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विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस: देश में चंडीगढ़ एकमात्र शहर, जहां आबादी के बीच हैं दो वाइल्ड लाइफ सेंचुरी

Fri, 26 Nov 2021 02:12 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 26 Nov 2021 02:12 AM IST
सार

वन विभाग हर साल ग्रीन एक्शन प्लान के तहत शहर में डेढ़ से दो लाख पौधे लगाता है। इसमें निगम व प्रशासन के बागवानी विभाग भी सहयोग करते हैं। इन पौधोें को रोपने का मुख्य उद्देश्य है कि विकास कार्य के लिए कोई पेड़ कटे तो उसके एवज में नया हरित क्षेत्र तैयार रहे।

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Chandigarh is the only city in the country where there are two wildlife sanctuaries between the population
चंडीगढ़ - फोटो : फाइल

विस्तार

देश में चंडीगढ़ ही एक ऐसा शहर है, जहां आबादी के बीच दो वन्यजीव अभयारण्य हैं। सुखना वन्यजीव अभयारण्य और दूसरा सिटी पक्षी अभयारण्य। वहीं, वर्ष 2001 में शहर में हरित क्षेत्र (ग्रीन एरिया) 26 प्रतिशत था, जो बढ़ती आबादी के साथ अब 46 प्रतिशत हो गया है। देहरादून की इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट एफएसआई के अनुसार चंडीगढ़ में कुल आबादी के हिसाब से हरित क्षेत्र भी तेजी से बढ़ा है।

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मुख्य वन संरक्षक देबेंद्र दलाई ने बताया कि सामान्य तौर पर किसी भी शहर की आबादी जैसे-जैसे बढ़ती है, वहां विकास कार्य शुरू हो जाते हैं। आवास व मूलभूत सुविधाओं के काम होने से शहर में हरित क्षेत्र कम होता जाता है लेकिन चंडीगढ़ की स्थिति इसके विपरीत है। यहां आबादी के साथ हरित क्षेत्र भी लगातार बढ़ा है। इसका श्रेय यहां के लोगों को जाता है, जो छोटे से छोटे घर में हरियाली रखने का प्रयास करते हैं।
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सुखना वन्यजीव अभयारण्य
सुखना वन्यजीव अभयारण्य चंडीगढ़ शहर के शिवालिक पहाड़ियों में सुखना झील के पास स्थित है। इसे 1998 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था। बारिश के मौसम में सांपों के डर से इसे बंद कर दिया जाता है। इसमें जाने के लिए पर्यावरण विभाग की ओर ये पास बनाया जाता है। इसके लिए सेक्टर-19 स्थित वन विभाग कार्यालय में जाना होता है।
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सिटी पक्षी अभयारण्य
सेक्टर-21 स्थित सिटी पक्षी अभयारण्य का क्षेत्रफल 2.9 हेक्टेयर है। वर्ष 1975 में एनवायरमेंट सोसायटी के तत्कालीन सचिव एसके शर्मा ने अधिकारियों से आग्रह किया था कि इस अभयारण्य को यूटी बागवानी विभाग से वन विभाग में स्थानांतरित कर दिया जाए। चंडीगढ़ प्रशासन ने 29 सितंबर 1988 को चंडीगढ़ सिटी पक्षी अभयारण्य के रूप में शहर पक्षी अभयारण्य के रूप में घोषित किया। अब यह लोगों के आकर्षण का केंद्र है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक पर 20 तक पहुंचा
पिछले साल जब पूरे देश में लॉकडाउन लगा था तब चंडीगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 20 तक पहुंच गया था। चंडीगढ़ के लिए यह अपने आप में एक इतिहास है कि शहर का एक्यूआई इतना कम दर्ज हुआ। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने वर्ष 2018, 2019 व 2020 के मार्च, अप्रैल व मई माह के एक्यूआई की तुलना की, जिसमें देखा गया कि लॉकडाउन के कारण अप्रैल 2020 में एक्यूआई सबसे बेहतर रहा।


चंडीगढ़ में हरित क्षेत्र
जगह                                       क्षेत्र (हेक्टेयर में)
सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी            2598.48
लेक रिजर्व वन क्षेत्र                        153.9
सुखना चो रिजर्व वन क्षेत्र                 395.92
पटियाला की राव वन क्षेत्र                136.47
मनीमाजरा में वन क्षेत्र                     5.53
            कुल                                 3290.3

चंडीगढ़ में लगातार हरियाली बढ़ रही है। यहां के लोग पूरा सहयोग करते हैं। इसी कारण हमें बेहतर करने का मौका मिलता है। देबेंद्र दलाई, मुख्य वन संरक्षक, चंडीगढ़

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