आस्था से खिलवाड़: जिस गाड़ी में ढोया जा रहा मीट, उसी में भगवान के चरणों के फूल उठा रहा चंडीगढ़ निगम
शहर में 156 पूजा स्थलों व अन्य स्थानों से प्रतिदिन लगभग 450 किलोग्राम फूल निकलते हैं। त्योहारी सीजन में यह बढ़कर 700 किलोग्राम प्रतिदिन तक हो जाता है।
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चंडीगढ़ नगर निगम शहर के लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहा है। भगवान के चरणों के जिन फूलों से अगरबत्ती और दीपक बनाए जा रहे हैं, उन फूलों को शहर में 156 मंदिरों व अन्य जगहों से नगर निगम मीट ढोने वाली गाड़ी में उठा रहा है। इससे लोगों में गुस्सा है।
नगर निगम की गाड़ी पिछले करीब एक महीने से शहर के कई पूजा स्थलों से भगवान पर चढ़ने वाले फूल इकट्ठा कर रही है और मलोया स्थित केंद्र पर उन्हें पहुंचाया जा रहा है। वहां महिलाएं इनसे अगरबत्ती और दीपक तैयार कर रही हैं। नगर निगम ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिलाया है। जो चीजें इन फूलों से बनाई जा रही हैं, उन्हें लोगों को बेचने की भी योजना है लेकिन जिस गाड़ी से इन फूलों को केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है, वही गाड़ी स्लॉटर हाउस से शहर के विभिन्न मीट मार्केट में मीट भी पहुंचाती हैं। 25 अगस्त को निगम ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया था और फूलों से अगरबत्ती व दीपक तैयार करने की योजना की शुरुआत की गई थी। उस मौके पर शहर की मेयर सरबजीत कौर ने कहा था कि भगवान के चरणों में जो फूल चढ़ते हैं, वो अब डंप में नहीं जाएंगे, उनका दोबारा इस्तेमाल होगा।
जिस नंबर की गाड़ी में मीट, उसमें फूल डालते हुए निगम ने फोटो की है ट्वीट
जिस गाड़ी में मीट नजर आ रहा है, नगर निगम ने 8 सितंबर को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी उसी नंबर के गाड़ी की फोटो ट्वीट की है, जिसमें फूलों को डालते हुए दिखाया जा रहा है। गाड़ी भी वही है। फोटो के साथ लिखा गया है कि ये फूल शीतला माता मंदिर (एमएचसी), ठाकुरद्वारा मंदिर, शनिदेव मंदिर हाउसिंग बोर्ड चौक मनीमाजरा से नगर निगम की टीम की ओर से एकत्रित किया गया है।
चंडीगढ़ में प्रतिदिन निकलते हैं 450 किलो फूल
शहर में 156 पूजा स्थलों व अन्य स्थानों से प्रतिदिन लगभग 450 किलोग्राम फूल निकलते हैं। त्योहारी सीजन में यह बढ़कर 700 किलोग्राम प्रतिदिन तक हो जाता है। इसमें धार्मिक स्थल, बैंक्वेट हॉल, फूलों की दुकानें शामिल हैं। नगर निगम की योजना के अनुसार दीपक को जलने के बाद इन्हें पौधों में डाला जाएगा तो खाद का भी काम करेंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
ऐसी फोटो मेरे पास भी कुछ दिन पहले आई थी। ये आपसी विवाद की शरारत लगती है। इस मामले की जांच कराएंगे। पूजा स्थलों से फूल उठाने वाली और मीट उठाने वाली गाड़ियां अलग-अलग हैं। - विनय मोहन भगत, एमओएच
धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ के अलावा गंभीर अपराध भी
अगर मीट की गाड़ी में ही फूलों को ले जाया जा रहा है तो ये धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ के अलावा एक गंभीर अपराध भी है। नगर निगम को संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। ये बहुत ही गलत है। - अरुण सूद, अध्यक्ष, चंडीगढ़ भाजपा
नगर निगम इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें
फूल की गाड़ी में मांस ले जाना निंदनीय है। हमारी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। नगर निगम त्वरित कार्रवाई करे और भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो, इसका ध्यान रखा जाए। नगर निगम इसे बिल्कुल भी हल्के में न ले। - एचएस लक्की, अध्यक्ष, चंडीगढ़ कांग्रेस
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बात
अगर ऐसा हो रहा है तो ये धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बात है। नगर निगम अगरबत्ती जैसी पवित्र चीज बना रहा है, तो उसकी पवित्रता का भी ध्यान रखना चाहिए। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। एक बार इस्तेमाल फूल को क्यों भगवान को चढ़ाया जा रहा है। ये प्रोजेक्ट ही गलत है। - प्रेम गर्ग, अध्यक्ष, आप चंडीगढ़