{"_id":"604389e08ebc3e59176b7597","slug":"chandigarh-health-obesity-is-the-root-of-the-disease-avoid-it-chandigarh-news-pkl4061904138","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोटापा बीमारी की जड़.. इससे बचें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोटापा बीमारी की जड़.. इससे बचें
विज्ञापन
चंडीगढ़। मोटापा बीमारी की जड़ है। इससे बचना बेहद जरूरी है। मोटापे से ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, डायबिटीज, जोड़ों का दर्द, थायराइड जैसी गंभीर बीमारियां हो रही हैं। मोटापे के कारण 13 तरह के कैंसर का खतरा भी है। यह बात आयुर्वेदिक डॉ. विभा ने सेक्टर 27 के प्रेस क्लब में बातचीत के दौरान कही। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में बिकने वाले सौंदर्य उत्पाद कुछ देर की सुंदरता दे सकते हैं, लेकिन असली खूबसूरती खानपान से मिलती है। खानपान से ही शरीर को कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन, आयरन मिलते हैं जो शरीर को सही से काम करने लायक बनाते हैं। बेहतर खानपान होगा तो बीमारी पास नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि मोटापा से बचने के लिए मानसिक तनाव से दूर रहें। उन्होंने बताया कि इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार भारत में 13 प्रतिशत आबादी मोटापे से पीड़ित हैं। लगभग 18 साल तक चली जामा की स्टडी में 93 हजार महिलाओं का सर्वे किया गया। इससे पता चला कि मोटे व्यक्ति में कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मध्यम और निम्नवर्गीय 80 फीसदी लोग डायबिटीज के कारण दम तोड़ देते हैं। 2030 तक इस आंकड़े का दोगुना होने का अनुमान है। डॉ. विभा ने कहा कि इससे बचने के लिए हमें अपनी जीवनशैली में सुधार करने की आवश्यकता है। मानसिक तनाव से दूर रहेें। अक्सर महिलाएं प्रेगनेंसी केेे बाद खुद पर ध्यान नहीं देती हैं। उन्हें मैदा, चीनी और चावल को त्यागकर रोजाना आधा चम्मच देेसी घी का सेवन करना चाहिए। साथ ही उन्होंने ध्यान पर भी जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मोटापा से बचने के लिए मानसिक तनाव से दूर रहें। उन्होंने बताया कि इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार भारत में 13 प्रतिशत आबादी मोटापे से पीड़ित हैं। लगभग 18 साल तक चली जामा की स्टडी में 93 हजार महिलाओं का सर्वे किया गया। इससे पता चला कि मोटे व्यक्ति में कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मध्यम और निम्नवर्गीय 80 फीसदी लोग डायबिटीज के कारण दम तोड़ देते हैं। 2030 तक इस आंकड़े का दोगुना होने का अनुमान है। डॉ. विभा ने कहा कि इससे बचने के लिए हमें अपनी जीवनशैली में सुधार करने की आवश्यकता है। मानसिक तनाव से दूर रहेें। अक्सर महिलाएं प्रेगनेंसी केेे बाद खुद पर ध्यान नहीं देती हैं। उन्हें मैदा, चीनी और चावल को त्यागकर रोजाना आधा चम्मच देेसी घी का सेवन करना चाहिए। साथ ही उन्होंने ध्यान पर भी जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया।
विज्ञापन