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Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Nagar Nigam had taken Money for 15 Sites from Contractor but only 12 sites allotted 

चंडीगढ़ निगम का खेल: 15 साइटों के ले लिए 42.5 लाख, 12 ही आवंटित की... तीन साइटें केवल कागजों में

Tue, 13 Jul 2021 09:27 AM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 13 Jul 2021 09:27 AM IST
सार

हैरानी की बात ये है कि निगम को मालूम है कि तीन साइट केवल कागजों में ही हैं लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार को छह लाख रुपये वापस नहीं किए जा रहे।  
 

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Chandigarh Nagar Nigam had taken Money for 15 Sites from Contractor but only 12 sites allotted 
चंडीगढ़ नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ नगर निगम ने नारियल व तरबूज बेचने के लिए एक ठेकेदार से 15 साइटों के 42.5 लाख रुपये जमा करा लिए, लेकिन उसे सिर्फ 12 साइटें ही आवंटित कीं। जब ठेकेदार ने अपनी तीन अन्य साइटों की जानकारी मांगी तो विभाग टालने लगा। अब निगम ने खुद माना है कि तीन साइटें केवल कागजों में थीं। अब गलती मानने के बाद भी निगम ठेकेदार को इन तीनों साइटों के छह लाख रुपये वापस नहीं कर रहा। ठेकेदार एक साल से निगम के चक्कर काट रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।

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निगम ने सत्र 2020-21 के लिए नारियल व तरबूज बेचने के लिए शहर के 26 साइटों के लिए आवेदन मांगे थे और इनमें से ठेकेदार योगेश ढींगरा को 15 साइटें 42.5 लाख में आवंटित कर दी गईं। वहीं जमीर ट्रेडिंग कंपनी सहित दूसरे ठेकेदार को अन्य साइटें दी गईं। निगम ने सभी को आवंटन पत्र भी दे दिया। योगेश ढींगरा को सेक्टर-41, सेक्टर-20 और सेक्टर-36 में साइटें आवंटित की गई थीं, लेकिन जगह नहीं बताई गई। 
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इसके बाद ठेकेदार को जहां जगह मिली, वहां अपने मुलाजिम को बैठा दिया, लेकिन लोगों की शिकायत के बाद तीनों साइटों को खाली करा दिया गया। पूरे एक साल तक जब जगह का पता नहीं चला तो ठेकेदार ने साइटों के लिए दिए गए 6 लाख रुपये वापस मांगे लेकिन निगम ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि समय रहते ठेकेदार ने आवाज क्यों नहीं उठाई, जबकि इस संबंध में ठेकेदार ने निगम आयुक्त से लेकर सभी अधिकारियों को बाकायदा पत्र लिखकर शिकायत दी थी।

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उप निरीक्षक के सर्वे में भी साइटें न होने का जिक्र

शिकायत के बाद निगम ने अपने अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते से सर्वे कराया था, जिसमें पता चला कि जो साइटें ठेकेदार को दी गई हैं, वह केवल कागजों में ही हैं। उनकी सही जगह का पता ही नहीं है। सेक्टर-36 में मार्केट वालों ने भी इसका विरोध कर दिया था। निगम ने कोई पेड़ के नीचे तो कोई पोल के बगल से साइट बना दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर निगम ने वर्ष 2021-22 के लिए केवल 21 ही साइटों पर आवेदन मांगे थे। शेष साइटों को रद्द कर दिया था।

इस बार मार्किंग और साइन बोर्ड भी लगाने के निर्देश
उप निरीक्षकों की ओर से सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद निगम ने हर साइट पर मार्किंग के साथ ही साइन बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि किसी साइट के लिए कोई समस्या न हो। इसके अलावा पिछली बार ज्यादा जगह घेरने की भी शिकायत मिली थी। अब मार्किंग उतनी ही जगह पर की जाएगी, जितनी तय है।

मामला आया तो था, लेकिन मुझे फिलहाल ठीक से याद नहीं है। इस पूरे मामले को मैं दिखवा लेता हूं। किसी व्यक्ति के साथ इस तरह कुछ गलत नहीं होने देंगे। -सौरभ अरोड़ा, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम

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