प्राप्त की है। एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों ने बच्चों को दांतों के इलाज से जुड़ी प्रक्रिया के दौरान दिए जाने वाले बेहोशी की दवा पैंटालिन की जगह डेक्समेडेटोमेडिन दवा दी। इससे जहां बच्चों में रिकवरी तेजी से हुई वहीं उन्हें बेहद कम मात्रा में दी गई डोज से मिले बेहतर परिणाम के आधार पर अस्पताल में घंटों रोकने की बजाय महज एक घंटे में घर भेज दिया गया। इस शोध को डेंटल एनेस्थीसिया एंड पेन मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है। इस शोध के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. नवीन नायक और श्याम चरण मीणा हैं जबकि डॉ. मनोज जायसवाल, डॉ. शिव लाल सोनी, डॉ. अजय सिंह और डॉ. वेकट गणेश ने सहयोग किया।

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ऐसे पूरा हुआ शोध
शोध में शामिल एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अजय सिंह ने बताया कि इसके लिए 6 से 8 वर्ष के 72 बच्चों पर दवा के परिणाम का आकलन किया। इन बच्चों को दो वर्गों में बांटा गया। पहला वर्ग डी और दूसरा एफ। डी वर्ग के बच्चों को प्रोसेस के दौरान डेक्समेडेटोमेडिन दिया गया जबकि एफ वर्ग के बच्चों को पैंटालिन। डी वर्ग में शामिल बच्चों को जहां इस दवा के कारण पूर्ण बेहोशी में भेजे बिना प्रोसेस पूरा करने में सफलता मिली, वहीं इनकी रिकवरी भी तेजी से हुई। इसके कारण इन्हें महज एक घंटे के दौरान घर भेज दिया गया जबकि एफ वर्ग में शामिल बच्चों को बेहोशी के बाद होश में लाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जरूरत पड़ी। वहीं उन्हें रिकवरी में पांच से छह घंटे लग गए।
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शोध से कई बेहतर परिणाम हुए हासिल
डॉ. अजय ने बताया कि डेक्समेडेटोमेडिन आईसीयू में प्रयोग की जाने वाली दवा है। इससे मरीज को नींद की अवस्था में भेजा जाता है ताकि उसे दर्द में आराम मिले। इसका सबसे बेहतर परिणाम यह है कि इस दवा की डोज जैसे ही बंद की जाती है वैसे इसका असर समाप्त हो जाता है जबकि बेहोशी के लिए दी जाने वाली अन्य दवाओं का असर खत्म होने में काफी समय लग जाता है। वही इस दवा के प्रयोग से बच्चों को बेहद कम डोज की जरूरत पड़ती है।   

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