चंडीगढ़ : बागी चंद्रावती शुक्ला को बड़ा झटका, नामांकन हुआ रद्द, भाजपा को बड़ी राहत
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नियम के मुताबिक, एक पार्षद एक से अधिक नाम को प्रस्तावित नहीं कर सकता। इसलिए चंद्रावती शुक्ला का नामांकन रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच के समय सभी दलों को बुलाया था। इसमें भाजपा मेयर उम्मीदवार रविकांत शर्मा भी उपस्थित रहे।
नामांकन पत्रों की जांच के समय जब मेयर पद की उम्मीदवार चंद्रावती शुक्ला का नामांकन रद्द किया गया तो कांग्रेस से मेयर पद के उम्मीदवार देवेंद्र सिंह बबला ने रिटर्निंग अफसर अनिल गर्ग से कहा कि वह चंद्रावती शुक्ला की जगह उनका नामांकन रद्द कर दें लेकिन उनकी इस बात का कोई असर नहीं हुआ। बाद में बबला ने कहा भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग किया है। अफसरशाही पर दबाव बनाकर चंद्रावती शुक्ला का नामांकन रद्द करवाया गया है।
उधर, नामांकन रद्द होने से चंद्रावती शुक्ला और उनकी समर्थक कांग्रेस पार्टी को जोरदार झटका लगा है। वहीं, भाजपा को बड़ी राहत मिल गई है। अब भाजपा को क्रॉस वोटिंग का खतरा नहीं है। वहीं, पार्टी इस बात को लेकर भी आश्वस्त है कि बागी पार्षद चंद्रावती शुक्ला और भरत कुमार को मना लिया जाएगा। साथ ही यह तय हो गया है कि अब मेयर चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर होगी।
देखना यह होगा कि कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी देवेंद्र सिंह बबला अपनी ओर कितने पार्षदों को ला सकते हैं। बता दें कि चंद्रावती शुक्ला के नामांकन के बाद कांग्रेस ने उन्हें समर्थन का वादा किया था। इससे चंद्रावती शुक्ला हो हौसला काफी बढ़ गया था। लेकिन अब कांग्रेस को खुद ही अकेले लड़ना होगा।
कड़ी टक्कर होगी, रणनीति का खुलासा नहीं : बबला
कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी देवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि वह भाजपा को कड़ी टक्कर देंगे। इसके लिए खास रणनीति तैयार की गई है, हालांकि वह अभी इसका खुलासा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि उनके पास कई लोगों के फोन आए हैं। साथ ही जो फोन नहीं कर सकते वे दूसरे माध्यम से बात कर रहे हैं। बबला ने दावा किया कि जीत कांग्रेस की ही होगी। हम सभी के साथ संपर्क में हैं।
अपनों से बात कर तय करेंगे आगे की रणनीति : पप्पू शुक्ला
नामांकन रद्द होने के बाद चंद्रावती शुक्ला के पति गोपाल शुक्ला उर्फ पप्पू शुक्ला का कहना है कि उनका नामांकन जानबूझकर रद्द किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पास जीत से अधिक पार्षदों का समर्थन है। हमारी जीत के डर से नामांकन रद्द करवाया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित हमें 15 पार्षदों का समर्थन था। उन्होंने कहा कि हम अपने लोगों से बात कर अगली रणनीति तय करेंगे।