फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh pgi new reserch

PGI: रिसर्च में ढूंढा दो बीमारियों का रामबाण इलाज

Mon, 03 Feb 2014 01:59 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 03 Feb 2014 01:59 PM IST
विज्ञापन
chandigarh pgi new reserch

अल्जाइमर व पर्किंसन के कारणों की दिशा की ओर एक बड़ी कामयाबी मिली है। पीजीआई की छह साल तक चली एक रिसर्च में सामने आया है कि कापर बाइडिंग वाले दो प्रोटीन काफी हद तक इन दोनों बीमारियों का कारण हो सकते हैं।

विज्ञापन


कापर बाइडिंग प्रोटीन का जब भी बैलेंस बिगड़ता है तो अल्जाइमर व पर्किंसन के विकसित होने के चांस बढ़ने लगते हैं। इस शोध से दिमाग से जुड़ी दोनों गंभीर बीमारियों के कारणों की पहली सीढ़ी मिल गई है।
विज्ञापन


शोधकर्ताओं के मुताबिक अब यदि इस पर आगे काम हुआ तो ठोस कारणों का पता चल सकेगा। हालांकि पीजीआई ने इस दिशा की ओर भी अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं।

बीमारी का कारण पता चलने पर इसका इलाज भी संभव हो सकेगा। पीजीआई के बायोकेमेस्ट्री विभाग की इस रिसर्च को नेचर इंडिया ने 27 जनवरी को प्रकाशित किया है।

इस रिसर्च के पहले पहले आर्थर पीजीआई के सीनियर रिसर्च फैलो डा. अमित पाल, दूसरे आर्थर पीयू सिस्टम बायोलाजी एंड बायोइंफोरमेटिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर व कोरेसपांडेंट आर्थर डा. राजेंद्र प्रसाद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीजीआई के शोधकर्ताओं के मुताबिक अब तक दोनों बीमारियों के सटीक कारणों का पता नहीं लग पाया। सीनियर रिसर्च फैलो डा. अमित पाल ने बताया कि अल्जाइमर व पर्किंसन के शोध अब तक जीन तक ही सीमित थे। पहली बार रिसर्च प्रोटीन स्तर तक ले जाने में कामयाबी मिली है।

उनके मुताबिक शरीर के लिए कापर, आयरन और जिंक बहुत जरूरी होते हैं। तीनों धातु शरीर और दिमाग को विकसित करते हैं। कापर का काम सेंट्रल नर्वस सिस्टम को विकसित करना और काम करना होता है।

इसके साथ सुपरआक्साइड डिस्म्यूटेस वन और सेरलोप्लाज्मिन प्रोटीन काम करते हैं। जब भी कापर की मात्रा घटती-बढ़ती है तो ये प्रोटीन भी अपना बैलेंस खोने लगते हैं और इससे अल्जाइमर और पर्किंसन के तत्व विकसित होने लगते हैं।


डा. अमित पाल के मुताबिक उनकी टीम विल्सन डिसीज पर काम कर रही थी, तभी उन्हें इस बीमारी की ओर एक रोशनी की किरण मिली।

उन्होंने बताया कि प्रोटीन पर आधारित शोध देश में पहली बार हुई है। यह भविष्य के रिसर्च के लिए एक प्लेटफार्म मिल गया है। यदि आगे काम हुआ तो जरूर इसमें सफलता मिलेगी। पीजीआई की टीम आगे काम कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed