चंडीगढ़ निगम की खुली पोल : कई ट्रक सूखे पत्ते किए इकट्ठे, मौका मिलते ही लगा दी आग
- मलोया में सरकारी स्कूल के पीछे इकट्ठा किए जा रहे थे सूखे पत्ते
- शनिवार को मौका देखते ही नगर निगम कर्मचारियों ने लगा दी आ
- धुआं देख पुलिस भी मौके पर पहुंची मौके, कोई नहीं मिला तो लौटी
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नगर निगम के कर्मचारी खुद ही शहर की आबोहवा को जहरीला बनाने का काम कर रहे हैं। निगम के पास सूखे पत्तों के निस्तारण के लिए कोई योजना नहीं है। इसका ताजा उदाहरण मलोया में देखने को मिला। यहां सरकारी स्कूल के पीछे कई दिनों से ट्रकों में लाकर सूखे पत्तों को इकट्ठा किया जा रहा था।
शनिवार को मौका देखते ही इन पत्तों को आग के हवाले कर दिया गया। आग से निकले धुएं से स्थानीय लोग परेशान हो गए। आग फैलते हुए पास के कूड़े में भी लग गई। धुआं इतना ज्यादा था कि पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि यहां कोई नहीं मिला तो बिना कार्रवाई लौट गई।
18 मार्च को अमर उजाला के संवाददाता ने देखा कि नगर निगम के कई ट्रक व ट्रैक्टर सूखे पत्तों को लेकर मलोया की तरफ जा रहे थे। संवाददाता ने पीछा किया तो पाया कि निगम के कई ट्रक व ट्रैक्टर मलोया में सरकारी स्कूल के पीछे सूखे पत्तों को गिरा रहे हैं। यह क्रम कई दिनों तक जारी रहा। नौ दिनों तक वहां रोजाना निगम के ट्रक व ट्रैक्टर आते और फिर सूखे पत्तों को गिरा दिया जाता।
देखते ही देखते स्कूल के पीछे सूखे पत्तों के कई ढेर बन गए। शनिवार को मौका देखते ही कर्मियों ने पत्तों पर आग लगा दी। आग की लपटें काफी ऊंची उठीं और स्थानीय लोग भी धुंए को देख परेशान हो गए। आग इतनी तेज थी कि पास के कूड़े में भी लग गई। धुआं इतना ज्यादा था कि पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि वहां पर पुलिस को कोई नहीं मिला, इसलिए वह बिना कार्रवाई के लौट गई। देर रात तक धुंआ उठता रहा।
अव्यवस्था का आलम
शहर में किस कदर अव्यवस्था फैली हुई है, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि यूटी प्रशासन सेक्टर-26 स्थित ट्रांसपोर्ट चौक पर 24 फुट ऊंचा एक टावर बना रहा है। यह हवा को शुद्ध करेगा, दूसरी तरफ नगर निगम के कर्मचारी सूखे पत्तों व कचरे को एकत्रित कर उनमें आग लगा रहे हैं। इससे आसपास की हवा दूषित व जहरीली हो रही है। सेक्टर-8 में नगर निगम के बागवानी विभाग ने एक गड्ढा बनाया है, जहां वह पार्कों से निकलने वाले पत्तों को एकत्रित करते हैं और खाद बनाते हैं। शहर के सूखे पत्तों को लेकर निगम के पास कोई ठोस रणनीति अभी तक नहीं है।
ऐसे हालात में शहर का स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ना तय
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की टीमें चंडीगढ़ में घूम रही हैं। शनिवार को भी उन्होंने कई सेक्टरों का दौरा किया और साफ-सफाई की जांच की। ऐसे में नगर निगम के कर्मचारी खुले में कूड़े जला रहे हैं, इससे शहर का स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ना तय है। ये टीमें सफाई, शौचालय व्यवस्था और कूड़ा प्रबंधन को देखकर केंद्र सरकार को रिपोर्ट देंगी। स्वच्छता रैंकिंग 2019-20 में भी चंडीगढ़ टॉप 10 में जगह नहीं बना सका था। मामूली सुधार के साथ सिटी ब्यूटीफुल देश में 16वें पायदान पर रहा।
- ये काफी गंभीर बात है। मेरे संज्ञान में ये मामला आया है। एमओएच से इस बारे में पता करूंगा और अगर किसी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी करेंगे। - रविकांत शर्मा, मेयर।
पार्कों के पत्तों को वहीं बने गड्ढों में रखा जाता है। इससे खाद बनती है। सड़कों के पत्तों को एमओएच उठाता है। इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। - केपी सिंह, एसई, बागवानी विभाग।