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इंटरनेशनल ओलंपियाड में नाम चमकाएगा शहर का ये होनहार
सुमित सिंह श्यौराण /अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 26 Apr 2014 11:49 AM IST
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इंटरनेशनल ओलंपियाड में सेक्टर-20 स्थित पाई स्कॉलिस्टिक कोचिंग सेंटर के स्टूडेंट गुरकिरत सिंह बाजवा ने फिजिक्स ओलंपियाड के फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है।
देश भर से केवल 5 स्टूडेंट में इंटरनेशनल राउंड के लिए चुना गया है। जानकारी के अनुसार गुरकिरत सिंह नार्थ रीजन से फाइनल में पहुंचे एकमात्र स्टूडेंट हैं।
सेक्टर-37 स्थित स्टेपिंग स्टोन स्कूल में 12वीं के छात्र गुरकिरत जुलाई में होने वाले फाइनल राउंड की तैयारी में जुटे हुए हैं। अमर उजाला से बातचीत में बाजवा ने कहा कि उनकी सफलता में उनके पैरेंट्स और टीचर सवीन संधू का विशेष योगदान है।
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मूल रुप से होशियारपुर निवासी गुरकिरत सिंह ने 10वीं में 96.2 फीसदी अंक हासिल किए थे। बाजवा ने प्रतिष्ठित किशोर बाल प्रोत्साहन योजना(केवीपीवाई) में भी सफलता हासिल की है।
इनका लक्ष्य आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर अपना कैरियर बनाना है। खाली समय में मूवी देखना और नॉवेल पढ़ना इन्हें खास तौर से पसंद है।
उन्होंने कहा कि उन्हें पहले ही राउंड से फाइनल तक पहुंचने की पूरी उम्मीद थी। कोपरेटिव बैंक होशियारपुर की ब्रांच में मैनेजर के तौर पर कार्यरत बाजवा के पिता रविंदर सिंह बाजवा को वे अपना रोल मॉडल मानते हैं। आईआईटी की तैयारी के लिए बाजवा अपनी मां के साथ दो साल से चंडीगढ़ में रहते हैं।
13 से 21 जुलाई तक कजाकिस्तान में होगा फाइनल मुकाबला
बाजवा 1 जुलाई को मुंबई में होने वाले प्री-डिपार्चर कैंप में हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि फाइनल राउंड 13 से 21 जुलाई तक अस्ताना, कजाकिस्तान में होगा।
देश भर से सिर्फ 5 स्टूडेंट कांटेस्ट में हिस्सा लेंगे। मुंबई स्थित होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजूकेशन में विद्यार्थियों को अंतिम मुकाबले से पहले देश के नामी साइंटिस्ट तराशेंगे।
ओलंपियाड में चयन के लिए पहले राउंड में देश भर से सिर्फ 300 स्टूडेंट चुने गए। दूसरे राउंड में 35 विद्यार्थियों का चयन हुआ। 10 दिन की कड़ी ट्रेनिंग के बाद टॉप 5 स्टूडेंट का चयन इंटरनेशनल स्तर के लिए किया जाता है।
फाइनल राउंड में मेडल लाने वाले विद्यार्थियों को दुनिया की नामी यूनिवर्सिटी में दाखिला और निशुल्क पढ़ाई का मौका मिलता है। इंजि.सवीन कहते हैं कि उन्हें गुरकिरत से फाइनल में मेडल की पूरी उम्मीद है।
3 सालों से चंडीगढ़ के खाते में मेडल
फिजिक्स ओलंपियाड में लगातार चार सालों से शहर के होनहारों का जलवा बरकरार है। पाई स्कॉलिस्टिक डायरेक्टर इंजीनियर सवीन सिंधू ने बताया कि फिजिक्स ओलंपियाड में 2013 में अभिजीत लावण्या(सिल्वर मेडल), 2012 बिजोय सिंह (सिल्वर मेडल) और 20111 में सुमेघा गर्ग ने गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया है।
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देश भर से केवल 5 स्टूडेंट में इंटरनेशनल राउंड के लिए चुना गया है। जानकारी के अनुसार गुरकिरत सिंह नार्थ रीजन से फाइनल में पहुंचे एकमात्र स्टूडेंट हैं।
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सेक्टर-37 स्थित स्टेपिंग स्टोन स्कूल में 12वीं के छात्र गुरकिरत जुलाई में होने वाले फाइनल राउंड की तैयारी में जुटे हुए हैं। अमर उजाला से बातचीत में बाजवा ने कहा कि उनकी सफलता में उनके पैरेंट्स और टीचर सवीन संधू का विशेष योगदान है।
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मूल रुप से होशियारपुर निवासी गुरकिरत सिंह ने 10वीं में 96.2 फीसदी अंक हासिल किए थे। बाजवा ने प्रतिष्ठित किशोर बाल प्रोत्साहन योजना(केवीपीवाई) में भी सफलता हासिल की है।
इनका लक्ष्य आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर अपना कैरियर बनाना है। खाली समय में मूवी देखना और नॉवेल पढ़ना इन्हें खास तौर से पसंद है।
उन्होंने कहा कि उन्हें पहले ही राउंड से फाइनल तक पहुंचने की पूरी उम्मीद थी। कोपरेटिव बैंक होशियारपुर की ब्रांच में मैनेजर के तौर पर कार्यरत बाजवा के पिता रविंदर सिंह बाजवा को वे अपना रोल मॉडल मानते हैं। आईआईटी की तैयारी के लिए बाजवा अपनी मां के साथ दो साल से चंडीगढ़ में रहते हैं।
13 से 21 जुलाई तक कजाकिस्तान में होगा फाइनल मुकाबला
बाजवा 1 जुलाई को मुंबई में होने वाले प्री-डिपार्चर कैंप में हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि फाइनल राउंड 13 से 21 जुलाई तक अस्ताना, कजाकिस्तान में होगा।
देश भर से सिर्फ 5 स्टूडेंट कांटेस्ट में हिस्सा लेंगे। मुंबई स्थित होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजूकेशन में विद्यार्थियों को अंतिम मुकाबले से पहले देश के नामी साइंटिस्ट तराशेंगे।
ओलंपियाड में चयन के लिए पहले राउंड में देश भर से सिर्फ 300 स्टूडेंट चुने गए। दूसरे राउंड में 35 विद्यार्थियों का चयन हुआ। 10 दिन की कड़ी ट्रेनिंग के बाद टॉप 5 स्टूडेंट का चयन इंटरनेशनल स्तर के लिए किया जाता है।
फाइनल राउंड में मेडल लाने वाले विद्यार्थियों को दुनिया की नामी यूनिवर्सिटी में दाखिला और निशुल्क पढ़ाई का मौका मिलता है। इंजि.सवीन कहते हैं कि उन्हें गुरकिरत से फाइनल में मेडल की पूरी उम्मीद है।
3 सालों से चंडीगढ़ के खाते में मेडल
फिजिक्स ओलंपियाड में लगातार चार सालों से शहर के होनहारों का जलवा बरकरार है। पाई स्कॉलिस्टिक डायरेक्टर इंजीनियर सवीन सिंधू ने बताया कि फिजिक्स ओलंपियाड में 2013 में अभिजीत लावण्या(सिल्वर मेडल), 2012 बिजोय सिंह (सिल्वर मेडल) और 20111 में सुमेघा गर्ग ने गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया है।