{"_id":"64f2f0c673575e1fb70484d8","slug":"chandigarh-pgi-achieved-first-position-among-682-antiretroviral-centers-in-country-2023-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई ने बढ़ाया मान: एचआईवी संक्रमित मरीजों के इलाज में दिए बेहतर परिणाम, एआरटी सेंटर देशभर में अव्वल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजीआई ने बढ़ाया मान: एचआईवी संक्रमित मरीजों के इलाज में दिए बेहतर परिणाम, एआरटी सेंटर देशभर में अव्वल
Sat, 02 Sep 2023 02:52 PM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 02 Sep 2023 02:52 PM IST
सार
पीजीआई का एआरटी सेंटर देश के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शामिल है। इसमें चंडीगढ़ के साथ उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के मरीजों का सुपरविजन किया जाता है। इसके अंतर्गत पांच फैसेलिटी सेंटर, चार एआरटी प्लस सेंटर, 18 एआरटी सेंटर और 13 लिंक एआरटी सेंटर शामिल हैं।
विज्ञापन
पीजीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीजीआई ने एक बार फिर चंडीगढ़ का मान बढ़ाया है। संस्थान ने एचआईवी संक्रमित मरीजों के इलाज में बेहतर परिणाम देकर देश के 682 एंटीरेट्रोवाइरल (एआरटी) सेंटरों में पहला स्थान प्राप्त किया है। संस्थान की इस उपलब्धि की एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने भी तारीफ की है।
पीजीआई एआरटी के कार्यक्रम निदेशक प्रो. अमन शर्मा ने बताया कि परिणाम के लिए देशभर के 682 सेंटरों का आकलन किया गया। स्कोर कार्ड असेसमेंट के माध्यम से अलग-अलग वर्गों में स्थिति का जायजा लिया गया। इसमें मुख्य रूप से नए पंजीकृत मरीज, इलाज की सुविधाएं, वायरल लोड के प्रभाव का आकलन, एसआईवी-टीबी ग्रस्त मरीजों की स्थिति और डाटा की गुणवत्ता जैसे बिन्दुओं को शामिल किया गया था। इसमें पीजीआई को सबसे ज्यादा स्कोर मिले।
यह भी पढ़ें: पंजाब का नया दर्द: कॉन्ट्रैक्ट मैरिज में लुट रही जवानी, विदेश जाने की चाह में... न खुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम
विज्ञापन
नाम दिया गया 360 डिग्री एआरटी रिव्यू
नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ओर से किए गए रिव्यू को 360 डिग्री नाम दिया गया था। प्रो. अमन शर्मा का कहना है कि इसमें देश के एक कोने से दूसरे कोने तक के सभी सेंटरों को शामिल कर वास्तविक स्थिति जांची गई। सोसाइटी के सदस्यों ने सभी सेंटरों का खुद दौरा कर उसकी रिपोर्ट बनाई। इसमें पंजीकृत मरीजों से जुड़ी एक-एक जानकारी के साथ सेंटर की सुविधाओं को भी देखा। उन्होंने बताया कि पीजीआई में एंटीरेट्रोवाइरल उपचार के 16165 मरीज पंजीकृत हैं। इसमें 15082 वयस्क और 1084 बच्चे शामिल हैं।
उत्तर भारत के मरीजों की जिम्मेदारी
पीजीआई का एआरटी सेंटर देश के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शामिल है। इसमें चंडीगढ़ के साथ उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के मरीजों का सुपरविजन किया जाता है। इसके अंतर्गत पांच फैसेलिटी सेंटर, चार एआरटी प्लस सेंटर, 18 एआरटी सेंटर और 13 लिंक एआरटी सेंटर शामिल हैं। इन सेंटरों से गंभीर मरीजों को पीजीआई रेफर किया जाता है। इसकी जिम्मेदारी सेंटर के कार्यक्रम निदेशक, उप कार्यक्रम निदेशक के साथ तीन डॉक्टर और 15 कर्मचारियों की टीम पर होती है।
यह भी पढ़ें: Punjab: पंचायतें भंग करने के मामले में अधिकारियों के निलंबन पर नाराजगी, आईएएस लॉबी और सरकार में टकराव के आसार
98 प्रतिशत ले रहे दवा
