{"_id":"638d01edac464b5ba64dad55","slug":"chandigarh-buses-run-at-night-breaking-rules-74-challans-in-november-traffic-rule-chandigarh-news-pkl4703338200","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: अब तेज रफ्तार बसों पर यातायात विभाग की नजर, नवंबर में रात में नियम तोड़ दौड़ती 74 बसों का चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: अब तेज रफ्तार बसों पर यातायात विभाग की नजर, नवंबर में रात में नियम तोड़ दौड़ती 74 बसों का चालान
Mon, 05 Dec 2022 08:30 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Dec 2022 08:30 AM IST
सार
यातायात पुलिस की ओर से बताया गया कि दोपहर में चौराहों पर पुलिसकर्मी होते हैं इसलिए सरकारी बस चालक आराम से गाड़ी चलाते हैं लेकिन रात में वह बाहर की बसों का नंबर होने का फायदा उठाते हैं और तेज रफ्तार में रेड लाइट को भी तोड़कर निकल जाते हैं।
विज्ञापन
रात में नियम तोड़ दौड़ रही बसों का काटा जा रहा चालान
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ में तेज रफ्तार दौड़ने वाली सरकारी बसों पर यातायात विभाग की नजर है। नवंबर माह में विशेष अभियान चलाकर यातायात पुलिस ने ऐसी 74 बसों का चालान काटा है। इनमें सीटीयू की 15, पंजाब रोडवेज की आठ, हरियाणा रोडवेज की आठ, हिमाचल रोडवेज की 26 बसों के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड रोडवेज व निजी 17 बसें शामिल हैं।
यातायात पुलिस की ओर से बताया गया कि दोपहर में चौराहों पर पुलिसकर्मी होते हैं इसलिए सरकारी बस चालक आराम से गाड़ी चलाते हैं लेकिन रात में वह बाहर की बसों का नंबर होने का फायदा उठाते हैं और तेज रफ्तार में रेड लाइट को भी तोड़कर निकल जाते हैं। इसके बाद विभाग ने टीम बनाकर विशेष नाके लगाए और दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र, डार्क स्पॉट और खतरनाक मोड़ पर पुलिकर्मियों को तैनात किया। उसके बाद नियम तोड़ने पर चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों की बसों का चालान किया गया।
ऑनलाइन चालान में राज्यवार बसों का डाटा उपलब्ध नहीं
सेक्टर-49 निवासी चिराग अग्रवाल ने बताया कि उनकी गाड़ी का एक माह में छह बार चालान हुआ। इससे परेशान होकर उन्होंने एक आरटीआई डाली और पूछा कि यातायात विभाग ने कितनी सरकारी बसों का चालान किया है, इसकी राज्यवार जानकारी दी जाए। 10 अगस्त को यातायात विभाग ने बताया कि सरकारी बसों के चालान होते हैं लेकिन राज्यवार जवाब देना संभव नहीं क्यों कि ई-चालान में यह प्रावधान ही नहीं है। जवाब से संतुष्ट न होने पर उन्होंने दोबारा अपील की। एसएसपी यातायात मनीषा चौधरी ने अपील के दौरान उन्हें बताया कि सरकारी बसों के चालान की जानकारी का आप क्या करेंगे और हमारे पास अलग-अलग राज्यों का ब्योरा नहीं है।
विज्ञापन
नौनिहालों की सुरक्षा का ख्याल, 109 स्कूली बसों के भी चालान
विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर नवंबर माह में चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने स्कूल बसों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया, जिसमें यातायात नियम तोड़ने पर विभिन्न स्कूलों की 109 बसों का भी चालान किया गया। सुबह के समय पुलिस ने विशेष नाके लगाकर इन बसों के चालान काटे ताकि विद्यार्थियों को लेकर जा रहे बस चालक सुरक्षित तरीके से वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।
निजी बसों पर एसटीए नहीं कस पा रहा शिकंजा
दूसरी ओर बुड़ैल और मोहाली सीमा पर धड़ल्ले से निजी बस संचालक सवारियां लेकर आ रहे हैं और ले जा रहे हैं लेकिन उन पर शिकंजा कसने में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) पूरी तरह नाकाम रहा है। निजी बस संचालकों की ओर से वहां टिकट काउंटर तक बना दिए गए हैं। जानकारी होने के बावजूद विभाग के अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं। इसका फायदा निजी बस संचालक धड़ल्ले से उठाते हैं।
विज्ञापन
यातायात पुलिस की ओर से बताया गया कि दोपहर में चौराहों पर पुलिसकर्मी होते हैं इसलिए सरकारी बस चालक आराम से गाड़ी चलाते हैं लेकिन रात में वह बाहर की बसों का नंबर होने का फायदा उठाते हैं और तेज रफ्तार में रेड लाइट को भी तोड़कर निकल जाते हैं। इसके बाद विभाग ने टीम बनाकर विशेष नाके लगाए और दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र, डार्क स्पॉट और खतरनाक मोड़ पर पुलिकर्मियों को तैनात किया। उसके बाद नियम तोड़ने पर चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों की बसों का चालान किया गया।
विज्ञापन
ऑनलाइन चालान में राज्यवार बसों का डाटा उपलब्ध नहीं
सेक्टर-49 निवासी चिराग अग्रवाल ने बताया कि उनकी गाड़ी का एक माह में छह बार चालान हुआ। इससे परेशान होकर उन्होंने एक आरटीआई डाली और पूछा कि यातायात विभाग ने कितनी सरकारी बसों का चालान किया है, इसकी राज्यवार जानकारी दी जाए। 10 अगस्त को यातायात विभाग ने बताया कि सरकारी बसों के चालान होते हैं लेकिन राज्यवार जवाब देना संभव नहीं क्यों कि ई-चालान में यह प्रावधान ही नहीं है। जवाब से संतुष्ट न होने पर उन्होंने दोबारा अपील की। एसएसपी यातायात मनीषा चौधरी ने अपील के दौरान उन्हें बताया कि सरकारी बसों के चालान की जानकारी का आप क्या करेंगे और हमारे पास अलग-अलग राज्यों का ब्योरा नहीं है।
विज्ञापन
नौनिहालों की सुरक्षा का ख्याल, 109 स्कूली बसों के भी चालान
विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर नवंबर माह में चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने स्कूल बसों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया, जिसमें यातायात नियम तोड़ने पर विभिन्न स्कूलों की 109 बसों का भी चालान किया गया। सुबह के समय पुलिस ने विशेष नाके लगाकर इन बसों के चालान काटे ताकि विद्यार्थियों को लेकर जा रहे बस चालक सुरक्षित तरीके से वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।
निजी बसों पर एसटीए नहीं कस पा रहा शिकंजा
दूसरी ओर बुड़ैल और मोहाली सीमा पर धड़ल्ले से निजी बस संचालक सवारियां लेकर आ रहे हैं और ले जा रहे हैं लेकिन उन पर शिकंजा कसने में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) पूरी तरह नाकाम रहा है। निजी बस संचालकों की ओर से वहां टिकट काउंटर तक बना दिए गए हैं। जानकारी होने के बावजूद विभाग के अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं। इसका फायदा निजी बस संचालक धड़ल्ले से उठाते हैं।