{"_id":"63544f810cc74f2d6344136b","slug":"chandigarh-do-not-burst-crackers-diwali-its-noise-harms-animals-chandigarh-news-pkl4662582132","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली पर पटाखे न चलाएं, इसके शोर से जानवरों को होता है नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली पर पटाखे न चलाएं, इसके शोर से जानवरों को होता है नुकसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। जानवरों को क्रूरता से बचाने के लिए बनाई गई संस्था एसपीसीए ने सेक्टर-38 स्थित एसपीसीए सेंटर में दिवाली के मौके पर लोगों को बेसहारा जानवरों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया। विशेषज्ञों ने कहा कि दिवाली में पटाखे न चलाएं। इसके शोर से जानवरों को नुकसान हो सकता है।
इस मौके पर एसपीसीए और एनिमल अस्बेंडरी की उपप्रधान पालिका अरोड़ा, एसपीसीए के जरनल सेक्रेटरी और एनिमल अस्बेंडरी के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. कनवरजीत सिंह उपस्थित रहे। वहीं पशुओं की सहायता करने वाली संस्थाएं और उनके सदस्य भी मौजूद रहे।
इस मौके पर डॉ. कनवरजीत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम आयोजित करने का मकसद लोगों को यह संदेश देना रहा कि वह दिवाली पर पटाखों का उपयोग न करें क्योंकि पटाखों के शोर का असर बेसहारा जानवरों पर अधिक पड़ता है। पटाखों के शोर से वह डर जाते हैं। वहीं कइयों को इंजरी भी होती है। जानवरों के मन में पटाखों के शोर का डर बैठ जाता है। वहीं विभाग की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर 0172-2696450 भी जारी किया गया। इस लोग फोन कर दिवाली पर जख्म होने वाले जानवरों और पशुओं की जानकारी दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मौके पर एसपीसीए और एनिमल अस्बेंडरी की उपप्रधान पालिका अरोड़ा, एसपीसीए के जरनल सेक्रेटरी और एनिमल अस्बेंडरी के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. कनवरजीत सिंह उपस्थित रहे। वहीं पशुओं की सहायता करने वाली संस्थाएं और उनके सदस्य भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस मौके पर डॉ. कनवरजीत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम आयोजित करने का मकसद लोगों को यह संदेश देना रहा कि वह दिवाली पर पटाखों का उपयोग न करें क्योंकि पटाखों के शोर का असर बेसहारा जानवरों पर अधिक पड़ता है। पटाखों के शोर से वह डर जाते हैं। वहीं कइयों को इंजरी भी होती है। जानवरों के मन में पटाखों के शोर का डर बैठ जाता है। वहीं विभाग की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर 0172-2696450 भी जारी किया गया। इस लोग फोन कर दिवाली पर जख्म होने वाले जानवरों और पशुओं की जानकारी दे सकते हैं।
विज्ञापन