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ईडब्ल्यूएस दाखिले में मनमानी, प्राइवेट स्कूलों पर ऑडिट विभाग कसेगा शिकंजा
ब्यूरो, अमर उजाला/ चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:20 AM IST
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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ शिक्षा विभाग ने भी जाल बिछाना शुरू कर दिया है। विभाग ने शहर के सभी प्राइवेट स्कूलों का राइट टू एजुकेशन (आरटीई) का ऑडिट कराने का फैसला किया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया जा चुका है। जल्द ही सभी प्राइवेट स्कूलों में ऑडिट टीम जाकर इकोनामिक वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) के तहत बच्चों के दाखिले की पूरी जांच करेगी।
सूत्रों के अनुसार विभाग ने अटॉर्नी जनरल (एजी) को ऑडिट के लिए चिट्ठी भी लिख दी है। शहर करीब 85 प्राइवेट और एडेड स्कूलों में आरटीई लागू करने की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। ऑडिट रिपोर्ट आने पर प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई और एमएचआरडी को शिक्षा विभाग रिपोर्ट भेजेगा।
जानकारी के अनुसार प्राइवेट स्कूलों द्वारा ईडब्ल्यूएस कोटे की 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा रहा है। शहर के प्राइवेट स्कूलों में नियमों के तहत करीब दो हजार बच्चों को हर साल एंट्री लेवल पर ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में दाखिला मिलना चाहिए। लेकिन कई नामी स्कूल आरटीई को फॉलो नहीं कर रहे।
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प्राइवेट स्कूलों की इसी मनमानी पर लगाम कसने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ऑडिट करवाने का फैसला लिया है। ऑडिट को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई हैं। सभी प्राइवेट स्कूलों को एक फॉरमेट भेजा जा रहा है, इसके लिए आरटीई से संबंधित जानकारी को तैयार रखने के लिए कहा गया है।
ऑडिट टीम बारी-बारी से सभी प्राइवेट स्कूलों का दौर कर स्वयं पूरी जानकारी जुटाएगी। स्कूलों की अलॉटमेंट से लेकर अन्य सभी मामलों की जानकारी ऑडिट रिपोर्ट में देनी होगी। ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई और एमएचआरडी को लिखा जाएगा।
जस्टिस मोंगिया की रिपोर्ट का लंबा इंतजार
बेशक शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट करवाकर उन पर कार्रवाई की बात कह रहा है। लेकिन 2013 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा आरटीई को लेकर गठित जस्टिस आरएस मोंगिया की रिपोर्ट तीन वर्ष में भी जमा नहीं हो पाई है। करीब 80 प्राइवेट स्कूलों की जांच रिटायर्ड जस्टिस आरएस मोंगिया को सौंपी गई थी। इंस्पेक्शन के लिए कमीशन को प्रत्येक स्कूल से 50 हजार फीस लेने का आदेश भी कोर्ट ने दिया था। रिपोर्ट पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सौंपी जानी है। इसके बाद शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर कार्रवाई करेगा। मामले में शिक्षा विभाग भी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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सूत्रों के अनुसार विभाग ने अटॉर्नी जनरल (एजी) को ऑडिट के लिए चिट्ठी भी लिख दी है। शहर करीब 85 प्राइवेट और एडेड स्कूलों में आरटीई लागू करने की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। ऑडिट रिपोर्ट आने पर प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई और एमएचआरडी को शिक्षा विभाग रिपोर्ट भेजेगा।
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जानकारी के अनुसार प्राइवेट स्कूलों द्वारा ईडब्ल्यूएस कोटे की 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा रहा है। शहर के प्राइवेट स्कूलों में नियमों के तहत करीब दो हजार बच्चों को हर साल एंट्री लेवल पर ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में दाखिला मिलना चाहिए। लेकिन कई नामी स्कूल आरटीई को फॉलो नहीं कर रहे।
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प्राइवेट स्कूलों की इसी मनमानी पर लगाम कसने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ऑडिट करवाने का फैसला लिया है। ऑडिट को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई हैं। सभी प्राइवेट स्कूलों को एक फॉरमेट भेजा जा रहा है, इसके लिए आरटीई से संबंधित जानकारी को तैयार रखने के लिए कहा गया है।
ऑडिट टीम बारी-बारी से सभी प्राइवेट स्कूलों का दौर कर स्वयं पूरी जानकारी जुटाएगी। स्कूलों की अलॉटमेंट से लेकर अन्य सभी मामलों की जानकारी ऑडिट रिपोर्ट में देनी होगी। ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीएसई और एमएचआरडी को लिखा जाएगा।
जस्टिस मोंगिया की रिपोर्ट का लंबा इंतजार
बेशक शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट करवाकर उन पर कार्रवाई की बात कह रहा है। लेकिन 2013 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा आरटीई को लेकर गठित जस्टिस आरएस मोंगिया की रिपोर्ट तीन वर्ष में भी जमा नहीं हो पाई है। करीब 80 प्राइवेट स्कूलों की जांच रिटायर्ड जस्टिस आरएस मोंगिया को सौंपी गई थी। इंस्पेक्शन के लिए कमीशन को प्रत्येक स्कूल से 50 हजार फीस लेने का आदेश भी कोर्ट ने दिया था। रिपोर्ट पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सौंपी जानी है। इसके बाद शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर कार्रवाई करेगा। मामले में शिक्षा विभाग भी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।