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चंडीगढ़ : स्मार्ट घड़ियों पर हर माह 18 लाख खर्च कर रहा निगम, कर्मचारी पहनने को तैयार ही नहीं
Sat, 03 Apr 2021 04:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 03 Apr 2021 04:41 PM IST
सार
- सफाई कर्मचारियों के चुनाव के कारण नहीं हो रही स्मार्ट घड़ियों को लेकर मेयर की कमेटी बैठक
- प्रशासक वीपी सिंह बदनौर तक को जा चुका है पत्र
- 25 अप्रैल को होना है सफाई कर्मचारियों का चुनाव
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चंडीगढ़ नगर निगम।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
एक तरफ चंडीगढ़ निगम वित्तीय संकट का रोना रोता है, वहीं राजनीति के कारण निगम हर माह 18 लाख का घाटा झेल रहा है। सफाई कर्मचारियों के चुनाव के कारण स्मार्ट घड़ियों को लेकर मेयर की कमेटी बैठक ही नहीं कर रही है। इस संबंध में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर तक को पत्र जा चुका है, लेकिन कर्मचारी संगठन का दबाव निगम पर हावी है।
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नगर निगम सफाई कर्मचारियों के चुनाव 25 अप्रैल को होने हैं। दो साल के लिए प्रधान चुना जाना है। प्रधानी के दावेदारों ने कर्मचारियों को स्मार्ट घड़ी के झंझट से मुक्ति का वादा किया है। ऐसे में कर्मचारियों ने नगर निगम से घर-घर से कचरा लेने वाली गाड़ियों पर चढ़ने का वादा तो कर दिया, लेकिन अधिकारियों व कमेटी के लोगों से फिलहाल स्मार्ट घड़ियों के मुद्दे को टालने के लिए कह दिया है। यही कारण है कि पांच माह बीतने के बाद भी स्मार्ट घड़ियों को लेकर कमेटी कोई फैसला ही नहीं कर सकी है। निगम हर माह कंपनी को इन घड़ियों के लिए 18 लाख रुपये दे रहा है।
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नगर निगम ने पिछले साल कर्मचारियों के काम में सुधार के लिए स्मार्ट घड़ियां बांधने की व्यवस्था शुरू की थी। अगस्त में सफाई कर्मचारियों ने इन घड़ियों के विरोध में हड़ताल कर दी। अक्तूबर में हुई सदन की बैठक में यह मामला उठा तो तत्कालीन मेयर राजबाला मलिक ने एक कमेटी बनाकर इस घड़ी को पहनने के बारे में फैसला देने को कहा। वहीं इस प्रकरण में लेखा विभाग ने भी निगम की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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अन्य विभागों में समस्या नहीं, एमओएच में तबीयत खराब हो रही
वर्तमान में 2732 कर्मचारी ही घड़ी बांध रहे हैं जो ऑनलाइन दिखते हैं। वहीं 1223 कर्मचारियों को घड़ी मिली है, लेकिन वह उपयोग नहीं कर रहे हैं। इससे वह ऑफ लाइन दिखते हैं। सबसे ज्यादा 2165 स्मार्ट घड़ियां एमओएच विभाग में दी गई हैं। अन्य विभागों के कर्मचारियों को इस घड़ी से कोई समस्या नहीं है, लेकिन एमओएच के कर्मचारियों का कहना है कि घड़ी से तबीयत खराब हो रही है। निगम ने इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज कंपनी से चार हजार घड़ियां मंगवाईं हैं। एक घड़ी का एक माह का किराया 450 रुपये है। इस हिसाब से एक माह का लगभग 18 लाख रुपये मासिक किराया जा रहा है।
चुनाव के लिए चार लोगों ने लिए फॉर्म
सफाई कर्मचारियों के चुनाव के लिए वर्तमान प्रधान कृष्ण कुमार चड्ढा, श्यामलाल घावरी, विशाल कुमार और जयपाल बागड़ी ने फॉर्म लिए हैं। सफाई कर्मचारियों के कुल 950 वोटर हैं। जिसमें नियमित, प्रतिदिन वेतन भोगी (डेली वेजेज) कर्मचारी वोट डालते हैं। 25 अप्रैल को शाम को ही परिणाम आ जाएगा।
चुनाव के लिए चार लोगों ने लिए फॉर्म
सफाई कर्मचारियों के चुनाव के लिए वर्तमान प्रधान कृष्ण कुमार चड्ढा, श्यामलाल घावरी, विशाल कुमार और जयपाल बागड़ी ने फॉर्म लिए हैं। सफाई कर्मचारियों के कुल 950 वोटर हैं। जिसमें नियमित, प्रतिदिन वेतन भोगी (डेली वेजेज) कर्मचारी वोट डालते हैं। 25 अप्रैल को शाम को ही परिणाम आ जाएगा।
हमने डॉक्टरों से दिखवाया है। घड़ी में कहीं कोई समस्या नहीं हैं। मैं स्वयं प्रतिदिन घड़ी पहनता हूं। कमेटी इस पर चर्चा कर रही है। निर्णय के बाद जल्द घड़ियों को लेकर निर्णय होगा। जिन लोगों की तबयित खराब थी, उनकी भी जांच कराई थी। घड़ी से कोई समस्या नहीं हुई थी। -केके यादव, निगम आयुक्त