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मास्टर प्लानः ये कैसा मजाक, नई पैकिंग-चीज पुरानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 26 Apr 2015 09:22 AM IST
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चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 की नोटिफिकेशन हो चुकी है। शहर के करीब 10 लाख बाशिंदों की इस पर ढेरों उम्मीदें बंधी हैं लेकिन इसकी हकीकत कुछ और ही है।
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मास्टर प्लान में शहर में सोलर सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट को लागू करने का प्रपोजल तैयार किया गया है। लेकिन इस प्रोजेक्ट पर तो कई साल पहले से ही काम चल रहा है। प्लान में नई बिल्डिंग को इको फ्रेंडली बनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन से अप्रूवल लेने की बात कही गई है जबकि यह नियम पहले से ही लागू है।
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ग्रीन टाउन कांसेप्ट
मास्टर प्लान में चंडीगढ़ के साथ लगते पंजाब और हरियाणा के हिस्से को भी ग्रीन टाउन के तौर पर डेवलप करने का प्रपोजल तैयार किया गया है। प्लान में शहर में बनने वाली सभी नई बिल्डिंग के लिए ग्रीन रेटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। प्रशासन की ओर से पब्लिक बिल्डिंग में थ्री स्टार जीआरआईएचए रेटिंग को लागू किया जाएगा। पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए यह कांसेप्ट लागू किया गया है।
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पीयू और कई दूसरे इंस्टीट्यूट में पहले ही वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम
मास्टर प्लान-2031 में शहर के एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स जैसे पंजाब यूनिवर्सिटी, कालेज और स्कूलों में वॉटर हारवेस्टिंग सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया गया है। लेकिन पीयू कैंपस में दो साल पहले ही करीब एक करोड़ की लागत से इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जा चुका है। बिल्डिंग बायलॉज के तहत शहर के स्कूल और कालेजों में भी ये प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। बरसाती पानी का प्रयोग हार्टिकल्चर में करने का सुझाव दिया गया है। जबकि ऐसा भी पहले से किया जा रहा है।
ये सुझाव भी दिए गए
शहर में थोड़ी से बारिश में शहर की मुख्य सड़कों पर चौक पर बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं। अब इससे निजात दिलाने के लिए सड़कों और राउंड अबाउट्स के किनारे वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम बनाए जाएंगे।
इसके अलावा बोटेनिकल गार्डन में बरसाती पानी के लिए खास तालाब बनाए जाएंगे। कामर्शियल एरिया मे भी अंडर ग्राउंड टैंक बनाकर पानी को स्टोर किया जाएगा। इस पानी का प्रयोग पौधों की सिंचाई के लिए किया जाएगा।
इको फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट सिस्टम:
मास्टर प्लान में शहर में बढ़ते वाहनों की समस्या को चिह्नित किया गया है। प्लान में इको फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देने की बात कही गई है। शहर में साइकिलिंग को प्रमोट किया जाएगा।
नई सड़कों पर फुटपाथ बनाए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। प्लान में सुखना चो और पटियाला की राव को नए सिरे से डेवलप करने की प्लानिंग है। पीयू स्थित जोलॉजी विभाग के दो प्रोफेसर को चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट दिया जा चुका है।