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Chandigarh : एनटीए ने नहीं जताया सरकारी सिस्टम पर भरोसा, पेपर लीक के डर से सुरक्षा तक नहीं ली

Sun, 06 Nov 2022 05:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा सोमदत्त शर्मा, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 06 Nov 2022 05:53 AM IST
सार

Chandigarh : पेपर लीक होने के डर से एनटीए ने अपने प्लान को गोपनीय रखा। इतना ही नहीं हरियाणा सरकार द्वारा पेपर पहुंचाने वाले वाहनों के लिए पुलिस सुरक्षा तक नहीं ली और न ही एनटीए ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) और सरकार को वाहनों का रूट प्लान बताया और न ही परीक्षा से संबधित अन्य जानकारी सांझा की।

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Chandigarh : NTA did not express trust in government system
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विस्तार

पेपर लीक को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहे हरियाणा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने प्रदेश के सरकारी सिस्टम पर भरोसा नहीं जताया। पेपर लीक होने के डर से एनटीए ने अपने प्लान को गोपनीय रखा। इतना ही नहीं हरियाणा सरकार द्वारा पेपर पहुंचाने वाले वाहनों के लिए पुलिस सुरक्षा तक नहीं ली और न ही एनटीए ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) और सरकार को वाहनों का रूट प्लान बताया और न ही परीक्षा से संबधित अन्य जानकारी सांझा की। एनटीए के फूल प्रूफ प्लान के तहत पहले दिन प्रदेश में कहीं से कोई पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया। 

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बता दें कि हरियाणा में कई पेपर लीक हो चुके हैं और पेपर आउट होने के मामले भी लगातार आते रहे हैं। फर्जी अभ्यर्थियों समेत तमाम गड़बड़ी परीक्षाओं में सामने आती रही हैं। हरियाणा सरकार के लिए प्रदेश में परीक्षा कराना चुनौती रहा है। लीक के दाग से बचने के लिए पहली बार हरियाणा सरकार ने सीईटी की परीक्षा एनटीए से कराने का फैसला लिया। प्रदेश में बिना लीकेज के पेपर संपन्न कराना एनटीए के लिए भी बड़ी चुनौती है। हालांकि, पहले दिन एनटीए अपने इम्तिहान में पास भी हो गई। परीक्षा को सफल बनाने के लिए आयोग ने अपनी ही योजना के साथ काम किया। पहला तो रोल नंबर ही परीक्षा के ऐन वक्त जारी किए। ताकि फर्जी अभ्यर्थी या फिर पेपर माफिया किसी केंद्र पर पहले से कोई सेंटिंग न कर सके। इसलिए एनटीए ने परीक्षा के संबंध में किसी के साथ भी कोई जानकारी सांझा नहीं की। 
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फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ये किया
परीक्षा में फर्जीवाड़ा रोकने समेत एनटीए ने कई अहम फैसले लिए। पहला आधार कार्ड के आधार पर अभ्यर्थी की एंट्र्री और परीक्षार्थी की आंख की पुतली का मिलान किया गया। दूसरा, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के कमरे में एक एक की बजाए दो दो इनविजिलेटर नियुक्त किए। साथ ही सभी परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई, बायोमीट्रिक हाजिरी भी ली गई। 
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14 हजार कैमरों से हर परीक्षार्थी पर नजर
एनटीए ने परीक्षा को सफल बनाने के लिए 14 हजार सीसीटीवी कैमरों के माध्मय से हर परीक्षार्थी पर नजर रखी। सभी परीक्षा केंद्र एनटीए के मुख्यालय और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के कंट्रोल रूसे लाइव जुड़े हुए थे। दिल्ली में एनटीए के अधिकारियों और हरियाणा में एचएसएससी के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी, सचिव विरोट और परीक्षा नियंत्रक दलजीत सिंह निगरानी रखे हुए थे। इसके लिए एनटीए ने एक एजेंसी को हायर किया है। इस दौरान अधिकारियों और चेयरमैन ने इधर उधर नकल की कोशिश करने वालों से सीट से दूर बैठाया।  


मुख्य सचिव, डीजीपी और सीईडी चीफ लेते रहे पलपल की जानकारी
हरियाणा सरकार के लिए यह परीक्षा कितनी अहम है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के मुख्य सचिव संजीव कौशल, डीजीपी पीके अग्रवाल, सीआईडी चीफ एडीजीपी आलोक मित्तल पलपल की अपडेट लेते रहे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने भी परीक्षा पर नजर रखी। जिलों में सभी डीसी और एसपी ने नकल रोकने के लिए खुद कमान संभाली। परीक्षा केंद्रों पर इस बार पहले की बजाए अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात रहे।

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