चंडीगढ़ में गैस लीकेज से धमाका... दो लोग झुलसे, खिड़की, दरवाजे उखड़े, किचन की दीवार ढही
चंडीगढ़ के सेक्टर-21डी स्थित एक मकान में गैस लीकेज से जोरदार धमाका होने पर एजेंसी कर्मी समेत मकान मालिक गंभीर रूप से झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि घर की तीन खिड़कियां, तीन दरवाजे समेत किचन की दीवार ढह गई। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जीएमसीएच-32 पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घायलों की पहचान गैस एजेंसी कर्मी नेत्रपाल और मकान मालिक रोहित के रूप में हुई है। आशंका है कि कमरे में रखे फ्रिज में शार्ट सर्किट होने से धमाका हुआ होगा। मामले में पुलिस और दमकल विभाग ने जांच शुरू कर दी है। हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3.15 बजे का है। सेक्टर-21डी स्थित मकान नंबर 3009 निवासी परवीन ने बताया कि वह परिवार समेत रहती हैं।
उनका बेटा रोहित एक निजी कंपनी में ट्रांसपोर्ट का काम करता है। सुबह जब खाना बनाने का समय हुआ तो गैस नहीं जल रही थी। इसके बाद गैस एजेंसी में फोन कर दोपहर को इसकी शिकायत दी गई। करीब दो घंटे के बाद एजेंसी का एक कर्मी आया, तभी बेटा रोहित उसे लेकर कमरे में गया और सिलिंडर को ठीक करवाने लगा। इस दौरान कमरे में गैस की काफी गंध फैल गई। इसके थोड़ी देर बाद ही जोरदार धमाका हुआ।
धमाका इतना तेज था कि घर की खिड़कियां, दरवाजे समेत किचन की दीवार ढह गई। हादसे में रोहित और एजेंसी कर्मी नेत्रपाल बुरी तरह झुलस गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस और दमकलकर्मियों को दी गई। मौके पर सेक्टर-17 दमकल विभाग अधिकारी जगतार सिंह टीम के साथ पहुंचे लेकिन तब तक स्थिति सामान्य हो गई थी।
चेहरा और पैर झुलसा
बताया गया कि सिलिंडर में रेगुलेटर बदलने के दौरान वॉल्व में कुछ दिक्कत थी। घर के दरवाजे और खिड़कियों के बंद होने के चलते गैस जमा हो गई। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ। रोहित की मां परवीन ने आरोप लगाते कहा कि एजेंसी कर्मी का काम नया लग रहा था। उसने ठीक से इसकी जांच नहीं की है, उसकी वजह से ही सिलिंडर में आग लगी है। खबर लिखे जाने तक रोहित और नेत्रपाल जीएमसीएच-32 में उपचाराधीन थे।
आशंका है कि कमरे में रखे फ्रिज में शार्ट सर्किट होने से धमाका हुआ होगा। अगर कमरे को खोलकर सिलिंडर की जांच की जाती तो शायद हादसा नहीं होता। मामले में टीम जांच कर रही है। - जगतार सिंह, दमकल विभाग अधिकारी, सेक्टर-17।