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पेड पार्किंग से वाहन चोरी हो जाए तो क्या करेंगे?

Wed, 05 Aug 2015 02:56 PM IST
अवधेश शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
अवधेश शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 05 Aug 2015 02:56 PM IST
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chandigarh paid parking issue

‘यदि आप रेलवे पार्किंग में वाहन खड़ा करके किसी काम से जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि पार्किंग से वाहन चोरी होने पर ठेकेदार जिम्मेदार नहीं होगा।’ यह नार्दर्न रेलवे की ओर से पार्किंग ठेकेदारों को दी गई रसीद पर साफ लिखा है। जबकि शहर में पार्किंग का संचालन करने वाले ठेकेदारों की रसीद पर लिखा है कि वाहन चोरी होने पर वह जिम्मेदार होंगे।

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रेलवे और शहर की पार्किंग रसीद पर नियमों में अंतर होना यात्रियों को रास नहीं आ रहा है। अब वह रसीद को लेकर अंबाला मंडल के डीआरएम से मिलने की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं पार्किंग रसीद की सच्चाई जानने के लिए मंगलवार को अमर उजाला टीम ने रेलवे और शहर में चल रही कई पार्किंग का दौरा किया।
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रेलवे पार्किंग रसीद में काफी अंतर
शहर और रेलवे की पार्किंग रसीद में भी काफी अंतर है। शहर के भीतर पार्किंग का संचालन करने वाले ठेकेदार जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए रसीद काटने के दौरान साइन भी करते हैं। जबकि रेलवे पार्किंग में दी जाने वाली रसीदों पर ठेकेदार के साइन नहीं होते हैं। क्योंकि यह रसीदें ठेकेदार को नार्दर्न रेलवे ने मुहैया करवाया है। वहीं, शहर के ठेकेदार पार्किंग रसीदों की प्रिंटिंग खुद करवाते हैं।
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पार्किंग फीस में भी जमीन-आसमान का अंतर
शहर और रेलवे पार्किंग की फीस में भी जमीन-आसमान का अंतर है। शहर की पार्किंग में 16 घंटे के लिए जहां दो रुपये अदा करने पड़ते हैं। वहीं रेलवे पार्किंग में दो से 24 घंटे के लिए 20 रुपये देने पड़ते हैं। रेलवे ठेकेदारों का कहना है कि पार्किंग रेट वह निर्धारित नहीं करते हैं। रेलवे खुद तय करता है। क्योंकि वह पार्किंग रेट ठेके के आधार पर तय करता है।

रेलवे पार्किंग के क्या हैं नियम
रेलवे पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों को क्या सावधानी बरतने की जरूरत है, इसकी जानकारी के लिए दिशा-निर्देश बोर्ड लगाना जरूरी है। बोर्ड पर पार्किंग का ठेका कब और कितने में छूटा है। पार्किंग का संचालन करने वाले ठेकेदार का नाम, पता और फोन नंबर क्या है। यदि किसी वाहन मालिक को शिकायत करनी हो तो वह रेलवे के किस अधिकारी से संपर्क कर सकता है। जीआरपी एसएचओ और आरपीएफ पोस्ट कमांडर का मोबाइल नंबर। जीआरपी थाने और आरपीएफ पोस्ट का नंबर लिखा जाना चाहिए।

वाहन मालिकों को नहीं है जानकारी

रेलवे पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले लोगों को यह जानकारी नहीं है कि वाहन चोरी होने पर ठेकेदार जिम्मेदार नहीं होगा। पंचकूला साइड की रेलवे पार्किंग में वाहन खड़ा करने आए मनोज कुमार का कहना है कि वह तो वाहन खड़ा करते हैं और रसीद ले लेते हैं। इससे अधिक उन्हें जानकारी नहीं है। वहीं सिटी साइड की पार्किंग में वाहन खड़ा करने आए रमेश का कहना है कि वाहन के सुरक्षा की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। क्योंकि वह सुरक्षा के लिए ही पैसे लेता है।

जीआरपी एसएचओ ने ठेकेदारों को बुलाया

जीआरपी थाना प्रभारी हरनेक सिंह को जैसे ही पार्किंग रसीद में गोलमाल की जानकारी लगी। उन्होंने पंचकूला और सिटी साइड पार्किंग के ठेकेदार को थाने बुलाया। उन्होंने रसीद के बारे में जानकारी हासिल की और रसीद पर प्रिंटिंग सही कराने के निर्देश दिए।


रेलवे पार्किंग की रसीदें ठेकेदारों को रेलवे मुहैया करवाता है। रसीदों पर यदि यह लिखा है कि वाहन चोरी होने पर ठेकेदार जिम्मेदार नहीं होगा तो इसके लिए एक बार रेलवे नियमों को चेक करना पड़ेगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  
 -प्रवीण गौड़ द्विवेदी, सीनियर डिवीजनल कॉमर्शियल मैनेजर, अंबाला मंडल

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