फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh : BJP upset over rebellion inside party

चंडीगढ़ मेयर चुनाव : बाहरी से ज्यादा अंदरूनी बगावत से परेशान भाजपा, सोशल मीडिया पर फूट रहा नेताओं का गुस्सा  

Wed, 06 Jan 2021 12:00 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 06 Jan 2021 12:00 PM IST
विज्ञापन
Chandigarh : BJP upset over rebellion inside party
चंडीगढ़ में मेयर पद के लिए नाम की घोषणा होते ही भाजपा में बगावत शुरू हो गई थी। - फोटो : फाइल फोटो

चंडीगढ़ मेयर चुनाव के नामांकन के दिन भाजपा में हुई बगावत का जितना शोर बाहर मच रहा है, उससे कहीं ज्यादा पार्टी के अंदर इसकी गूंज सुनाई दे रही है। जो नेता खुलकर कुछ नहीं बोल पा रहे हैं, वह व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक के जरिए अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। अपने चहेतों को टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा में महत्वपूर्ण पद बैठे एक नेता ने यहां तक कह दिया कि ‘अपात्र काजू खा रहे हैं और जो पात्र थे वह इंतजार कर रहे हैं’।

विज्ञापन


मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के प्रत्याशियों के नाम के एलान के बाद भाजपा में सिर्फ दो नेता ही खुलकर पार्टी के विरोध में बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन ऐसे नेताओं की संख्या ज्यादा है जो बाहर तो कुछ भी नहीं बोल रहे हैं लेकिन अंदर-अंदर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को खूब कोस रहे हैं। खुलकर नहीं बोल पाने के पीछे उनकी कई राजनीतिक वजहें हैं। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें -  चंडीगढ़ मेयर चुनाव : भाजपा में क्रॉस वोटिंग का खतरा टला, अब नाराज पार्षदों को वोट के लिए निगम तक लाना चुनौती
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी के एक नाराज नेता ने बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता कहते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं। वादा किसी और नेता से करते हैं और निभाते किसी और नेता के साथ हैं। इसलिए भाजपा में हर साल बगावत होती है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान को वही रिपोर्ट दी जाती है, जो कुछ नेता चाहते हैं। इसलिए बगावत करके ही आवाज को उठाया जाता है। 

पार्टी में एक महत्वपूर्ण पद पर बैठे नेता ने फेसबुक पर लिखा कि अपात्र काजू खाने लग रहे हैं और जो पात्र थे वह इंतजार कर रहे हैं। वह यहीं नहीं रुके आगे एक अन्य फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि, उन्हें लगता है कि तमाम संगठन की जिम्मेदारी से मुक्ति पाने का समय अब आ गया है। इस पर उन्होंने अपने फेसबुक के दोस्तों से राय मांगी। लोगों की भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इंतजार करने को कहा, जबकि कुछ ने संयम बरतने की सलाह दी। हालांकि कुछ घंटों बाद इन दोनों पोस्ट को हटा दिया गया।


यह भी पढ़ें - चंडीगढ़ : बागी चंद्रावती शुक्ला को बड़ा झटका, नामांकन हुआ रद्द, भाजपा को बड़ी राहत

सिर्फ नेता ही नहीं, कुछ राज्यों के संगठन पदाधिकारी भी खफा
मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के प्रत्याशियों के एलान से सिर्फ भाजपा के नेता ही नाराज नहीं है, बल्कि कुछ राज्यों के संगठन के पदाधिकारी भी खफा है। वह खुलकर कुछ नहीं बोल पा रहे हैं लेकिन अपने संगठन के अंदर और उनके अपने व्हाट्सएप ग्रुप में मंगलवार को पूरे दिन बयानबाजी होती रही। 

एक संगठन के ग्रुप में यह चर्चा चलती रही कि उनके नेता को हर बार धोखा दिया जाता है। कभी टिकट देकर हरवा दिया जाता है, तो कभी वादा करके नेता मुकर जाते हैं। पूर्वांचल के ग्रुपों में भी दिनभर इसी बात की चर्चा रही। किसी भी नेता व संस्था द्वारा खुलकर नहीं बोलने के पीछे बड़ा कारण इस वर्ष के आखिर में होने वाले नगर निगम चुनाव हैं। भाजपा के नेताओं को मालूम है कि अगर वह खुलकर बगावत करते हैं तो नगर निगम चुनाव में टिकट पाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। ऐसे में वह इतना बड़ा रिस्क नहीं लेना चाहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed