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Chandigarh News: मुंबई प्रोजेक्ट के नाम पर चंडीगढ़ की कंपनी से 68 करोड़ की ठगी
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चंडीगढ़। मुंबई में प्रोजेक्ट शुरू कराने के नाम पर चंडीगढ़ की एक कंपनी से 68 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एसिक्स बायोसाइंसेज लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि गगन अग्रवाल की शिकायत पर मुंबई और दुबई के तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों में मुंबई निवासी मीनाक्षी किशोर मेहता और दुबई निवासी निलय किशोर मेहता व रुशिना मेहता शामिल हैं। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2023 में कंपनी मुंबई में कारोबार विस्तार की योजना बना रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने खुद को ट्रू कैप फाइनेंस लिमिटेड और विल्सन होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए संपर्क किया।
आरोप है कि मुंबई के अंधेरी ईस्ट स्थित संपत्ति के विकास के लिए 6 मार्च 2024 को संयुक्त विकास समझौता कराया गया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि ब्याज-मुक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट ट्रस्ट में सुरक्षित रहेगी और केवल प्रोजेक्ट के लिए ही इस्तेमाल होगी।
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इन दावों पर भरोसा कर कंपनी ने मार्च 2024 में अपने चंडीगढ़ स्थित एचडीएफसी बैंक खाते से 68 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जो मीनाक्षी मेहता के निजी खाते में जमा हुए। बाद में न तो प्रोजेक्ट शुरू हुआ और न ही रकम लौटाई गई। पुलिस के मुताबिक राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर कर अलग-अलग कंपनियों में डायवर्ट किया गया। मामले की गहन जांच जारी है।
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पुलिस के अनुसार आरोपियों में मुंबई निवासी मीनाक्षी किशोर मेहता और दुबई निवासी निलय किशोर मेहता व रुशिना मेहता शामिल हैं। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2023 में कंपनी मुंबई में कारोबार विस्तार की योजना बना रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने खुद को ट्रू कैप फाइनेंस लिमिटेड और विल्सन होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए संपर्क किया।
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आरोप है कि मुंबई के अंधेरी ईस्ट स्थित संपत्ति के विकास के लिए 6 मार्च 2024 को संयुक्त विकास समझौता कराया गया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि ब्याज-मुक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट ट्रस्ट में सुरक्षित रहेगी और केवल प्रोजेक्ट के लिए ही इस्तेमाल होगी।
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इन दावों पर भरोसा कर कंपनी ने मार्च 2024 में अपने चंडीगढ़ स्थित एचडीएफसी बैंक खाते से 68 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जो मीनाक्षी मेहता के निजी खाते में जमा हुए। बाद में न तो प्रोजेक्ट शुरू हुआ और न ही रकम लौटाई गई। पुलिस के मुताबिक राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर कर अलग-अलग कंपनियों में डायवर्ट किया गया। मामले की गहन जांच जारी है।