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चंडीगढ़ पीजीआई इमरजेंसी में महंगे दाम पर बेची जा रहीं दवाइयां

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 08:54 PM IST
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चंडीगढ़। पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को इमरजेंसी में संचालित दवा की दुकान पर बाजार से ज्यादा शुल्क में दवाओं की बिक्री का आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने रोष जताते हुए पीजीआई प्रशासन से उस दुकान का टेंडर करवाने की मांग की है। एसोसिएशन की अध्यक्ष हीतिका ठाकुर का कहना है कि दुकान में तीन से चार गुना ज्यादा दाम पर दवा व अन्य सामान बेचने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद पीजीआई प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा।
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गरीब और जरूरतमंद मरीज हो रहे ठगी का शिकार
एसोसिएशन के सचिव सत्यवीर सिंह डागर का कहना है कि पीजीआई प्रशासन को दवा की दुकान का टेंडर कर, मरीजों को सबसे ज्यादा छूट देने वाले को दुकान देनी चाहिए।सरकारी इलाज की उम्मीद में देशभर से आने वालेगरीब व जरूरतमंद मरीजों को इमरजेंसी में खुलेआम ठगा जा रहा है। परिजन अपने मरीज की जान बचाने के लिए तीन से चार गुना दाम पर दवाइयां खरीदने को मजबूर हैं। पीजीआई प्रशासन को इस पर रोक केलिए शीघ्र ही निर्णय लेना चाहिए। दुकान केसंचालक दुकान का किराया चुकाने के लिए मरीजों की जेब काट रहे हैं।

290 रुपये का इंजेक्शन 1200 में बेचा था
इमरजेंसी में दवा की दुकान पर मरीजों को छूट देने की बजाय बाजार दर से ज्यादा कीमत पर दवाइयां व अन्य सामग्री बेचने का आरोप लगता रहा है। बीते 3 जून को अमर उजाला में इस संबंध में खबर भी प्रकाशित हुई थी। पटियाला निवासी एक मरीज के परिजन ने दुकान पर 290 रुपये केइंजेक्शन को 1200 रुपये में बेचने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री व पीजीआई डीडीए कुमार गौरव धवन से भी की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जा सकी।
डीडीए ने मांगा स्पष्टीकरण
डीडीए कुमार गौरव धवन ने बताया कि पुरानी और मौजूदा शिकायतों को आधार बनाते हुए दुकान के संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ड्रग कंट्रोलर को भी मामले की जांच के लिए कहा गया है। दुकान संचालक ने दुकान छोड़ने के लिए अग्रिम नोटिस भी दे दी है, जो 30 जून को पूरी हो जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए दुकान के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसकेबावजूद शिकायतों को अनदेखा नहीं किया जाएगा। अगर दुकान छोड़ने के बाद भी मौजूदा संचालक केखिलाफ मिली शिकायत पुष्ट हुई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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