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Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Mayor about Dog Killing

मेयर बोले, डॉग किलिंग के सख्त खिलाफ हूं

Thu, 29 May 2014 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 29 May 2014 12:29 PM IST
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Chandigarh Mayor about Dog Killing

नगर निगम की 30 मई को होने वाली हाउस मीटिंग में इस बार कुत्तों की समस्या का मुद्दा उठाया जाएगा। भाजपा पार्षद इस संबंध में टेबल एजेंडा ला रहे हैं। इस टेबल एजेंडे में हिंसक हो चुके कुत्तों को मारने के लिए नियमों में बदलाव को शामिल किया गया है।

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वहीं, दूसरी ओर मेयर हरफूलचंद्र कल्याण कुत्तों को मारने के बिल्कुल खिलाफ हैं। मेयर का कहना है कि मैं ऐसा कोई एजेंडा पास नहीं करूंगा, जिसमें कुत्तों को मारने की बात होगी।
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दरअसल भाजपा-अकाली पार्षद दल की ओर से टेबल एजेंडा लाया जा रहा है। इस टेबल एजेंडे में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) रूल्स, 2001 में संशोधन करने पर चर्चा होगी। यदि हाउस में यह एजेंडा पास होता है तो फिर नियमों में संशोधन के लिए एजेंडे को प्रशासन की मदद से लोकसभा में ले जाया जाएगा।
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एबीसी के नियमों में हम बदलाव नहीं कर सकते। अगर ऐसा कोई एजेंडा आएगा तो उस पर चर्चा होगी। अगर, कुत्ते को मारने की बात होगी तो उस पर मैं सहमति नहीं दूंगा। मैं कुत्तों को मारने के बिल्कुल खिलाफ हूं।
हरफूलचंद्र कल्याण, मेयर


हम हाउस में टेबल एजेंडा लाएंगे। उसमें हमने 5 मुख्य तथ्यों को शामिल किया है। हम यह भी मांग उठाएंगे कि कुत्ते के काटने पर इलाज का सारा खर्चा नगर निगम उठाए।
अरुण सूद, नेता, भाजपा-अकाली पार्षद दल

कुत्तों की समस्या पर अन्य पार्षदों की प्रतिक्रिया
जिन-जिन शहरो में कुत्तों की समस्या को खत्म करने के लिए अच्छे प्रयास हुए हैं, निगम को वहां विजिट करके आना चाहिए। यहां बैठे-बैठे कुछ नहीं होगा।
सतीश कैंथ, कांग्रेस पार्षद

कई बार डॉग पॉन्ड बनाने को लेकर चर्चा हुई है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। जैसे शहर में गोशालाएं हैं, उसी तरह डॉग पॉन्ड भी होने चाहिए।
दर्शन गर्ग, कांग्रेस पार्षद

एबीसी रूल्स में संशोधन की बात तो बाद की है, पहले यहां जो एबीसी रूल्स पर काम हो रहा है, उसको चेक करना चाहिए। मेयर और अफसरों की लापरवाही से ही शहर में ये समस्या बढ़ी है। मेयर ने तो कभी उन लोगों के घर में विजिट तक नहीं की, जिन्हें कुत्तों ने काटा है।
सौरभ जोशी, भाजपा पार्षद

जब तक अफसरों खुद पहल नहीं करेंगे तब तक इस समस्या का कोई हल नहीं होगा। अगर लोग इसी तरह कुत्ते के काटने पर कोर्ट में जाते रहे तो निगम को आर्थिक नुकसान होता रहेगा।
सतिंदर सिंह, भाजपा पार्षद

कुत्ते इंसानी जान से ज्यादा जरूरी तो नहीं है न। स्टर्लाइजेशन प्रॉपर होनी चाहिए और फ्यूचर ब्रीडिंग रोकनी होगी। कुत्तों की गिनती को हर हाल में रोकना होगा। अब तो लोगों का सैर करना तो दूर घर से निकलना तक मुश्किल हो रहा है।

हरजिंदर कौर, अकाली पार्षद

शहर में डॉग पॉन्ड बनाना बेहद जरूरी है। वहां लोग कुत्तों के लिए दान करें और उन्हें एडॉप्ट भी करें। इसी तरह कुत्तों की समस्या का हल होगा।
हीरा नेगी, सीनियर डिप्टी मेयर

कुत्तों की नसबंदी का काम सही ढंग से नहीं हो रहा है, तभी तो शहर में कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्टर्लाइजेशन के काम पर अफसरों को निगरानी रखनी होगी।
राजबाला मलिक, कांग्रेस पार्षद

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