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डॉक्टर्स के लिए जारी हुआ कड़ा सरकारी फरमान, अमल कीजिए वरना...
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 09 May 2017 03:33 PM IST
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Doctor
शिकायतें आने के बाद उन पर कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर्स के लिए कड़ा सरकारी फरमान जारी किया है, जिस पर अमल जरूरी है। मरीजों को ब्रांडेड दवाईयां लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
दरअसल, स्वास्थ्य सचिव के पास शिकायत आई थी कि शहर के सरकारी अस्पतालों में कुछ डॉक्टर मरीजों को जेनेरिक दवाईयों की जगह ब्रांडेड दवाईयां लिख रहे है। शिकायत आने पर स्वास्थ्य सचिव ने स्वत संज्ञान लेते हुए ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
स्वास्थ्य सचिव ने डीएचएस को निर्देश जारी कर कमेटी को ग्राउंड लेवल पर जाकर जांच के निर्देश दिए है। मरीजों का ध्यान रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में ब्रांडेड व महंगी दवाईयों की जगह जेनेरिक दवाईयों के मेडिकल स्टोर खोले है।
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ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सस्ते दाम पर अच्छी दवाईयां उपलब्ध करवाई जा सके। लेकिन कुछ डॉक्टर मरीजों को जेनेरिक दवाईयों की जगह ब्रांडेड दवाइयां लिख रहे है, इस पर स्वास्थ्य सचिव ने मरीजों को ब्रांडेड दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ इंक्वायेरी मार्क कर उनके पैरेंटल काडर वापिस भेजे जाने के निर्देश दिए है।
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दरअसल, स्वास्थ्य सचिव के पास शिकायत आई थी कि शहर के सरकारी अस्पतालों में कुछ डॉक्टर मरीजों को जेनेरिक दवाईयों की जगह ब्रांडेड दवाईयां लिख रहे है। शिकायत आने पर स्वास्थ्य सचिव ने स्वत संज्ञान लेते हुए ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
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स्वास्थ्य सचिव ने डीएचएस को निर्देश जारी कर कमेटी को ग्राउंड लेवल पर जाकर जांच के निर्देश दिए है। मरीजों का ध्यान रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में ब्रांडेड व महंगी दवाईयों की जगह जेनेरिक दवाईयों के मेडिकल स्टोर खोले है।
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ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सस्ते दाम पर अच्छी दवाईयां उपलब्ध करवाई जा सके। लेकिन कुछ डॉक्टर मरीजों को जेनेरिक दवाईयों की जगह ब्रांडेड दवाइयां लिख रहे है, इस पर स्वास्थ्य सचिव ने मरीजों को ब्रांडेड दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ इंक्वायेरी मार्क कर उनके पैरेंटल काडर वापिस भेजे जाने के निर्देश दिए है।