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लोगों को बड़ी राहत, नहीं बढ़ेंगे पार्किंग के रेट्स
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 22 Nov 2015 02:41 PM IST
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यूटी नगर निगम ने शहरवासियों को बड़ी राहत दी है। फिलहाल पार्किंग के रेट्स नहीं बढ़ेंगे। प्रस्ताव वापिस भेज दिया गया। लोगों और पार्षदों के विरोध की आशंका के चलते प्रशासन अब विशेषाधिकार का प्रयोग कर पार्किंग के रेट नहीं बढ़ाएगा। प्रशासन चाहता है कि नगर निगम का सदन ही इस पर पुनर्विचार करे।
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हाल ही में नगर निगम के अधिकारियों ने प्रशासन को पेड पार्किंग के रेट बढ़ाने पर सदन के फैसले की प्रति सदन को भेजी थी। अब प्रशासन निगम को प्रस्ताव वापस भेजा रहा है। जिस पर प्रशासन ने नोट लिखा है कि सदन ही इस पर निर्णय ले। प्रशासन ने निगम को कहा है पेड पार्किंग में सुधार के कदम उठाए जाएं। निगम के अधिकारियों ने रेट बढ़ाने के साथ पेड पार्किंग स्थलों की संख्या भी 95 करने का प्रस्ताव तैयार किया था।
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सदन खारिज कर चुका है प्रस्ताव
पेड पार्किंग के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव पिछली सदन की बैठक में खारिज हो चुका है। सदन ने निर्णय लिया था कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रमुख तीन पेड पार्किंग को निजी कंपनियों को चलाने के लिए दिया जाए। जहां निजी कंपनियां पार्किंग में विज्ञापन लगाकर पार्किंग को निशुल्क चलाएं। लेकिन प्रशासन पेड पार्किंगों को निजी कंपनियों को विज्ञापन के लिए देने को तैयार नहीं है।
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लोकतांत्रिक व्यवस्था में दखलंदाजी पड़ सकती है भारी
इससे पहले प्रशासन की योजना थी कि नए साल में बढ़े रेट लागू कर दिए जाएं। लेकिन शहरवासियों पर जो हाउस टैक्स थोपा गया। उस पर प्रशासन ने ही विशेष अधिकार का प्रयोग कर फैसला लिया। इसके बाद से प्रशासन की लगातार किरकिरी हो रही थी। साथ ही प्रशासन की लगातार निगम के काम में दखलंदाजी बढ़ रही थी।
इस कारण जनप्रतिनिधि और पार्षद जनता के साथ विरोध की रणनीति में जुटे थे। पार्षद एसडीएम को नगर निगम में अतिरिक्त कमिश्नर लगाए जाने से भी नाराज हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में दखलंदाजी आने वाले दिनों में प्रशासन पर भारी पड़ने की संभावना है।
लोगों पर तगड़ा बोझ लादने की थी तैयारी
नगर निगम के अधिकारियों की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया था, उसके अनुसार अलग अलग वर्ग के वाहनों से घंटों के हिसाब से पार्किंग रेट वसूलने की योजना थी। जिसमें दो से चार गुना रेट बढ़ाने का प्रस्ताव था।
प्रशासन का यह रवैया सही नहीं
भाजपा पार्षद दल के नेता अरुण सूद का कहना है कि पेड पार्किंग का रेट बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि रेट नहीं बल्कि ऐसी सुविधाएं बढ़नी चाहिए जिससे लोगों को वाहन पार्क करने में कोई परेशानी न आए।
विशेषाधिकार का प्रयोग कर लोगों पर बोझ डालने का प्रशासन का रवैया सही नहीं है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विज्ञापन कंपनियों को तीन पार्किंग चलाने के लिए दी जानी चाहिए। प्रशासन को जनविरोधी निर्णय लेने का हक नहीं है।