चंडीगढ़: वेंडरों को नगर निगम देगा कर्ज, एक जुलाई को प्रशासक करेंगे योजना की शुरूआत
- पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के तहत 10 हजार का कर्ज
- प्रशासक वीपी सिंह बदनौर एक जुलाई को योजना की शुरुआत करेंगे
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कोरोना महामारी के चलते अपने प्रदेशों को लौटे और यहां रोजी-रोटी के लिए जद्दोजहद कर रहे वेंडरों के घाटे की भरपाई करने के लिए नगर निगम पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के तहत वेंडरों को कर्ज देने जा रहा है। 10 हजार रुपये का कर्ज बिना किसी गारंटी के दिया जाएगा। एक जुलाई को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इस योजना का शुभारंभ करेंगे।
नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि कोरोना के बाद कुछ वेंडर अपने प्रदेश लौट गए तो कुछ अभी भी रोजी-रोटी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसे वेंडरों को सहयोग करने और उन्हें वापस बुलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की यह योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत वेंडरों से 7 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याज लिया जाएगा। जो भी वेंडर 24 मार्च 2020 तक रजिस्टर्ड हैं, वे कर्ज के लिए पात्र हैं।
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12 किस्तों में जमा होगी राशि, रिकॉर्ड सही तो मिलेगा कर्ज
नगर निगम की ओर से मिलने वाले कर्ज को वेंडर 12 किस्तों में जमा करेंगे। वेंडर की प्रतिमाह लगभग ब्याज के साथ 946 रुपये की किस्त बनेगी। वेंडर प्रत्येक तीन माह में अपनी किस्त जमा कर सकेंगे। कर्ज के लिए शर्त रहेगी कि वेंडर का रिकॉर्ड अच्छा रहना चाहिए। बैंक का पुराना कर्ज या निगम का कोई भी बकाया नहीं होना चाहिए। वेंडरों को 10001 के लोन पर 1348 रुपये ब्याज के साथ 11,349 रुपए चुकाने होंगे। इसमें वेंडर को 402 रुपये सब्सिडी व 1200 रुपये ऑनलाइन कैशबैक के साथ 1602 रुपये का फायदा होगा।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक की सुविधा
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए योजना में कैशबैक की सुविधा रखी गई है। ऑनलाइन कर्ज जमा करने पर हर किस्त पर 100 रुपये कैशबैक दिया जाएगा। वहीं, हर माह 50 ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर 50 रुपये कैशबैक, अगले 50 ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर 75 रुपये और 200 ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर 100 रुपये कैशबैक मिलेगा। इसके लिए शर्त है कि कम से कम 25 रुपये का ट्रांजेक्शन होना चाहिए।
सात लोगों की कमेटी करेगी कर्ज का फैसला
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पात्र व जरूरतमंद वेंडर को कर्ज देने के उद्देश्य से सात लोगों की कमेटी गठित की है। होम सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता कमेटी के चेयरपर्सन हैं। वहीं, फाइनांस सेक्रेटरी अजॉय कुमार सिन्हा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल डायरेक्टर जेके पांडे, स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया चंडीगढ़ के जनरल मैनेजर राहुल प्रियदर्शिनी, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के कन्वीनर अनिल यादव, नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर व डे-एनयूएलएम योजना के नोडल ऑफिसर अनिल कुमार गर्ग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा नगर निगम कमिश्नर व डे-एनयूएलएम योजना के डायरेक्टर केके यादव को कमेटी का कन्वीनर बनाया गया है। कमेटी की स्वीकृति के बाद ही किसी वेंडर को कर्ज मिलेगा।
पारदर्शिता के लिए कर्ज के फॉर्म भरे जाएंगे ऑनलाइन
एडिशनल कमिश्नर व डे-एनयूएलएम योजना के नोडल ऑफिसर अनिल कुमार गर्ग ने बताया कि योजना के तहत लोन देने में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। इसके लिए फॉर्म ऑनलाइन ही भरे जाएंगे। चूंकि कई वेंडर अभी ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं, इसलिए योजना के लिए अलग से पोर्टल तैयार किया गया है। वेंडर संपर्क केंद्र से फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा एरिया लेवल फेडरेशन व कमेटियों के माध्यम से फॉर्म भरवाए जा सकेंगे ताकि वेंडरों को कोई समस्या न हो।
प्रधानमंत्री की ओर से पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना लागू की गई है। इसके तहत वेंडरों को कर्ज दिया जाना है। पोर्टल बनकर तैयार है। एक जुलाई को प्रशासक योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके लिए कमेटी भी गठित कर दी गई है। - केके यादव, निगम कमिश्नर व डे-एनयूएलएम योजना के डायरेक्टर