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'PFA ने मुझ पर दर्ज कराया झूठा केस, मंथली वसूलते थे'

Sun, 28 Feb 2016 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 28 Feb 2016 09:07 AM IST
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chandigarh beaf shop owner sonu allegation on PFA officer

चंडीगढ़ के एक दुकानदार ने पीपुल फॉर एनिमल(पीएफए) के कर्मचारी पर झूठा केस दर्ज कराने और मंथली वसूलने का आरोप लगाया है। सेक्टर-20 आजाद मार्केट में मीट की दुकान चलाने वाले व्यक्ति सोनू ने सेक्टर-27 प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता में आरोपी पर ये आरोप लगाए।

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सोनू सेक्टर-20 आजाद मार्केट में शीना पेट शॉप नामसे दुकान चलाता है। प्रेस कांफ्रेंस में  सोनू ने बताया कि 25 मई 2013 को उसकी दुकान में चार लोग आए। उनमें से एक व्यक्ति ने बताया कि वे लोग पीएफए से हैं। हम यहां आपकी दुकान चेक करने आए हैं।
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गौरव ने कहा कि उसकी दुकान में कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी पिंजरे में बंद हैं। ऐसे पक्षियों को पिंजरे में रखना क्रुरता के दायरे में आता है। सोनू ने बताया कि उसने दलील दी कि वह जीवों का ख्याल रखता है। इस दुकान के चलाने का प्रशासन से अनुमति ली है।
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दुकानदार ने आरोप लगाया कि सभी दस्तावेज होने के बावजूद पीएफए टीम ने दबाव बनाकर सेक्टर-19 थाना पुलिस से मामला दर्ज करवा दिया। इसके बाद पीएफए की टीम ने उसके सभी पक्षियों को सेक्टर-11 स्थित पीएफए ऑफिस उठा ले गई।

दुकानदार ने बताया कि इसके बाद उसने इस एफआईआर के खिलाफ जिला अदालत में गुहार लगाई। 30 मई 2013 को अदालत ने इस मामले में उसको क्लीन चिट देते हुए पीएफए को सभी पक्षी वापस सौंपने का आदेश दिया। अगले दिन जब वह पीएफए दफ्तर में पक्षियों को लेने गया तो उसमें से 33 पक्षी गायब थे और एक मरा पड़ा था।

सोनू ने आरोप लगाया कि इस पर सवाल पूछने जाने के बाद पीएफए के कर्मचारियों ने जवाब भी नहीं दिया। इसके बाद उसने पीएफए की इस कार्रवाई के खिलाफ अदालत में केस डाल दिया। इसके बाद अदालत ने पीएफए कर्मचारियों गौरव गुप्ता, चेतन शर्मा, पायल सोढी व दीपिका को समन जारी किया। इस केस पर अभी तक सुनवाई चल रही है।

सोनू ने आरोप लगाया कि इस केस को वापस लेने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा है। इसी खुन्नस में पीएफए द्वारा उसके खिलाफ नोएडा के एक थाने में एनिमल एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया। आरोप लगाया गया कि मेरे यहां से नोएडा स्थित एक दुकान में बत्तखों व अन्य दुर्लभ प्रजाति के जीव जन्तुओं की सप्लाई की जाती है।

उसने कहा कि इस मामले में भी उसने खुद को निर्दोष साबित किया। लेकिन, बाद में पीएफए ने उस पर आगरा (यूपी) में केस दर्ज करवाया। वहां आरोप लगा कि एक ट्रक को पीएफए ने पुलिस के साथ पकड़ा है। इस ट्रक में करीब 19 सौ बत्तखें गैरकानूनी तरीके से मेरठ सप्लाई की जा रही थीं। ट्रक ड्राइवर ने कबूला था किये बत्तखें चंडीगढ़ निवासी सोनू की हैं।


सोनू द्वारा लगाए सभी आरोप झूठे हैं। पीएफए ने अपनी बनती कार्रवाई के तहत पुलिस में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने पूरी जांच के बाद केस दर्ज किया था। वहीं, आगरा में पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में सोनू का नाम लिया था।
- गौरव शर्मा, कर्मचारी, पीपुल फॉर एनिमल(पीएफए)

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