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बड़ी खुशखबरीः चंडीगढ़ में मकान ट्रांसफर कराना सस्ता होगा, जानिए कितना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 19 Sep 2017 03:38 PM IST
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सीएचबी मकान का ट्रांसफर
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अब सीएचबी मकान का ट्रांसफर करना काफी सस्ता होगा। साथ ही मकानों के वायलेशन को एक बार जुर्माना लेकर नियमित किया जाएगा। सोमवार को सीएचबी की गर्वनिग बाडी में यह अहम फैसले लिए गए। इस फैसले से लगभग 40 से 45 हजार मकान धारकों को फायदा होगा। इसके अलावा सीएचबी ने सेक्टर-51 में बनने वाले फ्लैट के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। साथ ही बैठक में कर्मचारियों को पेंशन देने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पंजाब, हरियाणा के साथ साथ यूटी संपदा विभाग द्वारा चार्ज की गई ट्रांसफर फीस को स्टडी करते हुए अगले माह की बैठक में एजेंडा लाया जाएगा। इस समय मकान अलाटमेंट की कीमत पर 15 प्रतिशत ट्रांसफर फीस ली जा रही है। ट्रांसफर फीस में भारी कटौती होने का सबसे ज्यादा फायदा सेक्टर-63 के 2108 फ्लैट धारकों को मिलेगा। क्योंकि साल 2015 में यह फ्लैट अलॉट किए गए हैं। इनमें से 70 प्रतिशत फ्लैट बिक भी गए हैं।
इस समय यहां के एचआईजी फ्लैट की ट्रांसफर फीस 11 लाख, एमआईजी की 8 और एलआईजी फ्लैट की फीस 6 लाख रुपये चार्ज की जा रही है। बैठक में सदस्यों ने कहा कि अब लीज टू फ्री होल्ड करने की भी फीस अलग से चार्ज की जाएगी इसलिए ट्रांसफर फीस में भारी कटौती होनी चाहिए।
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कमेटी तय करेगी वायलेशन का जुर्माना
बैठक में शहर की 61 हजार हाउसिंग बोर्ड के मकानों की सर्वे रिपोर्ट भी आई। रिपोर्ट के अनुसार वायलेशन को छह अलग अलग कैटगरी में बांटा गया था। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन मकान धारकों ने सरकारी जमीन पर भी निर्माण किया है उन्हें हर हालत में तोड़ा जाएगा। जबकि अन्य कैटगरी की वायलेशन है उन्हें वन टाइम जुर्माना लेकर रेगुलर किया जाएगा। इसके लिए बैठक में तीन सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमे रघुवीर लाल अरोड़ा और मुख्य वास्तुकार कपिला सेतिया शामिल है।
जबकि डीसी अजीत बाला जी जोशी को कमेटी का चेयरमैन बनाया कमेटी तकय करेेगी कि वायलेशन को किस तरह रेगुलर किया जा सकता है। इसके अलावा जिन्होंने एक तय सीमा से ज्यादा इमारतों का निर्माण किया है उन पर भी हथौड़ा चलेगा। इस समय हाउसिंग बोर्ड ने वायलेशन के आ रहे नोटिसों पर पाबंदी लगाई हुई है। यह कमेटी ही वायलेशन को रेगुलर करने के जुर्माने का रेट तय करेगी। हाउसिंग बोर्ड ने जो सर्वे किया है उसके अनुसार 90 प्रतिशत मकानों में कोई न काई वायलेशन है। इसके अलावा लगभग 25 हजार लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है।
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बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पंजाब, हरियाणा के साथ साथ यूटी संपदा विभाग द्वारा चार्ज की गई ट्रांसफर फीस को स्टडी करते हुए अगले माह की बैठक में एजेंडा लाया जाएगा। इस समय मकान अलाटमेंट की कीमत पर 15 प्रतिशत ट्रांसफर फीस ली जा रही है। ट्रांसफर फीस में भारी कटौती होने का सबसे ज्यादा फायदा सेक्टर-63 के 2108 फ्लैट धारकों को मिलेगा। क्योंकि साल 2015 में यह फ्लैट अलॉट किए गए हैं। इनमें से 70 प्रतिशत फ्लैट बिक भी गए हैं।
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इस समय यहां के एचआईजी फ्लैट की ट्रांसफर फीस 11 लाख, एमआईजी की 8 और एलआईजी फ्लैट की फीस 6 लाख रुपये चार्ज की जा रही है। बैठक में सदस्यों ने कहा कि अब लीज टू फ्री होल्ड करने की भी फीस अलग से चार्ज की जाएगी इसलिए ट्रांसफर फीस में भारी कटौती होनी चाहिए।
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कमेटी तय करेगी वायलेशन का जुर्माना
बैठक में शहर की 61 हजार हाउसिंग बोर्ड के मकानों की सर्वे रिपोर्ट भी आई। रिपोर्ट के अनुसार वायलेशन को छह अलग अलग कैटगरी में बांटा गया था। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन मकान धारकों ने सरकारी जमीन पर भी निर्माण किया है उन्हें हर हालत में तोड़ा जाएगा। जबकि अन्य कैटगरी की वायलेशन है उन्हें वन टाइम जुर्माना लेकर रेगुलर किया जाएगा। इसके लिए बैठक में तीन सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमे रघुवीर लाल अरोड़ा और मुख्य वास्तुकार कपिला सेतिया शामिल है।
जबकि डीसी अजीत बाला जी जोशी को कमेटी का चेयरमैन बनाया कमेटी तकय करेेगी कि वायलेशन को किस तरह रेगुलर किया जा सकता है। इसके अलावा जिन्होंने एक तय सीमा से ज्यादा इमारतों का निर्माण किया है उन पर भी हथौड़ा चलेगा। इस समय हाउसिंग बोर्ड ने वायलेशन के आ रहे नोटिसों पर पाबंदी लगाई हुई है। यह कमेटी ही वायलेशन को रेगुलर करने के जुर्माने का रेट तय करेगी। हाउसिंग बोर्ड ने जो सर्वे किया है उसके अनुसार 90 प्रतिशत मकानों में कोई न काई वायलेशन है। इसके अलावा लगभग 25 हजार लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है।