पहले जैसा नजारा: चंडीगढ़ में कर्फ्यू हटा, पंचकूला में भी ढील, बॉर्डर पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें
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चंडीगढ़ प्रशासन ने जहां कर्फ्यू खत्म करने के आदेश जारी किए तो पंचकूला प्रशासन ने भी सोमवार को लॉकडाउन में काफी रियायतें दीं। इस छूट के दौरान हर कोई अपने गांव, शहर और घर पहुंचने की जल्दबाजी में रहा। नतीजतन पंचकूला-चंडीगढ़ की मुख्य सीमाओं पर जाम लग गया। सुबह से ही हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट और मनसा देवी को जाने वाला, ठाकुर सिंह द्वारा पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगती गईं।
हर घंटे स्थिति बिगड़ती गई। हर तरफ हॉर्न बजने लगे और हर वाहन चालक पहले अपनी गाड़ी को आगे ले जाने की फिराक में नजर आया। इस दौरान न तो चंडीगढ़ पुलिस ही कुछ कर पाई और न ही पंचकूला पुलिस कोई समाधान निकाल सकी। दरअसल, चंडीगढ़ प्रशासन ने सोमवार से न केवल कर्फ्यू खत्म करने के आदेश जारी किए, बल्कि शहर की दुकानें सुबह दस से शाम छह बजे तक खोलने और खरीदारी के लिए सुबह सात से शाम सात बजे तक की छूट दी।
वहीं, पंचकूला प्रशासन ने भी सुबह आठ से शाम छह बजे तक दुकानें खोलने का समय दिया। यही कारण है कि न केवल चंडीगढ़ से पंचकूला जाने के लिए बॉर्डर पर जाम था बल्कि पंचकूला की सीमा से चंडीगढ़ आने का रास्ता भी जाम था। हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट और ठाकुर सिंह द्वारा के सामने कालका की तरफ जाने वाली, दोनों तरफ की सड़कें दूर-दूर तक वाहनों से पूरी तरह भरी हुई थी।
चार स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसो लाखों लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग
कोरोना वायरस का चंडीगढ़ में तेजी से फैलाव है। इस कारण पंचकूला प्रशासन ने चंडीगढ़ से आने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग के आदेश किए हुए हैं। हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट और ठाकुर सिंह द्वारा को लगती मुख्य सड़क पर हजारों लोगों की भीड़ लगी लेकिन थर्मल स्क्रीनिंग करने वाले केवल चार स्वास्थ्य कर्मचारी थे।
नतीजतन लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग के लिए काफी देर तक रुकना पड़ा और दूसरी तरफ जाम की स्थिति अधिक विकराल होती गई। बाहरी सीमाओं पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के मकसद से पुलिसकर्मी मौजूद तो रहे लेकिन सब कुछ अव्यवस्थित रहा। दोनों जगहों के पुलिस विभाग के पास लंबे समय तक खाली रही सड़कों के बाद सोमवार को अचानक हजारों की तादाद में बाहर निकले लोगों को व्यवस्थित करने का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं था।
भीड़ को नियंत्रित करने की नहीं बनाई कोई योजना
लंबे समय तक के कर्फ्यू और लॉकडाउन रहने के बाद पंचकूला और चंडीगढ़ प्रशासन ने लोगों को छूट दिए जाने के संबंध में स्थिति रविवार को ही स्पष्ट कर दी थी। इसके बावजूद चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस विभाग सहित प्रशासन ने इसकी कोई कारगर योजना नहीं बना सका, जिसकी मदद से सोमवार को सड़कों पर एक साथ आए हजारों लोगों के आवागमन को व्यवस्थित बनाया जाता। नतीजतन दोनों जगहों पर आवाजाही करने वाले लोग एक दूसरे से पहले गाड़ियों निकालने को उतारू रहे और असहाय पुलिसकर्मी भी आमजन की तरह पूरा नजारा देखने को विवश खड़े रहे।