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सीएचबी में कहां अटकी है फाइल.. एक क्लिक पर चलेगा पता
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की विभिन्न शाखाओं में लंबित मामलों की स्थिति का पता लगाने के लिए अब लोगों को सेक्टर-9 स्थित सीएचबी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बोर्ड ने लंबित मामलों को अपनी वेबसाइट पर अपेडट करना शुरू कर दिया है। फिलहाल 31 दिसंबर 2020 तक के लंबित मामलों की सूची भी जारी कर दी गई है।
अब शहरवासी ऑनलाइन ही अपना केस देख सकेंगे और उसकी औपचारिकताएं भी पूरी कर सकेंगे। बोर्ड पिछले साल से ही इस सुविधा को देने की कोशिश कर रहा था। कोरोना वायरस का खतरा अभी भी बरकरार है, इसलिए सीएचबी की कोशिश है कि लोग छोटे-छोटे कामों के लिए बोर्ड परिसर न पहुंचें। बोर्ड ने 31 दिसंबर 2020 तक के जिन लंबित केसों की सूची जारी की है, उनमें संपत्ति का ट्रांसफर, कन्वर्जन, कन्वेंस डीड व ग्राउंड रेंट समेत अन्य कुल 70 के करीब केस शामिल हैं। इस संबंध में बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि पेपर अंडर कंसीडेरेशन (पीयूसी) की नई सूची को उन्होंने वेबसाइट पर अपडेट कर दिया है, ताकि लोगों को यह जानने के लिए बार-बार बोर्ड ऑफिस के चक्कर न लगाने पड़ें कि उनके केस लंबित क्यों हैं। साथ ही केस किस विभाग के पास लंबित पड़ा है, उसकी जानकारी भी दी जा रही है।
सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने में जुटा सीएचबी
सीएचबी अपनी सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने में लगा हुआ है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा पहले ही दी जा चुकी है। साथ ही संपत्ति ट्रांसफर व अन्य केसों के लिए भी ऑनलाइन भुगतान की सुविधा पर बोर्ड काम कर रहा है, जिसे जल्द ही शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा अलॉटियों को बार-बार अपने केसों का स्टेटस जानने के लिए बोर्ड ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। बुजुर्गों व दिव्यांगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों की ये भी शिकायत आ रही थी कि रिसेप्शन पर उन्हें सही जानकारी नहीं दी जाती। पारदर्शिता लाने के लिए लंबित केसों की सूची को ऑनलाइन अपलोड किया गया है। गौरतलब है कि बोर्ड के शहर भर में 62 हजार के करीब फ्लैट्स हैं, जिनके लिए बोर्ड द्वारा ट्रांसफर, कन्वर्जन, कन्वेंस डीड, एनओसी, नीड बेस चेंज व अन्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
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अब शहरवासी ऑनलाइन ही अपना केस देख सकेंगे और उसकी औपचारिकताएं भी पूरी कर सकेंगे। बोर्ड पिछले साल से ही इस सुविधा को देने की कोशिश कर रहा था। कोरोना वायरस का खतरा अभी भी बरकरार है, इसलिए सीएचबी की कोशिश है कि लोग छोटे-छोटे कामों के लिए बोर्ड परिसर न पहुंचें। बोर्ड ने 31 दिसंबर 2020 तक के जिन लंबित केसों की सूची जारी की है, उनमें संपत्ति का ट्रांसफर, कन्वर्जन, कन्वेंस डीड व ग्राउंड रेंट समेत अन्य कुल 70 के करीब केस शामिल हैं। इस संबंध में बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि पेपर अंडर कंसीडेरेशन (पीयूसी) की नई सूची को उन्होंने वेबसाइट पर अपडेट कर दिया है, ताकि लोगों को यह जानने के लिए बार-बार बोर्ड ऑफिस के चक्कर न लगाने पड़ें कि उनके केस लंबित क्यों हैं। साथ ही केस किस विभाग के पास लंबित पड़ा है, उसकी जानकारी भी दी जा रही है।
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सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने में जुटा सीएचबी
सीएचबी अपनी सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने में लगा हुआ है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा पहले ही दी जा चुकी है। साथ ही संपत्ति ट्रांसफर व अन्य केसों के लिए भी ऑनलाइन भुगतान की सुविधा पर बोर्ड काम कर रहा है, जिसे जल्द ही शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा अलॉटियों को बार-बार अपने केसों का स्टेटस जानने के लिए बोर्ड ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। बुजुर्गों व दिव्यांगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों की ये भी शिकायत आ रही थी कि रिसेप्शन पर उन्हें सही जानकारी नहीं दी जाती। पारदर्शिता लाने के लिए लंबित केसों की सूची को ऑनलाइन अपलोड किया गया है। गौरतलब है कि बोर्ड के शहर भर में 62 हजार के करीब फ्लैट्स हैं, जिनके लिए बोर्ड द्वारा ट्रांसफर, कन्वर्जन, कन्वेंस डीड, एनओसी, नीड बेस चेंज व अन्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
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