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इलाज कराने तो मिला जवाब, ऑन लाइन पंजीकरण करवाने के बाद आइये जनाब
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चंडीगढ़। कोरोना की तीसरी लहर आकर लौटने की कगार पर है, लेकिन अस्पतालों में नॉन कोविड मरीजों का इलाज अभी भी बाधित है। प्रशासन की ओर से पीजीआई समेत अन्य अस्पतालों को ओपीडी खोलने का आदेश दिया जा चुका है, लेकिन पीजीआई और जीएमसीएच 32 अब भी संक्रमण का हवाला देकर मरीजों को सीधे नहीं देख रहे हैं। सोमवार को यहां इलाज करवाने पहुंचे सैकड़ों मरीजों को यह कहकर लौटा दिया गया कि ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही डॉक्टर देखेंगे। वहीं, जीएमएसएच-16 में मौके पर पंजीकरण कर परामर्श दिया गया। एक ही शहर के अस्पतालों में ओपीडी की अलग-अलग व्यवस्था से मरीजों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अब संक्रमण के नाम पर आराम फरमाने का काम किया जा रहा है। इस बारे में पीजीआई प्रवक्ता का कहना है कि एकाएक सभी लोगों के लिए ओपीडी नहीं खोली जा सकती है, भारी भीड़ कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए घातक हो सकती है।
10 जनवरी से बंद है ओपीडी
कोरोना संक्रमण के पीक के दौरान पीजीआई, जीएमसीएच 32 समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी अस्पतालों में 10 जनवरी से ओपीडी बंद कर दी गई थी। सिर्फ ऑनलाइन पंजीकरण और टेली कंसल्टेशन के जरिए ही मरीजों को परामर्श दिया जा रहा था। नॉन कोविड मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अस्पतालों की ओपीडी खोलने का आदेश दे दिया है। इसके बावजूद पीजीआई और जीएमसीएच 32 संक्रमण के नाम पर मरीजों को ओपीडी से बिना इलाज के लौटा रहे हैं।
तो क्या जीएमएसएच 16 में संक्रमण का खतरा नहीं
स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए शनिवार से ओपीडी संचालन शुरू कर दिया है। जीएमएसएच 16 समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में आने वाले मरीजों का मौके पर पंजीकरण कर इलाज किया जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह का कहना है कि बहुत जरूरी होने पर ही मरीज अस्पताल आएं। क्योंकि ई-संजीवनी व टेली कंसल्टेशन से सामान्य बीमारी में घर बैठे परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। उधर, मरीजों का कहना है कि पीजीआई और जीएमसीएच-32 में संक्रमण के नाम पर आराम फरमाया जा रहा है। उन्हें भी ओपीडी सेवा बहाल करनी चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए यहां-वहां न भटकना पड़े।
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कोट-
नॉन कोविड मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए टेलीकंसल्टेशन के माध्यम से ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। एकाएक काफी संख्या में मरीजों को बुलाने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए ऑन द स्पॉट पंजीकरण सेवा अभी नहीं शुरू की गई है।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32
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10 जनवरी से बंद है ओपीडी
कोरोना संक्रमण के पीक के दौरान पीजीआई, जीएमसीएच 32 समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी अस्पतालों में 10 जनवरी से ओपीडी बंद कर दी गई थी। सिर्फ ऑनलाइन पंजीकरण और टेली कंसल्टेशन के जरिए ही मरीजों को परामर्श दिया जा रहा था। नॉन कोविड मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अस्पतालों की ओपीडी खोलने का आदेश दे दिया है। इसके बावजूद पीजीआई और जीएमसीएच 32 संक्रमण के नाम पर मरीजों को ओपीडी से बिना इलाज के लौटा रहे हैं।
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तो क्या जीएमएसएच 16 में संक्रमण का खतरा नहीं
स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए शनिवार से ओपीडी संचालन शुरू कर दिया है। जीएमएसएच 16 समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में आने वाले मरीजों का मौके पर पंजीकरण कर इलाज किया जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह का कहना है कि बहुत जरूरी होने पर ही मरीज अस्पताल आएं। क्योंकि ई-संजीवनी व टेली कंसल्टेशन से सामान्य बीमारी में घर बैठे परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। उधर, मरीजों का कहना है कि पीजीआई और जीएमसीएच-32 में संक्रमण के नाम पर आराम फरमाया जा रहा है। उन्हें भी ओपीडी सेवा बहाल करनी चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए यहां-वहां न भटकना पड़े।
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कोट-
नॉन कोविड मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए टेलीकंसल्टेशन के माध्यम से ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। एकाएक काफी संख्या में मरीजों को बुलाने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए ऑन द स्पॉट पंजीकरण सेवा अभी नहीं शुरू की गई है।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32