पीजीआई का एआरटी सेंटर डब्ल्यूएचओ की ओर से अलग-अलग वर्ग में तय किए लक्ष्यों को बेहतर तरीके से प्राप्त कर रहा है। इसमें दवा लेने वाले मरीजों के लिए दिए गए 95 प्रतिशत के लक्ष्य में सेंटर ने आगे बढ़कर 98 प्रतिशत का परिणाम हासिल किया है। वहीं, अगर पिछले पांच वर्षों का आकड़ा देखा जाए तो 168 संक्रमित गर्भवतियों की डिलीवरी कराई गई है। उनमें से सिर्फ दो बच्चे संक्रमित हुए हैं।
पीजीआई के एआरटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का देश के 682 सेंटरों में नंबर एक चुना जाना हमारे डॉक्टरों के साथ टीम की मेहनत और सुनियोजित कार्ययोजना का परिणाम है। हमारा प्रयास इस उपलब्धि को कायम रखते हुए और बेहतर प्रदर्शन करना होगा। - प्रो. अमन शर्मा, कार्यक्रम निदेशक पीजीआई एआरटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
विज्ञापन
पीजीआई एआरटी के कार्यक्रम निदेशक प्रो. अमन शर्मा ने बताया कि परिणाम के लिए देशभर के 682 सेंटरों का आकलन किया गया। स्कोर कार्ड असेसमेंट के माध्यम से अलग-अलग वर्गों में स्थिति का जायजा लिया गया। इसमें मुख्य रूप से नए पंजीकृत मरीज, इलाज की सुविधाएं, वायरल लोड के प्रभाव का आकलन, एसआईवी-टीबी ग्रस्त मरीजों की स्थिति और डाटा की गुणवत्ता जैसे बिन्दुओं को शामिल किया गया था। इसमें पीजीआई को सबसे ज्यादा स्कोर मिले।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: पंजाब का नया दर्द: कॉन्ट्रैक्ट मैरिज में लुट रही जवानी, विदेश जाने की चाह में... न खुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम
विज्ञापन
नाम दिया गया 360 डिग्री एआरटी रिव्यू
नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ओर से किए गए रिव्यू को 360 डिग्री नाम दिया गया था। प्रो. अमन शर्मा का कहना है कि इसमें देश के एक कोने से दूसरे कोने तक के सभी सेंटरों को शामिल कर वास्तविक स्थिति जांची गई। सोसाइटी के सदस्यों ने सभी सेंटरों का खुद दौरा कर उसकी रिपोर्ट बनाई। इसमें पंजीकृत मरीजों से जुड़ी एक-एक जानकारी के साथ सेंटर की सुविधाओं को भी देखा। उन्होंने बताया कि पीजीआई में एंटीरेट्रोवाइरल उपचार के 16165 मरीज पंजीकृत हैं। इसमें 15082 वयस्क और 1084 बच्चे शामिल हैं।
उत्तर भारत के मरीजों की जिम्मेदारी
पीजीआई का एआरटी सेंटर देश के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शामिल है। इसमें चंडीगढ़ के साथ उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के मरीजों का सुपरविजन किया जाता है। इसके अंतर्गत पांच फैसेलिटी सेंटर, चार एआरटी प्लस सेंटर, 18 एआरटी सेंटर और 13 लिंक एआरटी सेंटर शामिल हैं। इन सेंटरों से गंभीर मरीजों को पीजीआई रेफर किया जाता है। इसकी जिम्मेदारी सेंटर के कार्यक्रम निदेशक, उप कार्यक्रम निदेशक के साथ तीन डॉक्टर और 15 कर्मचारियों की टीम पर होती है।
यह भी पढ़ें: Punjab: पंचायतें भंग करने के मामले में अधिकारियों के निलंबन पर नाराजगी, आईएएस लॉबी और सरकार में टकराव के आसार
98 प्रतिशत ले रहे दवा
पीजीआई का एआरटी सेंटर डब्ल्यूएचओ की ओर से अलग-अलग वर्ग में तय किए लक्ष्यों को बेहतर तरीके से प्राप्त कर रहा है। इसमें दवा लेने वाले मरीजों के लिए दिए गए 95 प्रतिशत के लक्ष्य में सेंटर ने आगे बढ़कर 98 प्रतिशत का परिणाम हासिल किया है। वहीं, अगर पिछले पांच वर्षों का आकड़ा देखा जाए तो 168 संक्रमित गर्भवतियों की डिलीवरी कराई गई है। उनमें से सिर्फ दो बच्चे संक्रमित हुए हैं।
पीजीआई के एआरटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का देश के 682 सेंटरों में नंबर एक चुना जाना हमारे डॉक्टरों के साथ टीम की मेहनत और सुनियोजित कार्ययोजना का परिणाम है। हमारा प्रयास इस उपलब्धि को कायम रखते हुए और बेहतर प्रदर्शन करना होगा। - प्रो. अमन शर्मा, कार्यक्रम निदेशक पीजीआई एआरटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस