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पुलिसकर्मियों ने एएसआई पर लगाया लाखों की धोखाधड़ी का आरोप
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चंडीगढ़। यूटी पुलिस के एएसआई यशपाल और हवलदार राजेश ने एएसआई समेत दो लोगों पर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। दोनों पुलिस कर्मियों ने एसएसपी कुलदीप चहल से मिलकर एएसआई राजेश और दड़वा निवासी नितिन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस कर्मियों ने आरोपियों के खिलाफ एसएसपी विंडो पर भी शिकायत दी है। पीड़ित हवलदार राजेश के पास एक छह मिनट की रिकॉर्डिंग भी है, जिसमें एक करोड़ 23 लाख रुपये के लेनदेन की बात हो रही है। हवलदार राजेश ने बताया कि वह तीनों सिक्योरिटी विंग में मुंशी स्टाफ में नौकरी करते थे।
सेक्टर-20 निवासी पीड़ित एएसआई यशपाल ने बताया कि आरोपी एएसआई राजेश के साथ नितिन बंसल सेक्टर-29 सिक्योरिटी लाइन में मिलने आता था। राजेश ने कहा था कि नितिन उसका भरोसे बंद व्यक्ति है और वह दोनों मिलकर फाइनेंस का काम करते हैं। आरोप है कि एसआई राजेश ने कहा था कि पुलिस में होने के कारण वह खुद फाइनेंस का काम नहीं कर सकता। राजेश ने उससे पांच प्रतिशत ब्याज पर रुपये लगाने के लिए कहा। उसने एएसआई राजेश को सात लाख रुपये दे दिए। जिसका रिकॉर्ड भी उसके पास है। आरोपी नितिन बंसल का उसके घर आना जाना था। उसने अपनी बेटी के लिए 80 हजार रुपये का आईफोन खरीदा था, जो ड्राइंग रूम में रखा था। वहां से मोबाइल भी चोरी हो गया। जानकार ने बताया कि इस तरह का मोबाइल नितिन बंसल के पास है।
हवलदार से 6 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
सिक्योरिटी विंग में तैनात हवलदार राजेश कुमार ने बताया कि उसकी बहन पूजन की कोरोना से रोहतक पीजीआई में मौत हो गई थी। उसका परिवार मानसिक रूप से परेशानी था। बहन पूनम रोहतक में अपना नया मकान बना रही थी, जो वर्तमान में भी नहीं बन पाया है। एएसआई राजेश कुमार को पता था कि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। आरोप है कि एएसआई राजेश कुमार ने नितिन बंसल के साथ मिलकर उससे 5 लाख 90 हजार 500 रुपये की ठगी की। एएसआई राजेश खुद पीछे रहता है और नितिन बंसल को आगे करके धोखाधड़ी करता है। एएसआई राजेश कुमार अपने हिस्से की रकम नितिन बंसल से नकद लेता है। यदि उसके पास नकद न हो तो बंसल के बेटे के खाते से रुपये ट्रांसफर करवाता है। हवलदार ने कहा कि उसके पास एक ऑडियो रिकॉर्डिंग है। जिसे सुनने से स्पष्ट हो जाएगा कि नितिन बंसल और एएसआई राजेश कुमार शातिर ठग हैं। हवलदार ने शिकायत में बताया कि ऑडियो क्लिप में एएसआई राजेश साफ कह रहा है कि 95 लाख व 28 लाख रुपये दोनों खाएंगे।
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बेटे की नौकरी लगवाने के लिए दिए थे रुपये
उधर, जब आरोपी एएसआई राजेश कुमार से बात की गई तो उसने कहा कि एएसआई यशपाल ने अपने बेटे की हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के लिए रुपए दिए थे। हवलदार राजेेश को उसने फाइनेंस पर रुपये लगाने के लिए मना किया था। उसने कब, किसे और कहां रुपये दिए इसकी कोई जानकारी नहीं है। मेरे और परिवार के किसी भी खाते में रुपये ट्रांसफर नहीं हुए हैं।
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सेक्टर-20 निवासी पीड़ित एएसआई यशपाल ने बताया कि आरोपी एएसआई राजेश के साथ नितिन बंसल सेक्टर-29 सिक्योरिटी लाइन में मिलने आता था। राजेश ने कहा था कि नितिन उसका भरोसे बंद व्यक्ति है और वह दोनों मिलकर फाइनेंस का काम करते हैं। आरोप है कि एसआई राजेश ने कहा था कि पुलिस में होने के कारण वह खुद फाइनेंस का काम नहीं कर सकता। राजेश ने उससे पांच प्रतिशत ब्याज पर रुपये लगाने के लिए कहा। उसने एएसआई राजेश को सात लाख रुपये दे दिए। जिसका रिकॉर्ड भी उसके पास है। आरोपी नितिन बंसल का उसके घर आना जाना था। उसने अपनी बेटी के लिए 80 हजार रुपये का आईफोन खरीदा था, जो ड्राइंग रूम में रखा था। वहां से मोबाइल भी चोरी हो गया। जानकार ने बताया कि इस तरह का मोबाइल नितिन बंसल के पास है।
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हवलदार से 6 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
सिक्योरिटी विंग में तैनात हवलदार राजेश कुमार ने बताया कि उसकी बहन पूजन की कोरोना से रोहतक पीजीआई में मौत हो गई थी। उसका परिवार मानसिक रूप से परेशानी था। बहन पूनम रोहतक में अपना नया मकान बना रही थी, जो वर्तमान में भी नहीं बन पाया है। एएसआई राजेश कुमार को पता था कि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। आरोप है कि एएसआई राजेश कुमार ने नितिन बंसल के साथ मिलकर उससे 5 लाख 90 हजार 500 रुपये की ठगी की। एएसआई राजेश खुद पीछे रहता है और नितिन बंसल को आगे करके धोखाधड़ी करता है। एएसआई राजेश कुमार अपने हिस्से की रकम नितिन बंसल से नकद लेता है। यदि उसके पास नकद न हो तो बंसल के बेटे के खाते से रुपये ट्रांसफर करवाता है। हवलदार ने कहा कि उसके पास एक ऑडियो रिकॉर्डिंग है। जिसे सुनने से स्पष्ट हो जाएगा कि नितिन बंसल और एएसआई राजेश कुमार शातिर ठग हैं। हवलदार ने शिकायत में बताया कि ऑडियो क्लिप में एएसआई राजेश साफ कह रहा है कि 95 लाख व 28 लाख रुपये दोनों खाएंगे।
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बेटे की नौकरी लगवाने के लिए दिए थे रुपये
उधर, जब आरोपी एएसआई राजेश कुमार से बात की गई तो उसने कहा कि एएसआई यशपाल ने अपने बेटे की हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के लिए रुपए दिए थे। हवलदार राजेेश को उसने फाइनेंस पर रुपये लगाने के लिए मना किया था। उसने कब, किसे और कहां रुपये दिए इसकी कोई जानकारी नहीं है। मेरे और परिवार के किसी भी खाते में रुपये ट्रांसफर नहीं हुए हैं।