चंडीगढ़ में मेयर पद चुनाव: पार्षदों को सिखाया जा रहा है, कैसे करना है वोट... हर वोट है कीमती
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी ने मैदान में उतरकर बेहतरीन प्रदर्शन किया और भाजपा व कांग्रेस को किनारे करने की कोशिश की। हालांकि, भाजपा व आप के पास बराबर-बराबर वोट हैं। ऐसे में हर किसी की नजर है। आखिर किस पार्टी का मेयर बनेगा।
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चुनाव कोई भी हो। नेता बनने के लिए पहले राजनीति का ककहरा सिखाया ही जाता है। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए भी ऐसा ही हुआ। पहले पार्षदों ने राजनीति के दांव-पेंच सीखे और अब मेयर के चयन के लिए बैलेट पेपर पर लगाई जाने वाली मुहर का प्रशिक्षण ले रहे हैं। यदि यह मुहर थोड़ी भी डगमगाई तो समझो जीत-हार का रास्ता तय हो गया। ऐसे में कोई भी वोट खराब न हो, इसलिए राजनीतिक दल अपने पार्षदों को मुहर लगाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी व भाजपा के पास बराबर-बराबर वोट हैं। इनकी संख्या 14-14 है। दोनों ही दलों के पार्षद इस समय भूमिगत हैं ताकि पार्षदों का माइंडवाश कोई न कर दे, इसलिए राजनीतिक दल उन्हें कहीं दूसरे स्थानों पर ठहराए हुए हैं और वहीं पर चल रहा है मुहर लगाने का प्रशिक्षण। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि पिछले कई चुनाव में कुछ मत अमान्य हो गए थे। उसका कारण यही था कि बैलेट पेपर पर मुहर गलत लग गई थी। हाथ थोड़ा भी इधर-उधर हो गया तो समझो दूसरी पार्टी के लिए रास्ता साफ हो गया। सावधानी बरतने की अधिक जरूरत इसलिए है कि वोटरों की संख्या बराबर है। हालांकि, कांग्रेस के पार्षद वोट देने पहुंचेंगे या नहीं, यह तय नहीं है। अगर कांग्रेस के पार्षद नहीं आते हैं तो फिर मुकाबला कुछ अलग होगा।
चंडीगढ़ मेयर की कुर्सी पर देशभर की नजरें
चंडीगढ़ देश व दुनियाभर में जाना जाता है। इस बार आम आदमी पार्टी ने मैदान में उतरकर बेहतरीन प्रदर्शन किया और भाजपा व कांग्रेस को किनारे करने की कोशिश की। हालांकि, भाजपा व आप के पास बराबर-बराबर वोट हैं। ऐसे में हर किसी की नजर है। आखिर किस पार्टी का मेयर बनेगा। इसमें जो राजनीतिक दल अपना मेयर बनाएगा, उसे वह अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव में भुनाएगा। पंजाब चुनाव में इसका असर देखने को मिल सकता है।
मेयर चुनाव में बैलेट पेपर प्रयोग में लाया जाता है। उसका सैंपल मांगा गया है। फिलहाल, पार्षदों को बता रहे हैं कि वह बैलेट पर किस तरह मुहर लगाएंगे। - प्रेम गर्ग, कन्वीनर, आम आदमी पार्टी चंडीगढ़
आम आदमी पार्टी के पार्षदों को ये भी नहीं समझ कि मुहर कैसे लगानी है, तो यह शहर की जनता के साथ धोखा है। भाजपा के सभी पार्षद पढ़े-लिखे हैं और उन्हें मेयर चुनाव की पूरी प्रक्रिया के बारे में अच्छे से जानकारी है। - अरुण सूद, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा