फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh has the highest number of fatty liver cases at 53.5 percent.

Chandigarh: चंडीगढ़ में हर दूसरा आदमी को फैटी लीवर की शिकायत, जंक फूड और मोटापा बड़ा कारण

Fri, 13 Oct 2023 08:16 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 13 Oct 2023 08:16 AM IST
सार

आमतौर पर फैटी लीवर के लक्षण शुरुआती दौर में नहीं दिखते है। कई बार अल्ट्रासाउंड या ब्लड जांच के बाद पता चलता है। हालांकि, कई मामलों में जब मरीज का लीवर काफी गंभीर बीमारी से ग्रसित होता है, तब इसकी जानकारी मिलती है।
 

विज्ञापन
Chandigarh has the highest number of fatty liver cases at 53.5 percent.
फैटी लिवर का खतरा - फोटो : iStock

विस्तार

चंडीगढ़ में फैटी लीवर के सबसे अधिक 53.5 प्रतिशत मामले दर्ज हैं। एक शोध के मुताबिक हर दो में से एक आदमी को फैटी लीवर की शिकायत है। इसमें नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर के मामले सबसे अधिक हैं। वहीं, 49.2 प्रतिशत मामलों के साथ दिल्ली दूसरे स्थान पर है। इसका कारण जंक फूड, खराब लाइफ स्टाइल और बढ़ता मोटापा है। 

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Punjab : खरड़ में दिल दहलाने वाली वारदात, नशेड़ी ने भाई-भाभी की हत्या कर दो साल के भतीजे को नहर में फेंका
विज्ञापन


पीजीआई के पूर्व निदेशक पद्मश्री डॉ. योगेश कुमार चावला ने पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित व्याख्यान में बताया कि आमतौर पर फैटी लीवर के लक्षण शुरुआती दौर में नहीं दिखते है। कई बार अल्ट्रासाउंड या ब्लड जांच के बाद पता चलता है। हालांकि, कई मामलों में जब मरीज का लीवर काफी गंभीर बीमारी से ग्रसित होता है, तब इसकी जानकारी मिलती है। इसलिए हमें पेट से संबंधित कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकांश मामलों में लोग शुरुआती दौर में डॉक्टरी जांच नहीं करवाते हैं, जिससे स्थिति गंभीर होती है। कई बार ये बीमारी सिरोसिस तक बढ़ जाती है। सिरोसिस यकृत की कैंसर के बाद सबसे गंभीर बीमारी है। इसका इलाज लीवर प्रत्यारोपण के जरिए ही किया जाता है। स्वस्थ पुरुष के पेट का साइज 90 सेंटीमीटर से कम और महिला का 80 सेंटीमीटर से कम होना चाहिए, इससे अधिक मोटापा होने पर डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

फैटी लीवर के कारण हो सकती है बीमारियां 
  • टाइप 2 डायबिटीज
  • हृदय संबंधी बीमारियां
  • कोलोरेक्टल (बड़ी आंत) कैंसर
  • हाइपो थायराइड
  • पीसीओएस
  • गंभीर किडनी की बीमारी

कम से कम 45 मिनट करें कसरत, रहें स्वस्थ
डॉ. योगेश चावला ने बताया कि 149 अध्ययन का दावा है कि कसरत के जरिए वजन कम कर फैटी लीवर की शिकायत को कम और दूर किया जा सकता है। अब मुद्दा आता है कि कितने समय कसरत करनी चाहिए। एक शोध के अनुसार अगर व्यक्ति एरोबिक एक्सरसाइज 21 मिनट प्रतिदिन करता है तो साल में कोई वजन कम नहीं होता, वहीं 21 से 32 मिनट में 2 से तीन किलो प्रति वर्ष और 32 से 60 मिनट में 5 से सात किलो प्रति वर्ष वजन कम किया जा सकता है इसलिए प्रतिदिन औसतन 45 मिनट कसरत करनी चाहिए, ताकि लीवर में बढ़े फैट को कम किया जा सके या फैट बढ़े ही नहीं। इसके अलावा ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट को भोजन की थाली से हटाने का सुझाव दिया गया और इसकी जगह पर अनसैचुरेटेड फैट लेने के साथ प्रोटीन को आहार में शामिल करने की बात कही गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed