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चंडीगढ़ जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल का निधन, जाने माने मनोचिकित्सक कैंसर से हारे जिंदगी की जंग
Fri, 04 Dec 2020 10:04 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 04 Dec 2020 10:04 AM IST
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चंडीगढ़ जीएससीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो. डॉ. बीएस चवन।
- फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल और जाने माने मनोचिकित्सक प्रो. डॉ. बीएस चवन का देर रात निधन हो गया। वे कैंसर से पीड़ित थे और जीएमसीएच-32 में ही उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने अस्पताल में ही अपनी अंतिम सांस ली। पिछले एक सप्ताह से वे वेंटिलेटर पर थे। अस्पताल के प्रशासनिक प्रवक्ता अनिल मोदगिल ने बताया कि देर रात उनकी तबीयत बिगड़ी और रात ढाई बजे उनका निधन हो गया।
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डॉ. चवन प्रसिद्ध मनोचिकित्सक थे और चंडीगढ़ में मनोरोगियों की दिशा में जितने कार्य होते थे उनमें डॉ. चवन की भूमिका अहम रहती थी। उन्होंने गवर्नमेंट रिहैबिलिटेशन इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटी सेक्टर 31 और मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट सेक्टर 32 का प्रभार भी संभाला। वह पिछले 24 साल से मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख के रूप में भी काम कर रहे थे।
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1996 में जीएमसीएच ज्वाइन करने से पहले डॉ. चवन ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में आठ साल काम किया। डॉ. चवन ने 1987 में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ से मनोरोग का अध्ययन किया और 1998 में ऑस्ट्रेलिया से सामुदायिक मनोचिकित्सा में विश्व स्वास्थ्य संगठन फैलोशिप प्राप्त की।
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कोरोना के खिलाफ कदम उठाने में निभाई सक्रिय भूमिका : बदनौर
जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर डॉ. बीएस चवन के निधन पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, उनके सलाहकार मनोज परिदा समेत सभी अधिकारियों ने शोक व्यक्त किया। प्रशासक ने डॉ. चवन को एक समर्पित चिकित्सक के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि बीमारी के बावजूद डॉ. चवन ने सभी कोरोना वायरस रणनीतियों में सक्रिय रूप से भूमिका निभाई और अंतिम सांस तक काम किया। जब वह अस्पताल में भर्ती थे, तब भी वे अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे।
बदनौर ने कहा कि शहर उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और दिव्यांग व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए हमेशा याद रखेगा। प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने डॉ. चवन के आकस्मिक निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि देश ने एक योग्य व्यक्ति को खो दिया है। उन्होंने इसे एक निजी क्षति बताया। परिदा ने कहा कि वह डॉ. चवन को एक अच्छे सज्जन के रूप में जानते थे। जीएमसीएच-32 के मेडिकल कॉलेज की सीटों को बढ़ाने में उनका काफी योगदान रहा है। परिदा ने कहा कि चंडीगढ़ के लोग डॉ. चवन को हमेशा याद रखेंगे।