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चंडीगढ़: नौ बजे खुलने वाले स्वास्थ्य केंद्र पर लटका था ताला, स्वास्थ्य सचिव ने पूछा तो हर कर्मचारी का अलग था बहाना
Fri, 17 Sep 2021 09:21 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 17 Sep 2021 09:21 AM IST
सार
चंडीगढ़ की स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए स्वास्थ्य सचिव ने कुछ दिन पहले ही शहर के सभी अस्पतालों में रात के समय औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कोई डॉक्टर सोता मिला तो कोई मोबाइल पर व्यस्त। जीएमसीएच-32 परिसर में कुछ बाहरी लोग शराब पीते भी मिले। तब उन्होंने चेतावनी दी थी और आगे भी ऐसे निरीक्षण करने की बात कही थी।
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स्वास्थ्य केंद्र के बाहर कर्मचारियों से बात करते स्वास्थ्य सचिव।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ के स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग बिना पूर्व सूचना के गुरुवार सुबह 9.20 बजे बहलाना के स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। देखा कि 9 बजे खुलने वाले इस केंद्र पर ताला लगा हुआ है। कर्मचारी व डॉक्टर एक-एक कर देरी से पहुंचे तो कारण पूछा। सभी ने बहाना बनाना शुरू कर दिया। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य सचिव ने जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों से जवाब मांगा है।
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सुबह 9.20 बजे जब स्वास्थ्य सचिव बहलाना केंद्र पहुंचे तो ग्राउंड फ्लोर पर ताला लगा हुआ था जबकि पहले फ्लोर पर वैक्सीन का स्टोरेज खुला हुआ था, लेकिन वहां कोई भी मौजूद नहीं था। एक मरीज केंद्र के खुलने के इंतजार में खड़ा था। कुछ मिनट बाद मौके पर एएनएम वंदना पहुंचीं। उनके पास चाबी नहीं थी, इसलिए वह भी इंतजार करती रहीं। फिर 9.30 बजे सेनेटरी बेलदार अशोक कुमार पहुंचे और केंद्र को खोला। देरी से पहुंचने का कारण पूछा गया तो कहा कि वह रायपुर खुर्द की तरफ से आ रहे थे, क्योंकि वहां पर दवाइयों को लेकर किसी अधिकारी से मिलना था।
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सुबह 9.35 बजे सेनेटरी बेलदार राहुल पहुंचे और बताया कि वह एक डाक डिलीवर करके एडीएम ऑफिस की तरफ से आ रहे हैं। इस दौरान एएनएम वंदना ने मेडिकल ऑफिसर को फोन किया और जल्द पहुंचने की अपील की। स्वास्थ्य सचिव ने भी एमएस डॉ. वीके नागपाल को फोन किया और मेडिकल ऑफिसर के बारे में पूछा, जिसके बाद ही उन्होंने इंतजार करने का फैसला लिया।
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सुबह 9.38 बजे यशपाल गर्ग को बताया गया कि एएनएम जसवीर कौर छुट्टी पर हैं, लेकिन वह 9.40 बजे केंद्र पहुंच गईं। देरी का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके घर पर कोई बीमार है। फिर 9.52 बजे मेडिकल ऑफिसर डॉ. हंसराज राही केंद्र पहुंचे। 10 बजे मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीएचडब्ल्यू) रमेश पहुंचे और उन्होंने कहा कि अतिरिक्त चार्ज होने के चलते वह हल्लोमाजरा सेंटर पर थे। 10.04 बजे सेनेटरी बेलदार करण पहुंचे। बताया कि वह ट्रैफिक जाम के कारण लेट हो गए। जब यशपाल गर्ग ने कहा कि वह यहां पर करीब एक घंटे से खड़े हैं। ऐसा कौन सा ट्रैफिक जाम था, इस पर उन्होंने तुरंत अपना बयान बदल लिया और स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की बात कही। 10.05 बजे बताया गया कि केंद्र के फार्मासिस्ट अनुराग छुट्टी पर हैं। इसके बाद स्वास्थ्य सचिव मरीजों के साथ बात करने के बाद केंद्र से चले गए।
मेडिकल ऑफिसर, एएनएम व सेनेटरी बेलदार से स्पष्टीकरण मांगा
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने औचक निरीक्षण की रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशक, जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक और अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव को भी भेजी है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को समय पर केंद्र पहुंचने की जरूरत है ताकि मरीजों को इंतजार न करना पड़े। पहले अस्पतालों में जांच के दौरान उन्होंने कार्रवाई न करने की बात कही थी, लेकिन अब उन्होंने स्पष्टीकरण मांगने का फैसला लिया है।
उन्हें दो और हेल्थ सेंटरों का भी दौरा करना था, लेकिन समय न होने के चलते आज नहीं किया गया। पूरे मामले को लेकर उन्होंने मेडिकल ऑफिसर, एएनएम व सेनेटरी बेलदार से स्पष्टीकरण मांगा है। बता दें कि शहर की स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए स्वास्थ्य सचिव ने कुछ दिन पहले ही शहर के सभी अस्पतालों में रात के समय औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कोई डॉक्टर सोता मिला तो कोई मोबाइल पर व्यस्त। जीएमसीएच-32 परिसर में कुछ बाहरी लोग शराब पीते भी मिले। तब उन्होंने चेतावनी दी थी और आगे भी ऐसे निरीक्षण करने की बात कही थी।