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Chandigarh: सामुदायिक केंद्र बनाने का निगम रखेगा बजट, 10 करोड़ में पांच केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव
Fri, 03 Feb 2023 05:01 PM IST
निवेदिता वर्मा
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 03 Feb 2023 05:01 PM IST
सार
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से पूरे शहर में सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाता है, लेकिन सामुदायिक केंद्र की स्वीकृति मिलने के बाद उसके निर्माण में काफी समय लग जाता था। कई पार्षदों का तो सामुदायिक केंद्र का प्रस्ताव पास होने के बाद पूरा कार्यकाल निकल जाता था।
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चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
चंडीगढ़ नगर निगम अब सामुदायिक केंद्रों को बनाने के लिए अपना खुद का फंड रखेगा। अब तक शहर में प्रशासन ही सामुदायिक केंद्र बनाता था। उसके बाद निगम को सुपुर्द किया जाता था। नगर निगम वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट रखने जा रहा है। इसमें पहले पांच सामुदायिक केंद्र बनाने का प्रावधान रहेगा। उसके बाद वित्त की स्थिति को देखते हुये आगे के कार्यों के बारे में विचार किया जाएगा। सात फरवरी को नगर निगम अपना बजट पेश करेगा जिसमें इस प्रस्ताव को लाया जाएगा।
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से पूरे शहर में सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाता है, लेकिन सामुदायिक केंद्र की स्वीकृति मिलने के बाद उसके निर्माण में काफी समय लग जाता था। कई पार्षदों का तो सामुदायिक केंद्र का प्रस्ताव पास होने के बाद पूरा कार्यकाल निकल जाता था तब सामुदायिक केंद्र बनकर तैयार होता था। इस दौरान उसका उदघाटन दूसरा पार्षद कर रहा होता था। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल के साथ हुई बैठक में इसे लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई थी। प्रशासन ने निगम से कहा था कि आपके पास वित्त की व्यवस्था हो तो खुद भी सामुदायिक केंद्र का निर्माण करा सकते हैं। इसके बाद ही निगम ने पहली बार यह व्यवस्था रखी है।
6 करोड़ रुपये में 6 ईटीपी प्लांट गौशालाओं में लगाने का प्रस्ताव
इस बार निगम स्वच्छता अभियान में एक कदम और बढ़ाते हुये गौशालाओं से निकलने वाले गोबर और मूत्र के निस्तारण का भी प्रस्ताव लेकर आ रहा है। इसके लिये निगम ने 6 करोड़ रुपये से 6 एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाने का भी प्रस्ताव रखा है। यह गौशालाओं में लगाये जायेंगे जिससे कि वहां से निकलने वाले गोबर और मूत्र को भी निस्तारित किया जा सके।
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सामुदायिक केंद्रों को लेने के लिए आई थी समस्या
हाल ही में सेक्टर 20 में सामुदायिक केंद्र बनाकर प्रशासन ने निगम को सौंपा था। खस्ताहाल सामुदायिक केंद्र में एक भी कार्यक्रम नहीं हुआ और उसका प्लास्टर निकलने लगा था। इसके बाद अग्निशमन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण उसकी बुकिंग भी नहीं की जा सकी। इसके लिये प्रशासन को आवेदन करना था, लेकिन उन्होंने आवेदन ही नहीं किया। इस कारण काफी दिनों तक मामला अटका रहा। जब निगम अपने सामुदायिक केंद्र बनायेगा तो तालमेल को लेकर समस्याएं नहीं आएंगी।
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प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से पूरे शहर में सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाता है, लेकिन सामुदायिक केंद्र की स्वीकृति मिलने के बाद उसके निर्माण में काफी समय लग जाता था। कई पार्षदों का तो सामुदायिक केंद्र का प्रस्ताव पास होने के बाद पूरा कार्यकाल निकल जाता था तब सामुदायिक केंद्र बनकर तैयार होता था। इस दौरान उसका उदघाटन दूसरा पार्षद कर रहा होता था। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल के साथ हुई बैठक में इसे लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई थी। प्रशासन ने निगम से कहा था कि आपके पास वित्त की व्यवस्था हो तो खुद भी सामुदायिक केंद्र का निर्माण करा सकते हैं। इसके बाद ही निगम ने पहली बार यह व्यवस्था रखी है।
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6 करोड़ रुपये में 6 ईटीपी प्लांट गौशालाओं में लगाने का प्रस्ताव
इस बार निगम स्वच्छता अभियान में एक कदम और बढ़ाते हुये गौशालाओं से निकलने वाले गोबर और मूत्र के निस्तारण का भी प्रस्ताव लेकर आ रहा है। इसके लिये निगम ने 6 करोड़ रुपये से 6 एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाने का भी प्रस्ताव रखा है। यह गौशालाओं में लगाये जायेंगे जिससे कि वहां से निकलने वाले गोबर और मूत्र को भी निस्तारित किया जा सके।
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सामुदायिक केंद्रों को लेने के लिए आई थी समस्या
हाल ही में सेक्टर 20 में सामुदायिक केंद्र बनाकर प्रशासन ने निगम को सौंपा था। खस्ताहाल सामुदायिक केंद्र में एक भी कार्यक्रम नहीं हुआ और उसका प्लास्टर निकलने लगा था। इसके बाद अग्निशमन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण उसकी बुकिंग भी नहीं की जा सकी। इसके लिये प्रशासन को आवेदन करना था, लेकिन उन्होंने आवेदन ही नहीं किया। इस कारण काफी दिनों तक मामला अटका रहा। जब निगम अपने सामुदायिक केंद्र बनायेगा तो तालमेल को लेकर समस्याएं नहीं आएंगी।