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चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस हादसा: चंडीगढ़ की ईशा यादव ने दिखाई दिलेरी, दादी और पांच बच्चों को बचाया

Fri, 19 Jul 2024 11:24 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 19 Jul 2024 11:24 AM IST
सार

गोंडा रेलवे स्टेशन से गोरखपुर वाया डिब्रूगढ़ जा रही चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) की 14 बोगियां पटरी से उतरकर पलट गईं थीं। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 34 घायल हैं। 

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Chandigarh-Dibrugarh Express derailed, Isha Yadav showed courage
ट्रेन हादसा - फोटो : amar ujala

विस्तार

गोंडा रेलवे स्टेशन से गोरखपुर वाया डिब्रूगढ़ जा रही चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) की 14 बोगियां वीरवार को पटरी से उतरकर पलट गईं थीं। इस हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई है।

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इसी ट्रेन में चंडीगढ़ सेक्टर-39 की रहने वाली ईशा यादव अपनी दादी के साथ सफर कर रही थीं। उन्होंने हादसे की भयावहता को बयान किया। ईशा ने बताया कि दोपहर बाद करीब 2.40 बजे चलती ट्रेन अचानक पलट गई। सभी ओर चीख पुकार मच गई। सभी एक-दूसरे पर गिर गए थे। ऊपर की सीट से मेरे ऊपर लोग गिरे थे। मेरा कोच बी-1 भी पलट गया था। मेरी दादी मेरे साथ थी। कोच जहां पलटा वहां पानी और कीचड़ भरा था। कोच के शीशे तोड़कर सभी को निकला जा रहा था। जब मैं बाहर निकली तो देखा दादी नहीं है। मैं दोबारा हिम्मत कर कोच के अंदर गई और दादी को निकाला। दादी का पैर सीट में फंसा हुआ था। दादी को निकालने के बाद पांच बच्चों को भी निकाला। 

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बताया घटनास्थल का हाल

उस ट्रेन में उनका लगेज भी छूट गया है। उसमें कुछ कपड़े, पासबुक और करीब 3000 रुपये हैं। इशा ने आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि मौके पर अफरा तफरी मच गई थी। ट्रेन से कुछ सामान निकाला और कुछ रह गया है। पुलिस के लोगों ने मेरा नाम और पता लिखा है। यह कहा गया है कि आपका सामान मिल जाएगा। अभी रेलवे प्रशासन पास के कटरा स्टेशन ने लाया है। ट्रेन से अयोध्या पहुंचेंगे। वहां से घर के लोग गाड़ी लेकर आएंगे और फिर घर जाएंगे। 

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कुशीनगर जा रही थीं दादी-पोती

सेक्टर- 39 निवासी शंभू यादव ने बताया कि उनका घर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गांव रामपुर सोरौना है। मां उनके पास रहती है। वह घर जाना चाह रही थी। उन्हें छुटटी नहीं मिली तो उनकी बेटी ईशा अपनी दादी को पहुंचाने गई थी। 



बुधवार की रात समय से ट्रेन चंडीगढ़ से रवाना हो गई थी। ट्रेन दुर्घटना होने के बाद बेटी का घटना स्थल से फोन आया कि पापा बचा लो, उसके बाद फोन कट गया। मन में कई आशंकाएं होने लगी। फिर दोबारा फोन आया कि ट्रेन एक्सीडेंट हो गया है। दादी को चोट लगी है और हम सभी सुरक्षित हैं, तब जान में जान आई।

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